बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि जिनके घर में शौचालय नहीं होगा वे प्रदेश में नगर निकाय एवं पंचायत चुनाव नहीं लड पायेंगे. विश्व शौचालय दिवस पर मनरेगा एवं निर्मल भारत अभियान पर मंगलवार पटना में आयोजित राज्यस्तरीय एक दिवसीय कार्यशाला को संबोधित करते हुए नीतीश ने कहा कि जिनके घर में शौचालय नहीं होगा वे बिहार में नगर निकाय एवं पंचायत चुनाव नहीं लड़ पायेंगे.
मुख्यमंत्री ने कहा कि जन साधारण के बीच शौचालय के प्रति जागृति सुनिश्चित करने के लिए पंचायती राज अधिनियम में यह संशोधन किया जायेगा. उन्होंने कहा कि बिहार के जिस ग्राम पंचायत में शत-प्रतिशत शौचालय का निर्माण हो जायेगा उस ग्राम पंचायत को निर्मल ग्राम पंचायत घोषित किए जाने के साथ पुरस्कार स्वरूप पांच लाख रुपये और सम्मान पत्र दिया जायेगा. इसी प्रकार से जिस प्रखंड के सभी पंचायतों में शत-प्रतिशत शौचालय का निर्माण हो जायेगा उस प्रखंड को निर्मल प्रखंड घोषित किए जाने के साथ पुरस्कार स्वरूप 25 लाख रुपये दिए जाएंगे.
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक पंचायत में दो लाख रुपये के ब्रिज फंड की स्थापना की जायेगी जिसे मनरेगा के साथ उपयोग कर ग्राम पंचायतें शौचालय का निर्माण करेगी. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की जनगणना के आधार पर बिहार में एक करोड 11 लाख ग्रामीण परिवारों को शौचालय बनाने का लक्ष्य रखा गया है.
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि हमलोगों के पारिवारिक सर्वेक्षण में 02 करोड 19 लाख शौचालय विहीन परिवार मिले हैं. हमलोगों ने केन्द्र सरकार को प्रस्ताव भेजा है कि दो करोड 19 लाख शौचालय विहीन परिवारों को शौचालय बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया जाय. उन्होंने सभी सरकारी सेवकों, सक्षम लोगों एवं सरकार से जुडे लोगों से अनुरोध किया कि तीन महीनें के भीतर अपने-अपने घरों में शौचालय का निर्माण करायें. नीतीश ने कहा कि बिहार में 2007 में ही दीवारों पर लिखा रहता था कि पहले शौचालय तब देवालय. हम चाहते हैं कि 2020 तक सभी घरों में पूर्ण रुप से शौचालय का निर्माण हो.
.jpg)
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें