उच्चतम न्यायालय ने आयु विवाद से संबंधित उसके फैसले पर कथित विवादित टिप्पणी को लेकर पूर्व थल सेनाध्यक्ष जनरल वीके सिंह की खिंचाई करते हुए उनके खिलाफ आरोप तय करने का निर्देश दिया। न्यायमूर्ति आरएम लोढ़ा की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने एटर्नी जनरल गुलाम ई वाहनवती की दलीलें सुनने के बाद उन्हें जनरल सिंह के खिलाफ आरोप तय करने का निर्देश दिया।
शीर्ष अदालत ने मामले की सुनवाई के लिए 20 नवम्बर की तारीख मुकर्रर करते हुए कहा कि वह आलोचनाओं का स्वागत करती है, लेकिन इरादतन की गई आलोचनाओं की अनदेखी नहीं की जा सकती। इससे पहले एटर्नी जनरल ने दलील दी कि जनरल सिंह ने न्यायालय के फैसले पर अपनी टिप्पणी जान-बूझकर की है। पूर्व थल सेनाध्यक्ष के विवादित बयान की अनदेखी कतई नहीं की जा सकती।
हालांकि वाहनवती की इन दलीलों का जनरल सिंह के वकील ने कड़ा विरोध किया, लेकिन खंडपीठ पर इसका कोई असर नहीं पड़ा। इसके बाद न्यायालय ने वाहनवती को आरोप तय करने का निर्देश दिया। उल्लेखनीय है कि न्यायालय ने गत एक अक्टूबर को जनरल सिंह की कथित विवादित टिप्पणी को लेकर उन्हें अदालत की अवमानना का नोटिस जारी करके यह पूछा था कि आयु विवाद में उनकी टिप्पणी को लेकर क्यों न उनके खिलाफ अदालत की अवमानना का आपराधिक मामला दर्ज किया जाए।

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