फेसबुक पर बिना अनुप्रमाणन के चुनाव प्रचार का मामला
- प्रचार करने वालों पर धारा 171-एच. एवं आई.टी. एक्ट मे प्रकरण दर्ज करने के निर्देश
निर्वाचन आयोग के आदेशों का उल्लंघन कर एम.सी.एम.सी. से बिना अनुप्रमाणन के सोशल मीडिया फेसबुक पर चुनाव प्रचार करते पाये जाने पर कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री बी. चन्द्रशेखर ने विधानसभा क्षेत्र बैहर, बालाघाट, लांजी, कटंगी, परसवाड़ा एवं वारासिवनी के रिटर्निंग आफिसरों को निर्देशित किया है कि वे अमित सिंह बैस, कन्हैयालाल नगपुरे, अभय सेठिया, नीतिश बर्डे, नीलेश मिश्रा, संयोग कोचर, ऋषभ गुलशन भटिया, महेन्द्र सुराना, संजय सिंह, अनीस खान एवं प्रदीप जायसवाल के विरूध्द भा.द.सं. की धारा 171-एच. एवं आई.टी.एक्ट के तहत थाने में प्रकरण दर्ज करायें। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा सोशल मीडिया को इलेक्ट्रानिक मीडिया मानते हुए उस पर एम.सी.एम.सी. कमेटी के अनुप्रमाणन के बगैर चुनाव प्रचार पर रोक लगाई गई है। जिला स्तरीय एम.सी.एम.सी. द्वारा बी.जे.पी. आई.टी. सेल लांजी, बी.जे.पी. आई.टी. सेल मंडल लालबर्रा, बी.जे.पी. बालाघाट, अमित सिंह बैस, कन्हैयालाल नगपुरे, अभय सेठिया, नीतिश बर्डे, नीलेश मिश्रा, संयोग कोचर, ऋषभ गुलशन भटिया, महेन्द्र सुराना, संजय सिंह, अनीस खान एवं प्रदीप जायसवाल के फेसबुक एकाउंट से चुनाव प्रचार करते पाया गया है। इसके प्रमाण के रूप में इन व्यक्तियों के फेसबुक पेज का स्क्रीन शाट लेकर उसकी सी.डी. तैयार की गई है। फेसबुक पर किये जा रहे प्रचार को लेकर भाजपा एवं भाराकां. के प्रत्याशियों को संबंधित रिटर्निंग आफिसरों के माध्यम से कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया था। इस नोटिस के जवाब में भाजपा के प्रत्याशी राम किशोर कावरे, भगत सिंह नेताम एवं भाराकां. के प्रत्याशी संजय उइके द्वारा अपने स्पष्टीकरण में कहा गया है कि उनके द्वारा सोशल मीडिया में प्रचार के लिए किसी भी व्यक्ति को अधिकृत नहीं किया गया है। जबकि प्रत्याशी योगेन्द्र निर्मल ने सोशल मीडिया पर किये गये प्रचार से अनभिज्ञता जाहिर की है और प्रदीप जायसवाल ने अपने स्पष्टीकरण में सोशल मीडिया पर किये गये प्रचार को नियमों की जानकारी न होने के कारण उसे क्षम्य बताया है। सोशल मीडिया फेसबुक पर एम.सी.एम.सी. से अनुप्रमाणन के बगैर किसी प्रत्याशी का प्रचार करना या पार्टी के लिए वोट देने की अपील करना निर्वाचन आयोग के निर्देशों का उल्लंघन है और यह सायबर अपराध की श्रेणी में आता है। जिसके कारण कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी ने बैहर, परसवाड़ा एवं वारासिवनी के रिटर्निंग आफिसरों को निर्देशित किया है कि वे फेसबुक पर चुनाव प्रचार करने वाले इन व्यक्तियों के विरूध्द भा.दं.सं. की धारा 171-एच. एपं आई.टी. एक्ट के तहत थाने में प्रकरण दर्ज करायें और पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत करें।
पेड न्यूज एवं विज्ञापन के मामले में 10 प्रत्याशियों को नोटिस जारी करने के निर्देश
