एनआईए ने दिल्ली की निचली अदालत में इंडियन मुजाहिदीन के सह-संस्थापक यासीन भटकल के खिलाफ दूसरी चार्जशीट दाखिल कर दी है। एनआईए ने अपनी चार्जशीट में बताया है कि भटकल अल कायदा चीफ ओसामा बिन लादेन से प्रेरित था।
चार्जशीट में कहा गया है कि भटकल ने नेट के जरिये कई दस्तावेज डाउनलोड किए थे जिसमें ओसामा और अन्य आतंकियों के विडियो व अन्य दस्तावेज शामिल थे। ये दस्तावेज और विडियो वह युवकों को दिखाता था और उन्हें जिहाद के नाम पर कुर्बान होने के लिए कहता था। इसके लिए वह कुछ चुनिंदा किताबों के मुहावरों का भी प्रयोग करता था। वह अपने लैपटॉप में सारी सामग्री सेव करके रखता था।
एनआईए ने दूसरी चार्जशीट में भटकल के अलावा असादुल्ला अख्तर, मंजर इमाम और उजैर अहमद को आरोपी बनाया है। इन पर आरोप है कि इन्होंने देश में आतंकवाद फैलाने के लिए साजिश की थी। एनआईए ने बताया कि पहले इंडियन मुजाहिदीन एक छोटे से ग्रुप 'उसाबा' के नाम से कर्नाटक के भटकल एरिया में चलता था। उसाबा अरबी शब्द है। इसका मतलब है कि 11 से ज्यादा और 40 से कम सदस्य होंगे। इनका काम जिहाद करना था।
एनआईए ने चार्जशीट में बताया है कि दिल्ली का अक्षरधाम मंदिर, पुणे का आर्मी एरिया इंडियन मुजाहिदीन के टॉप टारगेट लिस्ट में शामिल हैं। भटकल के लैपटॉप आदि से जो डाटा मिले हैं, उसके मुताबिक इंडियन मुजाहिदीन के मेंबर इन इलाकों के लिए असले लेकर आए थे। ये असले रियाज भटकल ने भेजे थे। ये हथियार व गोला बारुद जनवरी-फरवरी 2012 में भेजे गए थे। आतंकी वारदात के लिए इन इलाकों की रेकी भी की गई थी।
एनआई ने यह भी कहा कि ये लोग तालिबान के लिए टेक कोड का, आईएसआई के लिए एजेंसी और वोडा का जबकि दिल्ली के लिए शाम कोड का इस्तेमाल करते थे। एके-47 के लिए रिजर्वेशन शब्द कोड के तौर पर बोलते थे। इन तमाम कोड का इस्तेमाल यासीन भटकल और उसके साथी करते थे।
भटकल के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने हथियार फैक्ट्री लगाने के लिए चार्जशीट दाखिल की है। फैक्ट्री में काफी मात्रा में हथियार बरामद किए गए थे। स्पेशल सेल ने भटकल व असादुल्ला अख्तर के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। इस मामले की सुनवाई के लिए अदालत ने 3 मार्च की तारीख तय की है।
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