भारत और अमेरिका संबंध बिगाड़ना नहीं चाहते : खुर्शीद - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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शनिवार, 21 दिसंबर 2013

भारत और अमेरिका संबंध बिगाड़ना नहीं चाहते : खुर्शीद


salman khurshid
 विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने शनिवार को कहा कि भारतीय राजनयिक से दुर्व्यवहार के मुद्दे पर गतिरोध समाप्त करने के लिए भारत और अमेरिका के बीच बातचीत जारी है और दोनों पक्ष इस एक घटना को लेकर आपसी संबंधों को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहते। औद्योगिक संगठन, फिक्की के एक आयोजन से इतर खुर्शीद ने कहा कि न्यूयार्क में भारतीय उप महावाणिज्य दूत देवयानी खोबरागड़े से दुर्व्यवहार के मामले पर दोनों देश वार्ता कर रहे हैं और इसे तार्किक परिणति पर पहुंचना चाहिए। यह पूछे जाने पर कि अमेरिका के खोबरागड़े के खिलाफ लगाए गए आरोप वापस लेने से इंकार करने के बाद गतिरोध खत्म करने के लिए भारत और अमेरिका अब क्या कदम उठाएंगे, खुर्शीद ने कहा, "वार्ता को तार्किक परिणति तक पहुंचने दीजिए, अमेरिका के साथ मेरी वार्ता अभी समाप्त नहीं हुई है।"

उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच करीबी संबंध कई वर्षो में विकसित हुए हैं और दोनों पक्ष नहीं चाहते कि एक घटना के कारण उनकी साझेदारी प्रभावित हो। उन्होंने कहा, "दोनों पक्षों के लोग नहीं चाहते कि दोस्ताना संबंध किसी एक घटना से प्रभावित हों।" इससे पहले खुर्शीद ने समारोह के दौरान 'इमेज इंडिया' विषय पर कहा कि भारत अपने रणनीतिक साझीदार अमेरिका से यह अपेक्षा करता है कि वह भारत की संप्रभुता को बरकरार रखने की जरूरत को समझे, तथा दोनों देशों को इस समस्या के समाधान के लिए बाचतीत करने की जरूरत है।

अमेरिका पर तीखा प्रहार करते हुए खुर्शीद ने कहा कि भारतीय विधि व्यवस्था थोड़ी धीमी जरूर हो सकती है, पर सर्वोच्च न्यायालय ने कहा है कि लोगों को हथकड़ी नहीं लगाई जानी चाहिए, क्योंकि इससे उनके सम्मान को ठेस पहुंचती है। समारोह में उपस्थित दर्शकों ने खुर्शीद की इस बात पर हर्षध्वनि की। खुर्शीद ने कहा, "अमेरिकी शीर्ष न्यायालय ने लेकिन ऐसी बात नहीं कही है..मैं कानून मंत्री रह चुका हूं और इस तरह ली गई तलाशी के बारे में मैंने कभी नहीं सुना।"

खुर्शीद ने अमेरिका में मैनहटन के एटॉर्नी प्रीत भरारा द्वारा इस मामले में अपनाए गए सख्त रुख का हवाला देते हुए कहा कि अमेरिका में कुछ लोग हैं जो किसी धर्माधिकारी की तरह कह रहे हैं कि "अब युद्ध का समय आ गया है।"

2 टिप्‍पणियां:

