नाईट्राजेपाम, डायजापाम जैसी घातक दवाई की बिक्री पर लगेगा अंकुश
खंडवा (17 अक्टूबर) - कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी नीरज दुबे ने नाईट्राजेपाम तथा डायजापाम जैसी घातक दवाई की बिक्री पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से पुलिस उप महानिरीक्षक, निमाड़ रेंज खरगोन के निर्देश के परिप्रेक्ष्य में परीक्षाणोपरांत दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 के अंतर्गत प्रतिबंध लगाये जाने हेतु अनुरोध किया है। सनसनीखेज अपराधों में प्रमुख रूप से अपराधियों द्वारा नाईट्राजेपाम तथा डायजापाम का सेवन कर अपराध घटित किया जा रहा है। इससे कानून व्यवस्था भी प्रभावित होती है तथा किशोर युवाओं द्वारा भी इस नशे का अत्यधिक उपयोग किया जा रहा है। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी नीरज दुबे ने दण्डा प्रक्रिया संहिता के धारा 144(2) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए 15 अक्टूबर से 5 दिसम्बर तक उक्त दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 के प्रावधानों के अंतर्गत आदेश दिये है कि जिले की सीमा के भीतर प्रत्येक दवाई विक्रेता नाईट्राजेपाम तथा डायजापाम जैसी दवाईयों के लिए मेडिकल दुकानों पर रजिस्टर्स का संधारण किया जावेगा। रजिस्टर में विक्रेता उक्त दवाईयाँ किस मरीज को विक्रय की गई है, उसका सम्पूर्ण ब्यौरा रखेगा। मरीज की पहचान संबंधित दस्तावेज जैसे मतदाता परिचय पत्र, ड्रायविंग लायसेंस, आधार कार्ड, राशनकार्ड, मोबाईल नंबर का अभिलेख रखेगा। दवाईयाँ किस चिकित्सक द्वारा लिखी गई है। प्रत्येक दवाई विक्रेता दवाईयाँ बिना डाॅक्टर के सलाह (prescription) के नहीं देवेगा। औषधि निरीक्षक समय-समय पर दवाई विक्रेता के स्टाॅक का भौतिक सत्यापन करेंगे। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री दुबे ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई भी दवाई विक्रेता इसका उल्लंघन करता है तो भारतीय दण्ड संहिता की धारा-188 के अंतर्गत दण्ड का भागीदार होगा। श्री दुबे ने उक्त आदेश की सूचना सर्वसंबंधित दवाई विक्रेताओं को पूरे क्षेत्र में ध्वनि विस्तारक यंत्रों द्वारा देने एवं आदेश की एक-एक प्रति आम जनता की सूचना के लिए पुलिस थानों, चिकित्सालय के नोटिस बोर्ड एवं अन्य सह दृष्टिगोचर सार्वजनिक स्थानों पर चस्पा कराई जाने के निर्देश दिये हैं।

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