मानव अधिकार दिवस पर ली शपथ
नीमच, 10 दिसम्बर 2013. अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस पर मंगलवार को जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट में अपर कलेक्टर श्री पी. आर. कतरोलिया ने सभी विभागों के अधिकारी-कर्मचारियों को भारत के संविधान में संरक्षित सभी मानव अधिकारों एवं अन्तर्राष्ट्रीय संधियों के माध्यम से अपनाये गये सभी मानव अधिकारों को पूरी सच्चाई व निष्ठा से अपनाने की शपथ दिलाई। इस मौके पर एसडीएम श्री राजेन्द्र सिंह, श्री के.एस. सेन, संयुक्त कलेक्टर श्री आर. के. जाटव, जिला जनसंपर्क अधिकारी श्री जगदीष मालवीय, सहायक अधीक्षक भू-अभिलेख श्री दीपक अवस्थी सहित राजस्व, कोषालय, पेंषन, आदिम जाति कल्याण, महिला एवं बाल विकास, षिक्षा, कृषि, सहकारिता, उद्योग, रोजगार, आबकारी, पंजीयन आदि कार्यालयों के अधिकारी व कर्मचारियों ने सामूहिक शपथ ग्रहण की। इसी तरह जिला पंचायत कार्यालय में भी मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री डी एस रण्दा ने अधिकारी-कर्मचारियों को शपथ दिलाई।
ज्ञानोदय में मानव अधिकार पर परिसंवाद सम्पन्न
नीमच १० दिसम्बर यनिप्रद्ध। आज विश्व में मानव अधिकारों की रक्षा की आवश्यकता है। वर्तमान में महिलाओं पर अत्याचार बढ़ रहे हैं। समाज में असमानता पैहृल रही हैए ऐसे में मानव.मानव के साथ भेदभाव न होए इस दिशा में मानव अधिकार आयोग काम कर रहा है। उक्त उदगार नगर की अग्रणी शिक्षण संस्था ज्ञानोदय शिक्षण समिति द्वारा संचालित ज्ञानोदय इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग के द्वारा अंतर्राष्ट्रीय मानव अधिकार दिवस पर आयोजित परिसंवाद में निदेशिका श्रीमती माधुरी चैरसिया ने कहा। उन्होंने कहा कि मानव अधिकारों की परम्परा हमारे देश की परम्परा है। गौतम बुद्ध ने भी मारने वाले से बचाने वाला बड़ा है का सिद्धांत प्रचारित किया थाए जियो और जीने दो की संस्कृति से ही हम मानवाधिकारों की रक्षा कर सकते हैं। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता सन्दीप मूंदड़ा ने अपने धाराप्रवाह उदबोधन में कहा कि पूरे विश्व को मानव अधिकार के बारे में भारत ने वसुधैव कुटुम्बकम् के माध्यम से संदेश दिया। तुलसी ने भी परहित सरिस धर्म नही भाई की बात कही है। हम भगवान की पूजा करते हैं विंहृतु इन्सान से नफरत क्यों करते हैंए उन्होंने मानवाधिकार आयोग के दोगले व्यवहार पर भी प्रहार करते हुए कहा कि भारतीय सैनिकों के सिर काट लिये जाते हैं तब मानवाधिकार तटस्थ क्यों है। इस पर अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग द्वारा कार्यवाही होना चाहिये। बालकवि बैरागी महाविद्यालय के प्राचार्य डॉण् सुरेन्द्र शक्तावत ने मानवाधिकार के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए सम्राट अशोक को मानवाधिकार का प्रथम प्रचारक माना है। जिसने शिलाओं पर मानवाधिकार की बात ढाई हजार वर्ष पहले अभिव्यक्त की। उन्होंने कहा कि समाज के वर्ग विशेष को आज भी मैला उठाने को विवश होना पड़ रहा है। दलित बिन्दोरी नहीं निकाल सकतेए ऐसे में मानवाधिकार की दुहाई देना व्यर्थ है। ऐसे में मानव को मानव से जोड़ना ही सही अर्थों में मानवाधिकार दिवस मनाना है। जीआईएमटी के डायरेक्टर