नेपाल की तीसरी बड़ी पार्टी (यूसीपीएन-माओवादी) ने शनिवार को कहा कि वह गठबंधन सरकार में शामिल नहीं होगी, लेकिन संविधान तैयार करने की प्रक्रिया की खातिर संविधान सभा में शामिल होगी। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, पार्टी ने धमकी दी थी कि अगर सरकार मतों की हेराफेरी की जांच के लिए स्वतंत्र जांच समिति बनाने में असफल रहती है तो, पार्टी मसौदा संविधान तैयार करने की प्रक्रिया से बाहर हो जाएगी। पार्टी के प्रवक्ता अग्नि सपकोटा ने कहा, "हम संविधान सभा में शामिल होंगे, इसलिए हमने चुनाव आयोग से आनुपातिक चुनाव श्रेणी के अंतर्गत नाम जमा करने की समय-सीमा बढ़ाने के लिए कहा है।"
उन्होंने कहा कि पार्टी, सबसे बड़े दल नेपाली कांग्रेस के नेतृत्व में बन रही सरकार का सहयोग करेगी लेकिन नेपाली कांग्रेस और दूसरी बड़ी पार्टी कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (यूनीफाइड मार्क्सवादी लेनिनवदी), माओवादी पार्टी को सरकार में लाने के लिए प्रयास कर रही है। क्योंकि इससे संविधान का मसौदा तैयार करने की प्रक्रिया आसान हो जाएगी।
देश में बड़ी राजनीतिक ताकत के रूप में उभरी माओवादी पार्टी को 19 नवंबर के चुनाव में अपमानजनक हार का सामना करना पड़ा। 601 सदस्यीय संविधान सभा में इसे सिर्फ 80 सीटें मिली हैं। चुनाव में पहले स्थान पर रही मध्यमार्गी पार्टी, नेपाली कांग्रेस नई सरकार बनाने की तैयारी कर रही है।देश की शांति और संविधान लेखन प्रक्रिया तभी पूरी हो पाएगी, जब यूनाइटेड पार्टी ऑफ नेपाल-माओवादी (यूसीपीएन-माओवादी) प्रक्रिया में शमिल होगी।

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