समुद्र के ऊपर कई घंटों तक स्थिर रहने के बाद अब तक का सबसे बड़ा चक्रवाती तूफान 'फालिन' भारत की ओर बढ़ रहा है। शनिवार शाम करीब 6 बजे यह ओडिशा तट से टकराएगा। उस वक्त तूफान की गति 220 से 260 किमी प्रति घंटा तक हो सकती है।
तूफान के खतरे को देखते हुए अब तक दो लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा जा चुका है, लेकिन ओडिशा के पारादीप में 18 मछुआरे फंस गए हैं। बताया जा रहा है कि उनकी बोट का ईंधन खत्म हो गया है। जिस इलाके में ये लोग फंसे हैं, वहां पर खतरा बहुत ज्यादा है। 72 घंटे पहले ही इस एरिया में अलर्ट जारी कर दिया गया था। इसके बावजूद ये मछुआरे समंदर में गए। कोस्टगार्ड ने मौसम खराब होने की वजह से अपने शिप बेचने से इंकार कर दिया है। ओडिशा सरकार इंडियन ऑयल के अधिकारियों के साथ बातचीत कर रही है, लेकिन अभी तक सिर्फ इतना ही कहा सकता है कि ये 18 मछुआरे मौत के मुंह में फंसे हैं।
मौसम विभाग के ताज़ा बुलेटिन के मुताबिक तूफान अब ओडिशा के गोपालपुर से 200 किलोमीटर दूर रह गया है। 'फालिन' आकार में भारत के क्षेत्रफल के आधे के बराबर है। सरकार ने तीन सेनाओं को अलर्ट कर दिया है। तूफान के चलते भारी बारिश की आशंका है। ओडिशा और आंध्र के अलावा झारखंड और छत्तीसगढ़ में भी बारिश हो सकती है। समंदर पर भी इस तूफान का खासा असर पड़ेगा। तूफान की वजह से समंदर का पानी आधा किलोमीटर अंदर तक आ सकता है।
तूफान से खतरे के मद्देनजर ओडिशा, आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल और बिहार हाई अलर्ट पर हैं। ओडिशा और आंध्र में सभी छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। तटीय इलाकों से करीब डेढ़ लाख लोगों बाहर निकाला गया है। चक्रवात से 1.2 करोड़ लोग प्रभावित होंगे। उधर मौसम विभाग कह रहा है कि तूफान से समुद्र में 2.5 से 6 मीटर ऊंची लहरें उठ सकती हैं। ऐसा हुआ तो ओडिशा और आंध्र की अधिकांश नदियों में बाढ़ आ जाएगी। तूफान शुक्रवार आधी रात ओडिशा तट से 400 किमी की दूरी पर था। और करीब 15 से 20 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तट की ओर बढ़ रहा था। इस बीच ओडिशा और आंध्र में तेज हवाओं के साथ बारिश का दौर शुरू हो चुका है।
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