'संगीत से कम हो सकता है स्थायी दर्द भी' - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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बुधवार, 23 अक्टूबर 2013

'संगीत से कम हो सकता है स्थायी दर्द भी'


music and pain
संगीत स्थायी से स्थायी दर्द में भी राहत दे सकता है। एक नए अध्ययन में इसका खुलासा हुआ है। ताजा अध्ययन के मुताबिक, संगीत सुनने से दस में से कम से काम चार लोगों को दीर्घकालिक पीड़ा से राहत मिलती है। समाचार पत्र 'डेली मेल' ने मंगलवार को लॉयड्स फार्मेसी द्वारा कराए गए एक अध्ययन के हवाले से कहा कि 16 से 24 आयुवर्ग के 66 प्रतिशत लोगों ने संगीत से दर्द में आराम पहुंचने की बात स्वीकार की। सर्वेक्षण में कुल 1,500 लोगों को शामिल किया गया।

रिपोर्ट के अनुसार सर्वेक्षण में शामिल लोगों के बीच पॉप संगीत को सबसे लोकप्रिय पाया गया। पॉप संगीत के कारण 21 प्रतिशत लोगों ने स्थायी दर्द से राहत की बात स्वीकार की, वहीं शास्त्रीय संगीत सुनकर 17 प्रतिशत और रॉक या इंडी संगीत से 16 प्रतिशत लोगों ने दर्द में राहत मिलने की बात स्वीकार की।

सिमोन और गारफंकेल के गाने 'ब्रिज ओवर ट्रबल्ड वाटर' ने तकलीफ से उभरने में सबसे अधिक मदद की। इसके बाद क्रमश: रॉबी विलियम्स का 'एंजेल्स, फ्लीटवुड मैक के गीत 'एल्बाट्रोस', एल्टन जॉन का 'कैंडिल इन द विंड' और कोमोडोर्स के 'ईजी' गीत को तरजीह मिली।

डेली मेल ने उटाह विश्वविद्यालय के दर्द प्रबंधन केंद्र के डेविड ब्रैडशा के हवाले से कहा, "दर्द में स्वयं को किसी न किसी कार्य में अत्यंत व्यस्त रखने का प्रयास करना चाहिए। इसके लिए मनपसंद संगीत सुनना श्रेष्ठकर है, क्योंकि इससे विचार एवं भावनाएं दोनों जुड़ जाती हैं।"

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