वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने सुप्रीम कोर्ट से बुधवार को माफी मांग ली है। उन्होंने कहा कि वह न तो न्यायालय की गरिमा को कम करना चाहते थे, न ही न्यायाधीशों को चोट पहुंचाना चाहते थे। न्यायालय ने उनकी माफी स्वीकार कर ली है। उल्लेखनीय है कि प्रशांत भूषण ने अपनी एक टिप्पणी में कहा था कि सुप्रीम कोर्ट महान्यायवादी जी.ई.वाहनवती के खिलाफ कार्यवाही करने से हिचकिचा रहा है। प्रशांत की इस टिप्पणी पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त आपत्ति जताई थी।
कोयला आवंटन में हुई अनियमितता के मामले की सुनवाई कर रही सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति आर.एम.लोढ़ा की अध्यक्षता वाली पीठ ने भूषण के इस बयान के बाद इस विवाद को यहीं दफन कर दिया। भूषण ने कहा, ''मेरे मन में न्यायालय के लिए बेहद सम्मान है और अगर मेरे बयान से न्यायालय को दुख हुआ है तो मैं माफी मांगता हूं।'' सुनवाई की शुरुआत में न्यायमूर्ति लोढ़ा ने कहा कि जब एक समाचार पत्रिका में भूषण के एक साक्षात्कार के अंश के बारे में उन्हें जानकारी हुई, उन्हें तकलीफ हुई। यह तकलीफ और ज्यादा इसलिए हुई क्योंकि यह बयान एक वकील और भूषण की तरफ से आया था।
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