डॉण् एम एल पाटीदार ने कहा कि तमाम विसंगतियों के बावजूद हमें निराश होने की आवश्यकता नहीं है। सुधार प्रक्रिया निरन्तर चलती हैए ऐसे में हम मानवाधिकार के माध्यम से सामाजिक बुराईयों को दूर अवश्य करेंगे। कार्यक्रम में बीएससी नर्सिंग प्रथम वर्ष के विशाल आर्यए नीतू मारूए द्वितीय वर्ष के पूनम शाहए रीना बम्बोरियाए शमशेद बीए बीएससी द्वितीय वर्ष के रचना राठौरए अंगुरबाला ने भी परिचर्चा में भाग लेते हुए मौलिक विचारों की अभिव्यक्ति की। कार्यक्रम में संस्था की डायरेक्टर गरिमा चैरसिया ने भी सम्बोधित करते हुए मानवाधिकारों की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में एडमिनिस्ट्रेटर प्रोण् के एल शर्माए प्रोण् चक्षु नागदाए प्रोण् सुलक्षणा जैनए प्रोण् श्रीमती माहेश्वरीए प्रोण् चन्द्रकांत गौड़ए प्रोण् सुरेन्द्र पाण्डेए प्रोण् अमित अग्रवालए प्रोण् राजेश तम्बोली आदि प्राध्यापक एवं विद्यार्थी उपस्थित थे। परिचर्चा का समापन भाषण व आभार ज्ञानोदय इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग के प्राचार्य गोपाल राठौर ने माना।
ज्ञानोदय में मानव अधिकार पर परिसंवाद सम्पन्न
नीमच १० दिसम्बर यनिप्रद्ध। आज विश्व में मानव अधिकारों की रक्षा की आवश्यकता है। वर्तमान में महिलाओं पर अत्याचार बढ़ रहे हैं। समाज में असमानता पैहृल रही हैए ऐसे में मानव.मानव के साथ भेदभाव न होए इस दिशा में मानव अधिकार आयोग काम कर रहा है। उक्त उदगार नगर की अग्रणी शिक्षण संस्था ज्ञानोदय शिक्षण समिति द्वारा संचालित ज्ञानोदय इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग के द्वारा अंतर्राष्ट्रीय मानव अधिकार दिवस पर आयोजित परिसंवाद में निदेशिका श्रीमती माधुरी चैरसिया ने कहा। उन्होंने कहा कि मानव अधिकारों की परम्परा हमारे देश की परम्परा है। गौतम बुद्ध ने भी मारने वाले से बचाने वाला बड़ा है का सिद्धांत प्रचारित किया थाए जियो और जीने दो की संस्कृति से ही हम मानवाधिकारों की रक्षा कर सकते हैं। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता सन्दीप मूंदड़ा ने अपने धाराप्रवाह उदबोधन में कहा कि पूरे विश्व को मानव अधिकार के बारे में भारत ने वसुधैव कुटुम्बकम् के माध्यम से संदेश दिया। तुलसी ने भी परहित सरिस धर्म नही भाई की बात कही है। हम भगवान की पूजा करते हैं विंहृतु इन्सान से नफरत क्यों करते हैंए उन्होंने मानवाधिकार आयोग के दोगले व्यवहार पर भी प्रहार करते हुए कहा कि भारतीय सैनिकों के सिर काट लिये जाते हैं तब मानवाधिकार तटस्थ क्यों है। इस पर अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग द्वारा कार्यवाही होना चाहिये। बालकवि बैरागी महाविद्यालय के प्राचार्य डॉण् सुरेन्द्र शक्तावत ने मानवाधिकार के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए सम्राट अशोक को मानवाधिकार का प्रथम प्रचारक माना है। जिसने शिलाओं पर मानवाधिकार की बात ढाई हजार वर्ष पहले अभिव्यक्त की। उन्होंने कहा कि समाज के वर्ग विशेष को आज भी मैला उठाने को विवश होना पड़ रहा है। दलित बिन्दोरी नहीं निकाल सकतेए ऐसे में मानवाधिकार की दुहाई देना व्यर्थ है। ऐसे में मानव को मानव से जोड़ना ही सही अर्थों में मानवाधिकार दिवस मनाना है। जीआईएमटी के