भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा अगामी लोकसभा चुनाव के लिए टिकट दिए जाने की पेशकश दिए जाने के बाद गुरुवार को राजनीति में आने से इनकार कर दिया। सौरव गुरुवार को अपनी एक स्कूल स्थापित करने की योजना का प्रस्ताव लेकर राज्य सचिवालय मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मिलने पहुंचे थे। सचिवालय में सौरव ने कहा कि वह खेल के मैदान में ही अच्छे हैं।
पत्रकारों द्वारा राजनीति में प्रवेश के सवाल पर सौरव ने कहा, "नहीं, एकदम नहीं, मैं खेल के मैदान में ही ठीक हूं। यह तो सुनिश्चित ही है।" इससे पहले बीते वर्ष दिसंबर में भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष राहुल सिन्हा ने कहा था कि पार्टी महासचिव एवं राज्य में पार्टी मामलों के प्रभारी वरुण गांधी ने दिल्ली में एक बैठक के दौरान सौरभ के सामने लोकसभा चुनाव में पर्टी की तरफ से अपने पसंददीदा लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने की पेशकश रखी थी।
सौरव ने इस पेशकश की पुष्टि तो की थी, लेकिन कहा था कि अभी उन्होंने इस पर कोई निर्णय नहीं किया है। कुझ ही दिनों बाद कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष प्रदीप भट्टाचार्य भी सौरव के घर उनसे मुलाकात करने पहुंचे थे। हालांकि उन्होंने इसे निजी कार्य के तहत की गई मुलाकात बताया था और कहा था कि इसका राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है।

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें