इस साल का नोबेल शांति पुरस्कार एंटी केमिकल वारफेयर ग्रुप ओपीसीडब्ल्यू को दिया जाएगा। नॉर्वे की राजधानी ऑस्लो में इस पुरस्कार का ऐलान हुआ। 2013 के नोबेल शांति पुरस्कार के लिए 259 लोगों का नामांकन हुआ था। नोबेल पुरस्कार पाने की होड़ में तालिबान हमले में जिंदगी की जंग जीत चुकी पाकिस्तान की मलाला यूसुफजई और बलात्कार पीड़िताओं के मददगार कांगो के डॉक्र डेनिस मुकवेगे भी शामिल थे।
ओपीसीडब्ल्यू यानी ऑर्गेनाइजेशन फॉर द प्रोबिहेशन ऑफ केमिकल वीपन्स ने दुनियाभर में रासायनिक हथियारों को खत्म करने में अहम भूमिका निभाई है। प्रथम (1914-18) और द्वितीय विश्वयुद्ध (1939-45) के दौरान रासायनिक हथियारों का जमकर इस्तेमाल हुआ था। इससे व्यापक स्तर पर जानमाल की हानि हुई थी।इसलिए वैश्विक स्तर पर ऐसे मंच बनाने की वकालत शुरू हुई जो इन हथियारों को खत्म करने के दिशा में कदम उठाए। जिनेवा सम्मेलन (1925) में इसका गठन हुआ था। इस संगठन में कई देश शामिल हैं। हाल ही में सीरिया में सैन्य संघर्ष के दौरान रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल किया गया। इससे सैकडो लोगों की जान चली गई थी।
सीरिया को रासायनिक हथियार नष्ट करने के लिए मनाने में ओपीसीडब्ल्यू और रूस की अहम भूमिका रही। हालांकि इन प्रयासों के बावजूद अभी भी कुछ देशों में रसायनिक हथियार मौजूद हैं।
वर्ष 2013 के लिए साहित्य, चिकित्सा जगत, भौतिकी और रसायन में नोबेल पुरस्कार के विजेताओं का ऐलान किया जा चुका है। साहित्य का प्रतिष्ठित नोबेल पुरस्कार कनाडा की लेखिका एलिस मुनरो को दिया जाएगा। 82 वर्षीय मुनरो साहित्य का नोबेल जीतने वाली 13वीं महिला हैं, जबकि किसी भी क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार पाने वाली वह 44वीं महिला हैं।
केमिस्ट्री में नोबेल पुरस्कार मार्टिन करप्लस, माइकल लेविट और ए. वार्शल को संयुक्त रूप से दिया जाएगा। इन तीनों वैज्ञानिकों को 'मल्टीस्केल मॉडल्स फॉर काम्पलेक्स केमिकल सिस्टम्स' के लिए यह पुरस्कार दिया जाएगा। चिकित्सा क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार से तीन वैज्ञानिकों को संयुक्त रूप से मिला। इनमें वैज्ञानिक जेम्स रॉथमैन, रैंडी डब्ल्यू सेकमैन और थॉमस सी सुडौफ शामिल हैं।
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