भारत ने अरुणाचल प्रदेश के दो युवा तीरंदाजों को नत्थी वीजा जारी करने पर चीन से अपनी कड़ी आपत्ति जाहिर की है। एक आधिकारिक सूत्र ने बताया, "दिल्ली में आज (शनिवार) आपत्ति व्यक्त की गई।" 24 भारतीय तीरंदाजों के दल में सिर्फ मासेलो मीहू और सोरांग यूमी को ही नत्थी वीजा जारी किए गए हैं। चीन अरुणाचल प्रदेश पर अपना दावा करता आया है, और इस पूर्वोत्तर भारतीय राज्य को 'विवादित' बताता है।
भारतीय तीरंदाजी संघ (एएआई) ने शुक्रवार को दो तीरंदाजों को नत्थी वीजा जारी करने के लिए चीन की भर्त्सना की और इसे भारतीय संप्रभुता एवं अखंडता का अपमान बताया। एएआई के अध्यक्ष विजय कुमार मल्होत्रा ने कहा कि चीन अक्सर इस तरह की हरकतों से भारत की क्षेत्रीय अखंडता को चुनौती देता रहा है।
इससे पहले भी चीनी दूतावास जम्मू एवं कश्मीर तथा अरुणाचल प्रदेश के भारतीय नागरिकों को नत्थी वीजा जारी कर चुका है। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह इस महीने में आगे आने वाले दिनों में चीन का दौरा करने वाले हैं। जिन दो युवा भारतीय तीरंदाजों को नत्थी वीजा जारी किया गया, वे युवा तीरंदाजी विश्व चैम्पियनशिप में हिस्सा लेने जा रहे 24 सदस्यीय भारतीय तीरंदाजों के दल का हिस्सा थे। युवा तीरंदाजी विश्व चैम्पियनशिप का आयोजन 13 से 20 अक्टूबर के बीच चीन के वुक्सी में होने वाला है।

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