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आंध्र प्रदेश और ओडिशा पर मंडरा रहा है सबसे बड़ा खतरा, तटीय इलाकों में चक्रवाती तूफान के आने में काफी कम वक्त बचा है। ‘पाइलिन’ नाम का ये तूफान शनिवार शाम को ओडिशा पहुंच जाएगा। फिलहाल ये तूफान 200 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आगे बढ़ रहा है। इस तूफान से भारी तबाही मच सकती है। एनडीआरएफ की टीम पूरी तैयारी कर रही है कि लोगों को कम से कम नुकसान का सामना करना पड़े।
मौसम विभाग ने कई इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी जारी कर दी है। ओडिशा सरकार ने नौसेना और वायुसेना की मदद मांगी है। ओडिशा के सभी 14 तटीय जिलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। डिजास्टर रैपिड फोर्स के जवानों को तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। ओडिशा सरकार ने दुर्गा पूजा और दशहरा की छुट्टियां रद्द कर सभी संबंधित अधिकारियों को ड्यूटी पर तैनात रहने के निर्देश दिए हैं। ओडिशा के जिन जिलों में ‘पाइलिन’ का सबसे ज्यादा असर पड़ेगा वो हैं- गंजम, खुर्दा, पुरी और जगतसिंहपुर। अनुमान के मुताबिक तूफान के आने के दौरान तटीय इलाकों में लहरे डेढ़ से 2 मीटर तक ऊंची उठेंगी। ओडिशा और आंध्र प्रदेश के मछुआरों को समंदर में न जाने की सलाह दी गई है।
बिहार और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्से भी इस तूफान से प्रभावित हो सकते हैं। मौसम विभाग ने इन इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी दी है। आपको बता दें कि पाइलीन थाई भाषा का शब्द है, जिसका मतलब रत्न होता है। माना जा रहा है कि तूफान के आते ही संचार और यातायात व्यवस्था ठप पड़ जाएगी। तटीय इलाकों में मौजूद घरों को भी नुकसान पहुंचने की आशंका है। फिलहाल तूफान फाइलिन ओडिशा के पारादीप से 600 किलोमीटर दूर है। राहत बचाव के लिए खाने के एक लाख पैकेट तैयार किए गए हैं।
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