डायरेक्टर डॉण् एम एल पाटीदार ने कहा कि तमाम विसंगतियों के बावजूद हमें निराश होने की आवश्यकता नहीं है। सुधार प्रक्रिया निरन्तर चलती हैए ऐसे में हम मानवाधिकार के माध्यम से सामाजिक बुराईयों को दूर अवश्य करेंगे। कार्यक्रम में बीएससी नर्सिंग प्रथम वर्ष के विशाल आर्यए नीतू मारूए द्वितीय वर्ष के पूनम शाहए रीना बम्बोरियाए शमशेद बीए बीएससी द्वितीय वर्ष के रचना राठौरए अंगुरबाला ने भी परिचर्चा में भाग लेते हुए मौलिक विचारों की अभिव्यक्ति की। कार्यक्रम में संस्था की डायरेक्टर गरिमा चैरसिया ने भी सम्बोधित करते हुए मानवाधिकारों की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में एडमिनिस्ट्रेटर प्रोण् के एल शर्माए प्रोण् चक्षु नागदाए प्रोण् सुलक्षणा जैनए प्रोण् श्रीमती माहेश्वरीए प्रोण् चन्द्रकांत गौड़ए प्रोण् सुरेन्द्र पाण्डेए प्रोण् अमित अग्रवालए प्रोण् राजेश तम्बोली आदि प्राध्यापक एवं विद्यार्थी उपस्थित थे। परिचर्चा का समापन भाषण व आभार ज्ञानोदय इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग के प्राचार्य गोपाल राठौर ने माना।
षासन में राजनीति नहीं राजधर्म चाहिए, तभी सदैव विजयी होती है - योगेष्वर षास्त्री
- श्रीराम कथा की ज्ञान गंगा का महायज्ञ के साथ विश्राम आज
नीमच 10 दिसम्बर (केबीसी न्यूज)। षासन में राजनीति नहीं राजधर्म चाहिए, तभी सदैव विजयी होती है । षासन में राजनीति नहीं राजधर्म चाहिए, तभी सदैव विजयी होती है। कुषल मंत्री वहीं जो खोई हुई सत्ता लौटा लाये। प्रधानमंत्री वही अच्छा होता है ो गरीब प्रजा को आजीविका दाल रोटी का चिंतन करे। जिस राजा के राज्य में जनता दुःखी हो, उस राजा को राज करने का अधिकार नहीं। गांव में प्रेम सौहार्द्र बनाना मुखिया का दायित्व है। यही राजधर्म होता है। सबसे बडा धर्म मानव धर्म होता है। सभी जीव सुख से जीएं यही मानव धर्म सिद्ध होता है। उक्त विचार श्रीषिव षक्ति महिला मंडल एवं भक्तजनों द्वारा श्री भूतेष्वर महादेव मंदिर सत्संग सभागार में 10 दिसम्बर को सातवें दिवस आयोजित श्रीराम कथा की ज्ञानगंगा में संत योगेष्वर षास्त्री ने व्यक्त किए। संतश्री ने कहा कि भगवान भाव के भूखे होते हैं, पकवान के नहीं। स्वाद षबरी के बैरों में नहीं उसके इंतजार और भक्ति भावना में था। भगवान अनमोल है, इसका मोल केवल प्रेम तपस्या है। सारे संसार का भौतिक सुख, वैभव एक तरफ संत एवं भक्त का प्रेम एक तरफ होता है। कृष्ण ने प्रेम नहीं तोडा, राम ने मर्यादा नहीं तोडी, षबरी के झूठे बैर खाकर प्रेम प्रदर्षित किया, प्रेम में भावना पवित्रता देखी जाती है। जहां नियम होता है वहां प्रेम नहीं होता। कौषल्या ने 14 वर्ष बाद वनवास से आने पर भोजन कराया तो भगवान राम भाव विहल हो गए और रो पडे और कहा षबरी के झूठे बैरों की याद आ जाती है। प्रेम से बुलाओ तो भगवान दौडे चले आते हैं। मनुष्य धन परिवार का अहंकार नहीं करे। संतश्री ने कहा कि नवधा भक्ति करें तो जीवन का कल्याण हो सकता है। मनुष्य जो जैसा है उसे वैसा ही देखो, किसी के दोष नहीं देखे। हम सदैव सभी की अच्छाईयां देखें। षबरी ने अनेक पल प्रतीक्षा के बाद राम के दर्षन किये तो प्रसन्न हुई। श्रीराम ने षबरी के झूठे बैर खाकर राम ने उंच नीच के भेद को मिटाने का प्रेरणादायी संदेष दिया। षबरी ने राम के चरण आंसुओं से धुलाए और अपनी आस्था व्यक्त की। कथा आरती में श्रीमती अर्चना षर्मा, श्रीमती ज्योति षर्मा, श्रीमती निर्मला, श्रीमती मंजू जायसवाल, श्रीमती कमला जैन, सुषीला जायसवाल, संगीता जायसवाल सहित अनेक गणमान्य श्रद्धालु उपस्थित थे। षिवषक्ति महिला मंडल के सदस्यों द्वारा जनता से धर्मलाभ लेने की अपील की है। महाआरती के बाद प्रसाद वितरण किया गया।
षबरी राम मिलन देख श्रद्धालु हुए भाव विहल
श्रीरामकथा के मध्य जब संतश्री षास्त्री ने षबरी राम मिलन का संवाद सुनाया तो सत्संग भवन में उपस्थित श्रद्धालु भाव विहल हो गए और उनकी आंखों से आंसूओं की धारा बहने लगी। झांकी में षबरी - अन्नु दुबे, राम - प्राची षर्मा, हनुमान - ष्याम पुरोहित ने स्वांग धर प्रभावी एवं आकर्षक अभिनय प्रस्तुत किया।
कथा में राम का राजतिलक आज
नीमच। षिवषक्ति महिला मण्डल एवं श्रद्धालु भक्तों द्वारा भूतेष्वर महादेव मंदिर सत्संग सभागार में संत योगेष्वर षास्त्री के मुखारविंद से आज 10 दिसम्बर मंगलवार को दोपहर 1 बजे लंका कांड, उत्तरकांड, रामसेतु, राम रावण युद्ध एवं राम राज तिलक प्रसंग पर अमृत ज्ञानगंगा प्रवाहित होगी। महायज्ञ एवं पूर्णाहुति के साथ कथा का विश्राम होगा।
श्रीमद् प्रज्ञा पुराण कथा एवं 9 कुण्डीय महायज्ञ का षंखनाद आज
नीमच 10 दिसम्बर (केबीसी न्यूज)। गायत्री परिवार षाखा भोलियावास द्वारा आज 11 दिसम्बर 13 बुधवार से 13 दिसम्बर षुक्रवार तक आचार्य पं. श्रीराम षर्मा की रचना श्रीमद् प्रज्ञा पुराण कथा एवं 9 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ का विराट आयोजन युगतीर्थ षांतिकुंज हरिद्वार के विद्वान मनीषी द्वारा गायत्री प्रज्ञापीठ भोलियावास ग्राम में आयोजित किया जावेगा। गायत्री परिवार के प्रवक्ता ने बताया कि कार्यक्रम का षुभारंभ आज 11 दिसम्बर बुधवार को प्रातः 8 बजे कलष यात्रा, गं्रथ स्थापना से विधिवत पूजा अर्चना मंत्रोच्चार के साथ होगा। दोप. 12 से 3 बजे तक प्रज्ञा पुराण की अमृत ज्ञान गंगा प्रवाहित होगी। गुरूवार 12 दिसम्बर को प्रातः 6.45 बजे ध्यान एवं जप तथा 6.45 बजे योग प्राणायाम, दोप. 12 से 3 बजे प्रज्ञा पुराण कथा, रात्रि 7 से 9 बजे तक दीपयज्ञ आयोजित होगा। षुक्रवार 13 दिसम्बर को प्रातः 6 बजे ध्यान एवं जप प्रातः 6.45 बजे योग प्राणायाम, प्रातः 8 से 11 बजे यह संस्कार एवं विश्राम एवं विदाई कार्यक्रम के साथ वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ सम्पन्न होगा। कलषयात्रा में षामिल होने वाली माताएं बहनें पीताम्बरी पीले परिधानों में तथा यज्ञ में पुरूष भारतीय परिधानों में भाग लेंगे। सभी संस्कार निःषुल्क कराए जाएंगे।
स्वास्थ्य प्रषिक्षण षिविर जारी
नीमच 10 दिसम्बर (केबीसी न्यूज)। षुद्ध आहार एवं व्यायाम से मनुष्य स्वस्थ्य कैसे रहे का विधिवत प्रषिक्षण प्रतिदिन 9 से 16 दिसम्बर तक प्रातः 7 से 9 बजे तक विकास नगर स्थिति श्री जय झूलेलाल मंदिर के प्रांगण में आयोजित होगा। सन टु ह्युमन षिविर प्रवक्ता ने बताया कि यह षिविर विगत एक माह से नगर के विभिन्न क्षेत्रों में आयोजित हो रहा है। इस षिविर में व्यायाम करने वाले अनेक रोगी निरोगी हो रहे हैं।

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