सुप्रीम कोर्ट ने चिकित्सीय लापरवाही के एक महत्वपूर्ण मामले में कोलकाता के एएमआरआई अस्पताल को पांच करोड़ 96 लाख रुपए का मुआवजा देने का आज आदेश दिया है। न्यायमूर्ति सुधांशु ज्योति मुखोपाध्याय और न्यायमूर्ति वी. गोपाल गौडा की खंडपीठ ने अस्पताल की लापरवाही से 1998 में अपनी पत्नी खो चुके डॉ. कुणाल साहा को मिलने वाली मुआवजे की राशि एक करोड 73 लाख रुपए से बढ़ाकर पांच करोड़ 96 लाख रुपए करने का आदेश दिया।
गौरतलब है कि डॉ. साहा की अनिवासी भारतीय पत्नी बाल मनारोग विशेषज्ञ डॉ. अनुराधा साहा की मौत कोलकाता के एएमआरआई अस्पताल में चिकित्सीय लापरवाही के कारण हो गई थी। अमेरिका में रहने वाली डॉ. अनुराधा 1998 में भारत आईं थीं और उसी वक्त उनकी मौत हो गई थी। खंडपीठ की ओर से न्यायमूर्ति गौडा ने फैसला सुनाते हुए अस्पताल को यह आदेश सुनाया। चिकित्सीय लापरवाही के मामले में संभवत: भारत की यह सबसे बड़ी मुआवजा राशि है। खंडपीठ ने कहा कि लापरवाही बरतने के दोषी डॉ. सुकुमार मुखर्जी और डॉ. वैद्यनाथ हलधर को दस-दस लाख रुपए और डॉ. बलराम प्रसाद को पांच लाख रुपए अपनी जेब से देने होंगे। जबकि शेष राशि अस्पताल प्रबंधन को देनी होगी।

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