प्रसिद्ध गीतकार-संगीतकार रवींद्र जैन ने 20 साल की लगन के बाद कुरआन शरीफ का पद्य अनुवाद पूरा कर लिया है। इसमें अनुवाद का कुछ हिस्सा वह गाकर भी रिकार्ड करवा रहे हैं। इसके अलावा अन्य धर्म ग्रंथों पर भी वह ऐसा ही काम शुरू कर चुके हैं। अपने इस काम के जरिए रवींद्र जैन मानवता की धरोहर को आम लोगों के बीच लाना चाहते हैं।
69 वर्षीय रवींद्र जैन ने कहा कि मेरे शहर अलीगढ़ (उप्र) की तहजीब में उर्दू-हिंदी दोनों शामिल हैं। कुरआन और रामायण हमारी तहजीब का हिस्सा है, इसलिए मैं अपने शहर का कर्ज उतारने की छोटी सी कोशिश कर रहा हूं। उन्होंने कहा कि कुरआन का पद्य अनुवाद एक मेरा बहुत बड़ा काम था जो अल्लाह ने मुझसे करवाया। कुरआन के 30 पारे का अनुवाद करने में मुझे 20 साल लगे। जल्द ही मेरा यह काम ग्रंथ की शक्ल में लोगों के बीच होगा। इसे मैनें रिकार्ड करना भी शुरू कर दिया है। कुरआन का सूरए अल बकर 4 घंटे का रिकार्ड किया जा चुका है। इसके बाद हाल ही में मैनें श्रवींद्र रामायणश् के नाम से 31 घंटे की नई रामायण की अपनी आवाज में रिकार्डिंग भी पूरी कर ली है। इसकी जरूरत पर उन्होंने कहा कि आज अरबी, संस्कृत, फारसी व दूसरी भाषाएं आम लोगों को समझ नहीं आती, इसलिए हमारी धार्मिक-पौराणिक धरोहरों को लोगों के बीच लाने की यह कोशिश है। पुष्करवाणी ग्रुप ने प्रेसनोट डाॅट काम से जानकारी लेते हुए बताया कि इसी कड़ी में श्री जैन श्रीमद् भागवत पुराण व जैन धर्म ग्रंथों पर भी काम कर रहे हैं। श्री जैन ने कहा कि फिल्में आते-जाते रहती हैं लेकिन ये ऐसे काम हैं जो हमेशा-हमेशा रहेगा।

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