भारत निर्वाचन आयोग द्वारा विधानसभा चुनाव-2013 स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्वक ढंग से सम्पन्न कराने के लिए पेड न्यूज पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिये गये है। इसी कड़ी में कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री बी. चन्द्रशेखर ने बालाघाट, बैहर, परसवाड़ा, लांजी, कटंगी एवं वारासिवनी के रिटर्निंग आफिसरों को निर्देशित किया है कि वे बसपा के प्रत्याशी श्री उदय सिंह पंचेश्वर, अजाब शास्त्री, चेतन मरार, दुर्गेश बिसेन, आशा वरकड़े व ज्योति उमरे, निर्दलीय शरद कुमार लल्लाप्रसाद, भाजपा के योगेन्द्र निर्मल व सपा के महेश सहारे को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण प्राप्त करें कि क्यों न कुछ समाचार पत्रों में प्रकाशित पेड न्यूज का व्यय उनके चुनाव व्यय में शामिल किया जाये। दैनिक समाचार पत्र ब्लिटज मीमांसा बालाघाट के दिनांक 17 एवं 18 नवम्बर 2013 के अंक में कटंगी विधानसभा क्षेत्र से समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी श्री महेश सहारे के पक्ष में विज्ञापन प्रकाशित किया गया है। इस विज्ञापन का अनुमानित व्यय 5 हजार 600 रु. लगाया गया है। इसी प्रकार दैनिक दैनिक नवभारत जबलपुर के 18 नवम्बर 2013 के अंक में विधानसभा क्षेत्र बालाघाट से बसपाके प्रत्याशी चेतनलाल नागेश्वर के पक्ष में विज्ञापन प्रकाशित किया गया है। इसका अनुमानित व्यय 37 हजार 69 रु. लगाया गया है। विधानसभा क्षेत्र वारासिवनी से भाजपा के प्रत्याशी योगेन्द्र निर्मल के पक्ष में दैनिक समाचार पत्र जगप्रेरणा बालाघाट के दिनांक 17 नवम्बर 2013 के अंक में समाचार प्रकाशित किया गया है। इस पेड न्यूज का अनुमानित व्यय 2 हजार 352 रु. लगाया गया है। विधानसभा क्षेत्र कटंगी के निर्दलीय प्रत्याशी शरद कुमार लल्लाप्रसाद के पक्ष में दैनिक समाचार पत्र जगप्रेरणा बालाघाट के दिनांक 17 नवम्बर 2013 के अंक में समाचार प्रकाशित किया गया है। इस पेड न्यूज का अनुमानित व्यय 3 हजार 168 रु. लगाया गया है। बसपा के प्रत्याशियों उदय सिंह पंचेश्वर, अजाब शास्त्री, चेतन मरार, दुर्गेश बिसेन, आशा वरकड़े व ज्योति उमरे के पक्ष में दैनिक बालाघाट एक्सप्रेस के दिनांक 18 नवम्बर 2013 के अंक में विज्ञापन प्रकाशित किया गया है। इस विज्ञापन का अनुमानित व्यय 2 हजार 682 रु. लगाया गया है। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा सभी 6 विधानसभा क्षेत्रों के रिटर्निंग आफिसरों को निर्देशित किया गया है कि वे पेड न्यूज के इन प्रकरणों में संबंधित प्रत्याशियों को नोटिस जारी कर उनसे स्पष्टीकरण प्राप्त करें कि क्यों न पेड न्यूज/विज्ञापन का यह खर्च उनके चुनाव व्यय में शामिल किया जाये। यदि उक्त पेड न्यूज/विज्ञापन प्रत्याशी की सहमती के बगैर प्रकाशित किया गया है तो प्रकाशक के विरूध्द भा.द.वि. की धारा 171-एच. के तहत कार्यवाही करें। प्रत्याशी द्वारा 48 घंटे के भीतर जवाब पेश नहीं करने पर पेड न्यूज/विज्ञापन का व्यय उसके चुनाव व्यय में शामिल करने कहा गया है।
मतदान समाप्ति के 48 घंटे पहले से शराब की बिक्री रहेगी प्रतिबंधित, मतगणना का दिन भी 'ड्राय डे' रहेगा
भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय द्वारा राज्य शासन को विधानसभा चुनाव के लिए मतदान तथा मतगणना के दिन शराब की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिए गए हैं। शासन को आयोग के निर्देशों से अवगत कराते हुए बताया गया है कि 25 नवंबर को मतदान एवं 8 दिसंबर को मतगणना होगी। मतदान समाप्ति के 48 घण्टे पूर्व अर्थात 23 नवंबर की सायं 5 बजे से 25 नवंबर की सायं 5 बजे तक शुष्क दिवस (ड्राय-डे) घोषित करने के संबंध में आदेश जारी करने का अनुरोध किया गया है। विधानसभा चुनाव की मतगणना 8 दिसंबर के दिन भी शुष्क दिवस घोषित करने के निर्देश दिए गए हैं। शुष्क दिवस घोषित करने संबंधी आदेशों से समस्त जिलों को अवगत कराने को भी कहा गया है। आयोग ने लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 के तहत मतदान के दिन शराब के विक्रय, वितरण को प्रतिबंधित करते हुए संबंधित विधिक प्रावधानों का सख्ती से पालन कराने को कहा है। किसी निर्वाचन क्षेत्र में मतदान समाप्त होने के लिए नियत समय के साथ समाप्त होने वाली 48 घंटे की अवधि के दौरान उस मतदान क्षेत्र के भीतर, होटल, भोजनालय, पाठशाला, दुकान में अथवा किसी अन्य पब्लिक या प्रायवेट स्थल पर कोई भी स्पिरिटयुक्त, किण्वित या मादक लिकर अथवा वैसी ही प्रकृति का अन्य पदार्थ न तो विक्रय और न ही वितरित किया जाएगा। इसका उल्लंघन करने वाले व्यक्ति को 6 माह के कारावास की सजा अथवा दो हजार *पये के जुर्माने से या दोनों से दण्डित किया जा सकेगा। लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत शराब की बिक्री और वितरण पर रोक लगाये जाने के साथ ही मतदान समाप्त होने के नियत समय के साथ समाप्त होने वाले 48 घंटे की अवधि के दौरान शुष्क दिवस घोषित किए जाने की अधिसूचना भी जारी होगी। यह व्यवस्था पुर्नमतदानों के दिनों में भी लागू होगी। मतगणना के दिन भी राज्य के संबंधित कानूनों के अंतर्गत शुष्क दिवस घोषित होगा। उपरोक्त अवधि में मदिरा की दुकानें, होटल, रेस्टोरेंट, क्लब एण्ड अन्य सैलिंग पाइंट/सर्विस पाइंट आदि में शराब की बिक्री/सेवा की अनुमति नहीं होगी। गैर मालिकाना क्लब, स्टार होटल, रेस्टोरेंट आदि ऐसे होटल जिनके पास विभिन्न श्रेणियों की मदिरा प्राप्त तथा प्रदाय करने के लायसेंस हैं, उन्हें भी उपरोक्त दिवसों में शराब बेचने आदि की अनुमति नहीं होगी। उकत अवधि के दौरान शराब के भण्डारण में कटौती के निर्देश दिए गए हैं। बिना लायसेंस परिसर में शराब के भण्डारण पर आबकारी कानून के प्रतिबंध को सख्ती से लागू कराने को कहा गया है। सभी जिला कलेक्टर को आयोग के निर्देशों का प्रभावी ढंग से पालन कराने के निर्देश दिए गए है, ताकि स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण निर्वाचन संपन्न हो सके। प्रर्वतन एजेंसी को इसके लिए उचित एवं कानूनी तौर पर प्रभावी कदम उठाने के लिए भी निर्देशित करने को कहा गया है।
मतदान के दिन कारोबार, व्यवसाय और औद्योगिक उपक्रम के कर्मचारियों को सवेतन अवकाश की मंजूरी
भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर 25 नवंबर को मतदान के दिन कारोबार, व्यवसाय, औद्योगिक उपक्रम या अन्य किसी स्थापन में नियोजित व्यक्ति को इस दिन का सवेतन अवकाश मंजूर किया जाएगा। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय ने इस संबंध में सामान्य प्रशासन और श्रम विभाग के प्रमुख सचिव को निर्देश जारी किए हैं। आयोग के निर्देश का हवाला देते हुए लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 के प्रावधानों की तरफ शासन का ध्यान आकर्षित किया गया है, जिसमें मतदान के दिन कर्मचारियों को सवेतन अवकाश की मंजूरी देने की व्यवस्था है। अधिनियम के अनुसार अवकाश मंजूर किए जाने के कारण किसी ऐसे व्यक्ति की मजदूरी से कोई कटौती या