विश्व बैंक ने कहा है कि अमेरिका में व्याप्त राजकोषीय अनिश्चितता का वैश्विक असर है और इससे विकासशील देशों में गरीबी उन्मूलन के प्रयासों को धक्का लगेगा। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, विश्व बैंक समूह की प्रबंध निदेशक और मुख्य संचालन अधिकारी श्रीमुलयानी इंद्रावती ने गुरुवार को कहा, "अमेरिका दुनिया में सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति है और यहां जो कुछ भी घट रहा है उसका सभी विकासशील देशों पर असर पड़ने वाला है।"
इंद्रावती ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि अमेरिकी कर्ज सीमा के मुद्दे पर स्पष्टरूप से दुनिया की नजर है और अमेरिकी डेमोक्रेट और रिपब्लिकन के बीच पैदा हुआ विवाद समय के भीतर समाप्त होना हर किसी के हित में है।
अमेरिकी वित्त मंत्री जैकब लीव ने कहा है कि चूंकि अमेरिकी सरकार की कामबंदी 11वें दिन में प्रवेश कर गई है, लिहाजा वाशिंगटन के सामने एक और राजकोषीय समय सीमा की समस्या पैदा हो गई है। संघीय सरकार 17 अक्टूबर तक 167 खरब डॉलर की कर्ज सीमा तक पहुंच जाएगी। और यदि इसे बढ़ाया नहीं गया तो एक भयानक डिफाल्ट की समस्या पैदा हो जाएगी।

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