abhimanyu ने कहा…

देवयानी ने एक भारतीय महिला संगीता रिचर्ड को घरेलु नौकरानी हेतु नवम्बर 2012 में वीसा जारी करवाया। नौकरानी से हुए एग्रीमेंट के मुलाबिक अमेरिका की न्युनयम मजदूरी क़ानून के तहत 9.75 डालर प्रतिघंटे देना तय हुआ तथा कानून के तहत अधिकतम 40 घंटे प्रति सप्ताह ही काम लिया जाना तय हुआ। इस एग्रीमेंट की कॉपी अमेरिका सरकार को देने पर नौकरानी संगीता रिचर्ड और उसके पति फिलिप को वीसा जारी हुआ। न्यूयोर्क पॅहुच कर नौकरानी और पति के पासपोर्ट और अन्य दस्तावेज देवयानी ने अपने कब्जे में ले लिए। अब शुरू हुआ मानव शोषण का खेल - नौकरानी दम्पति से 90 घंटे प्रति सप्ताह काम कराया जाता और कुल 3. 31 डालर प्रतिघंटे की दर से तनख्वाह दी जाती , कोई छुट्टी या बीमारी की भी छुट्टी नहीं। कोई ओवरटाइम नहीं। परेशान होकर नौकरानी ने 23 जून 2013 को काम छोड़ दिया। 24 जून 2013 को देवयानी Office of Foreign Missions और न्यूयोर्क पुलिस को अपनी नौकरानी की गुमशुदगी की रिपोर्ट लिखाने गयी , पुलिस ने कहा कि रिपोर्ट नहीं लिखी जायेगी क्योकि नौकरानी कि गुमशुदगी की रिपोर्ट उसके पति या परिवारजन ही लिखवा सकते है। 2 जुलाई और 5 जुलाई 2013 को देवयानी ने न्यूयोर्क पुलिस को शिकायत की कि उनकी नौकरानी ने फ़ोन पर उन्हें ब्लैकमेल कर रही है और कहती है कि मैंने जितने दिन काम किया है उन सब दिनों का पैसा 19 घंटे प्रतिदिन के हिसाब से एग्रीमेंट के तय रेट पर दो वरना कोर्ट केस कर देंगें। देवयानी ने नौकरानी के खिलाफ harassment, extortion and blackmailing की एक रिपोर्ट दिल्ली पुलिस को भी कर दी। 8 जुलाई 2013 को देवयानी को न्यूयोर्क immigration lawyer's office में तलब किया गया और नौकरानी का पैसा और पासपोर्ट/वीसा देने को कहा गया, ताकि वह दूसरी जगह काम कर सके। देवयानी ने वहाँ हामी भरी मगर बाद में ना पैसा दिया और ना ही पासपोर्ट/वीसा। 30 जुलाई 2013 को देवयानी ने Consulate General of India (जिनके अधीनस्थ देवयानी काम करती हैं) से Office of Foreign Missions अमेरिका सरकार को पत्र लिखवाया कि नौकरानी फ्रॉड कर भागी है , उसे पुलिस से पकड़वा कर देवयानी के ऑफिस में पेश किया जाए। 4 सितम्बर 2013 को स्टेट डिपार्टमेंट ने भारतीय राजदूत को लिखा कि नौकरानी ने कोई फ्रॉड नहीं किया है, उस पर अमेरिका का कानून लागू होता है अतः इस केस का निपटारा करें । 21 सितम्बर को भारतीय राजदूत ने State Department को लिखा कि ये भारतीय ऑफिसर और नौकरानी का 'आंतरिक मामला " है , नौकरानी कुछ monetary settlement चाहती है जिसे consider किया जा रहा है। लेकिन देवयानी ने नौकरानी की बकाया रकम नहीं दी , अब गरीब नौकरानी के पास अपना बकाया पैसा देवयानी से निकलवाने हेतु अमेरिकन कोर्ट जाने के सिवाए कोई रास्ता नहीं बचा। देवयानी ने 20 सितम्बर 2013 को दिल्ली हाई कोर्ट से एक ऑर्डर निकलवाया जिसके अनुसार नौकरानी या उसका पति देवयानी के खिलाफ किसी विदेशी कोर्ट में केस फ़ाइल ना करे। 19 नवम्बर 2013 को रसूखदार देवयानी ने नौकरानी के खिलाफ दिल्ली की एक लोअर कोर्ट से गैर-जमानती वारंट निकलवाया। भारत में अमेरिकन एम्बसी द्वारा 6 दिसम्बर 2013 को यह वारंट अमेरिका पंहुचा जिसमे लिखा था कि नौकरानी और उसके पति को गिरफ्तार कर दिल्ली भेजें। लेकिन अमेरिका सरकार ने नौकरानी और उसके पति को human trafficking का विक्टिम माना। और उनको टी-वीसा दे दिया. नौकरानी के पति को मोजाम्बिक दूतावास में ड्राईवर की नौकरी मिल गयी। अमेरिका सरकार ने ये केस Special Agent with the United States Department of State, Diplomatic Security Service को सौप दिया , जिसने प्राथमिक इवेस्टीगेशन के बाद जज Debra Freeman से देवयानी का गिरफ़्तारी वारंट निकलवाया क्योकि कई बार सम्मन भेजने पर देवयानी पूछताछ के लिए हाजिर नहीं हुई । 12 दिसम्बर 2013 को देवयानी को अमेरिकन मार्शल द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया तब वे बच्चे को स्कूल छोड़ कर लौट रहीं थीं , अमेरिकन जेल कोड के तहत उनको हथकड़ी लगी और पूर्ण तलाशी हुई। 6 घंटे जेल में रखने के बाद उनको 250000 डालर के मुचलके पर पासपोर्ट जब्त कर के छोड़ दिया गया। अब केस कोर्ट में चलेगा। देवयानी पर वीसा फ्रॉड धारा Title 28, United States Code, Section 1746 , न्यूनतम मजदूरी ना देना, नौकरानी से दुर्व्यवहार करना धमकाना आदि चार्ज लगाए गए है। अमेरिका सरकार की तरफ से प्रीत भरारा U.S. Attorney for the Southern District of New York वकील होंगे। कोई भी अमेरिकन भारतीय समुदाय देवयानी के समर्थन में नहीं आया है। …

abhimanyu ने कहा…

देवयानी के मामले को उनके परिवारजनो , अंबेडकरवादियों तथा कुछ मीडिया वालो के द्वारा दलित महिला की प्रताड़ना का मुद्दा बनाया जा रहा है . दादा बैरिस्टेर, बाप आईएएस, चाचा आईएफएस, मुंबई मे करोड़ो की अचल संपत्ति, नौकरानी को पैसे नहीं फिर भी दलित..उस दलित और अमेरिका प्रताड़ित महिला देवयानी की चिंता से मीडीया या सरकार को फुर्सत मिले तो कोई उसकी नौकरानी संगीता रिचर्ड्स के बारे में भी ध्यान दे जिसकी पूरी तनख्वाह न देने की वजह से ही अमेरिका ने पूर्व मे कई डिप्लोमॅटिक नोट भेजने के बाद क़ानूनी कार्यवाही की है..कहा जा रहा है कि ठाकुर बराक सिंह ओबामा और उसकी बीवी पंडिताईन मिशेल बाई ओबामा ने कांस्पीरेसी के तहत दलित महिला देवयानी जी को गलत मामले में फंसाया है..बहुचर्चित आदर्श घोटाला जिसमे बनाये गए फ्लैट जो कारगिल विधवाओं को मिलने थे , उनमे एक फ्लैट दलित आई एफ एस देवयानी खूब रगड़े को भी मिला है। जाहिर है कि ये कांग्रेसी मंत्रियों के करीब हैं।