उसमें कोई कमी नहीं की जाएगी। यदि कोई नियोजक अधिनियम के उपबंधों का उल्लंघन करेगा तो उसे 500 *पये तक के जुर्माने से दण्डित किया जाएगा। यह प्रावधान किसी ऐसे निर्वाचक को लागू नहीं होगा जिसकी अनुपस्थिति से उस नियोजन के संबंध में जिसमें वह लगा हुआ है, कोई खतरा या सारवान हानि हो सकती है। प्रदेश के सभी प्रतिष्ठानों और दुकानों जहाँ शिफ्ट (पारी) के आधार पर कार्य होता है, वहाँ भी मतदान दिवस पर बंद के प्रावधान लागू होंगे। हालांकि विधानसभा क्षेत्र का सामान्य निवासी कोई एक व्यक्ति जो वहां निर्वाचक के रूप में पंजीक़त है तथा एक ऐसे औद्योगिक, उपक्रम या प्रतिष्ठान में कार्यरत है जो सामान्य/उप निर्वाचन क्षेत्र से बाहर का क्षेत्र है, इस संबंध में स्पष्ट किया गया है कि ऐसी स्थिति में संबंधित निर्वाचन क्षेत्र के बाहर काम कर रहे आकस्मिक वकर्स को भी मतदान दिवस पर सवेतन अवकाश का लाभ मिलेगा। लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 के अधीन प्रदत्त प्रावधानों के अंतर्गत दैनिक वेतन/आकस्मिक श्रमिक को भी मतदान के दिन एक अवकाश तथा मजदूरी के हकदार होंगे। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय ने आयोग के उक्त निर्देशों को सभी संबंधित विभागों और कार्यालयों को अवगत कराने को कहा है।
चुनाव प्रचार के थोक में एसएमएस भेजने का खर्च उम्मीदवार के खाते में जुड़ेगा
विधानसभा चुनाव में प्रचार के दौरान उम्मीदवार द्वारा थोक में भेजे जाने वाले एसएमएस (शार्ट मैसेज सर्विस) का खर्च भी संबंधित उम्मीदवार के खाते में जोड़ा जायेगा। प्रचार अवधि के दौरान वैकल्पिक निर्वाचन के प्रचार के लिये बल्क (थोक) में भेजे गये एसएमएस की जानकारी रिटर्निंग ऑफिसर को मिलने पर वह सेवा प्रदाता से इस पर हुए व्यय का अनुमान लगवाकर इसे अभ्यर्थी या अभ्यर्थियों के खाते में जोड़ देगा। निर्वाचन आयोग ने इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी किये हैं। आयोग के अनुसार मतदान सम्पन्न होने के लिये निश्चित किये गये समय की समाप्ति से 48 घंटे पहले तक की अवधि के दौरान राजनैतिक प्रकृति के थोक में एसएमएस भेजने पर प्रतिबंध होगा। राज्य में मोबाइल सेवा प्रदाता सभी संबंधितों के नोटिस में ऐसे थोक एसएमएस की जानकारी तुरंत लायें, ऐसे निर्देश भी दिये गये हैं। आयोग के ध्यान में यह भी आया है कि चुनाव में निहित स्वार्थी व्यक्तियों द्वारा निर्वाचन विधि के प्रावधानों, आदर्श आचरण संहिता और इस संबंध में जारी निर्देशों का उल्लंघन करते हुए कुछ आपत्तिजनक संदेश भी एसएमएस द्वारा भेजे जाते हैं। चुनाव को स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण प्रक्रिया के साथ संपन्न करवाने के लिये भी आयोग ने निर्देश जारी किये हैं। ऐसे आपत्तिजनक एसएमएस के लिये पुलिस प्रशासन को निर्देश दिये गये हैं कि वह विशेष मोबाइल नंबरों को प्रचारित करें जिन पर एसएमएस प्राप्तकर्ता उक्त एसएमएस को अग्रेषित कर सके। पुलिस पहले उचित जॉच करे और एसएमएस भेजने वाले का पता लगाये तथा भारतीय दण्ड संहिता के प्रावधानों, लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951, निर्वाचनों का संचालन नियम 1961 तथा आयोग द्वारा जारी किये गये निर्देशों और इस मामले में लागू अन्य कानून के तहत उचित कार्रवाई की जाये।

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