गठबंधन की दिन भर उड़ी अफवाह पर सोमवार को लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं ने सोमवार को कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। असल में लोजपा के एक नेता ने दावा किया था कि उनकी पार्टी बिहार में भाजपा के साथ गठजोर करने जा रही है। पार्टी अध्यक्ष रामविलास पासवान के करीबी लोजपा के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि गठबंधन की संभवाना की तलाश में भाजपा लोजपा से संपर्क बनाए हुए है। लोजपा नेता ने कहा, "अगले दो से तीन दिनों में इस आशयक की औपचारिक घोषणा कर दी जाएगी।"
गठबंधन की संभावना पूछे जाने पर भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने कहा कि उन्हें इसके बारे में कोई सूचना नहीं है। राजनाथ सिंह ने संवाददाताओं से कहा, "ऐसी चर्चाएं चल रही हैं। मैं चर्चाओं के बारे में अवगत नहीं हूं। यदि कुछ होता है तो उपयुक्त समय पर उसकी घोषणा कर दी जाएगी।"
उधर रामविलास पासवान के बेटे चिराग पासवान ने कहा, "दोनों दलों के अध्यक्षों के बीच संबंध बेहतर है। रामविलास पासवान (लोजपा) और राजनाथ सिंह (भाजपा) विभिन्न अवसरों पर मिलते रहते हैं, लेकिन इसके बाद भी आप सवाल करते हैं कि दोनों अध्यक्षों के बीच गठबंधन की बातचीत चल रही है तो उसका जवाब है, नहीं।" उन्होंने कहा कि संसदीय बोर्ड की बैठक के बाद लोजपा अपनी भावी रणनीति तय करेगी।
उन्होंने कहा, "पार्टी के नेताओं के बीच अविश्वास के कारण गठबंधन पर तस्वीर साफ नहीं है। हम जल्दी ही पार्टी संसदीय बोर्ड की बैठक आयोजित करने जा रहे हैं जिसमें भविष्य की रणनीति के बारे में फैसला लिया जाएगा।" इस बीच कांग्रेस ने इन खबरों को 'शुद्ध रूप से काल्पनिक' करार दिया और कहा कि रामविलास पासवान ने ही गुजरात दंगों को लेकर सबसे पहले भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) को अलविदा कहा था। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने कहा, "लोगों के बीच जो कुछ चर्चाएं चल रही हैं उसके बारे में मेरी प्रतिक्रिया यही होगी कि यह शुद्ध रूप से काल्पनिक है।"

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