सोरी और लिंगाराम को सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम जमानत - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।


मंगलवार, 12 नवंबर 2013

सोरी और लिंगाराम को सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम जमानत

soni sori
सुप्रीमकोर्ट ने नक्सलियों के लिए कथित तौर पर संपर्क सूत्र का काम करने वाली छत्तीसगढ़ की शिक्षिका सोनी सोरी और पत्रकार लिंगाराम कोडोपी को अंतरिम जमानत पर रिहा करने का आज आदेश दिया। न्यायमूर्ति एस एस निज्जर की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने सोनी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कोलिन गोजाल्विस और लिंगाराम के वकील प्रशांत भूषण की दलीलें सुनने के बाद दोनों को अंतरिम जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया।

कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए तीन दिसंबर की तारीख मुर्करर करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ पुलिस समय पर जवाब पेश करने में असफल रही है। इसलिए अंतरिम जमानत मंजूर की जाती है। शीर्षस्थ अदालत में दोनों की जमानत याचिकाएं इस माह के शुरू में दायर की गई थीं। इससे पहले छत्तीसगढ हाईकोर्ट ने दो माह पहले दोनों की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी थी। सोनी को पिछले डेढ़ साल में आठ में से छह मामलों में बरी किया जा चुका है।

कोई टिप्पणी नहीं: