हिंदी के मशहूर कवि और 'ऐ मेरे वतन के लोगों' सहित कई सुरीले देशभक्ति गीतों के रचयिता प्रदीप के परिवार के लोगों ने मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार के एक मंत्री से उनके पिता के साथ-साथ परोक्ष रूप से महात्मा गांधी का अपमान करने के लिए लिखित में माफी मांगने को कहा। परिवार ने कहा है कि जो बयान सामने आया है वह पर्याप्त नहीं है।
दिवंगत कवि प्रदीप की बेटियों मितुल प्रदीप और सरगम ठक्कर ने पर्यावरण मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से उनके उस कथित बयान के लिए माफी मांगने के लिए कहा है जिसमें विजयवर्गीय ने कहा था कि 'राष्ट्रीय स्तर के सम्मानित कवि को महात्मा गांधी की प्रशंसा करने के लिए लात-घूंसे लगाए जाने चाहिए थे।'
इंदौर में मध्य दिसंबर में एक सभा में विजयवर्गीय ने लोकप्रिय देशभक्ति गीत 'दे दी हमें आजादी बिना खड्ग बिना ढाल, साबरमती के संत तूने कर दिया कमाल' पर छींटाकशी की। यह गीत प्रदीप ने 1954 में बनी फिल्म 'जागृति' के लिए रची थी और यह महात्मा गांधी के प्रति श्रद्धांजलि मानी जाती है। मंत्री के बयान से आहत कवि प्रदीप की बेटी मितुल ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह और गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी से विरोध दर्ज कराते हुए माफी मांगने को कहा।
नाराज मितुल प्रदीप ने गुरुवार को कहा, "करीब एक महीने बाद कल (बुधवार को) मुझे विजयवर्गीय का जवाब मिला है जिसमें कोई पश्चाताप का भाव नहीं है और उनके हिंसक विचारों का संकेत मिलता है। उन्होंने सार्वजनिक रूप से टिप्पणी करने के लिए पछतावा जाहिर किया है, कही गई बातों के लिए नहीं। उन्होंने दावा किया किया है कि विभिन्न मुद्दों पर उन्हें अपने विचार रखने की आजादी हासिल है।" अपने मंत्रालय के लेटरहेड पर हिंदी में लिखे गए जवाब में कवि प्रदीप की महानता को स्वीकार करते हुए विजयवर्गीय ने कहा है कि कवि के बारे में भिन्न विचार व्यक्त करना किसी तरह उनका अपमान करना नहीं है।

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