एनडीए में जाने को लेकर आज रामविलास पासवान की पार्टी एलजेपी फैसला ले सकती है। एलजेपी की संसदीय बोर्ड की आज बैठक होने वाली है। सूत्रों के मुताबिक बीजेपी बिहार में पासवान की पार्टी एलजेपी के लिए चालीस में से सात-आठ सीटें देने को राजी है। एक-दो सीटों के लिए बातचीत जारी है।
गौरतलब है कि रामविलास पासवान ने 2002 में गुजरात दंगों के बाद एनडीए छोड़ा था मोदी को लेकर तब से वो तमाम तरह के बयान देते रहे हैं। सूत्र बता रहे हैं कि बिहार में बीजेपी के साथ रामविलास पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी का गठबंधन तय माना जा रहा है, भले ही दोनों पार्टियों ने इसकी औपचारिक घोषणा न की हो, लेकिन एलजेपी के नेता सूरजभान सिंह ने अपने दावे स्पष्ट कर दिए हैं।
उन्होंने दावा किया कि बीजेपी के मिशन मोदी में एलजेपी हमसफर बनने को राजी है। एलजेपी के नेता ने यहां तक कह दिया कि बीजेपी और एलजेपी में गठबंधन हो चुका है, केवल औपचारिक ऐलान बाकी हैद्ध वहीं सूत्रों से मिली खबर के अनुसार रामविलास पासवान के बेटे चिराग पासवान बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह से मिले हैं। पता चला है कि यह मुलाकात लगभग चार घंटों तक चली है। खबर मिली है कि इसके बाद राजनाथ ने गठबंधन के मसले पर नरेंद्र मोदी से बात भी की है।
सूत्रों ने यह भी बताया कि गठबंधन की शर्तों के तहत एलजेपी बिहार में सात सीटों पर लोकसभा चुनाव लड़ सकती है। चिराग पासवान के जमुई, रामविलास पासवान के हाजीपुर और रामचंद्र पासवान के समस्तीपुर से चुनाव लड़ने की उम्मीद है। इस बारे में आखिरी फैसला लेने के लिए जल्द ही एलजेपी संसदीय बोर्ड की बैठक होने वाली है। इन अटकलों के बाद पता चला है कि इस गठबंधन से बीजेपी के कुछ नेता खुश नहीं है। बगावत की आवाज उठाते हुए बिहार बीजेपी के वरिष्ठ नेता अश्वनी चौबे ने पासवान पर हमला बोलते हुए कहा कि पासवान न सिर्फ अवसरवादी है, बल्कि इन्होंने पिछले 10 सालों में जमकर नरेंद्र मोदी और बीजेपी को गालियां दी हैं, ऐसे में ऐसे लोगों के साथ गठबंधन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। चौबे ने यह भी बताया कि पार्टी का बड़ा धड़ा इस गठबंधन से नाराज है और वो इसके खिलाफ आलाकमान से बात करेंगे। उन्होंने कहा कि बीजेपी को किसी गठबंधन की जरूरत नहीं है और अगर गठबंधन हुआ तो यह बीजेपी के लिए आत्मघाती कदम होगा।
.jpg)
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें