आरजेडी में उठी बगावत की लहर के बाद पार्टी डैमेज कंट्रोल में जुट गई है। पार्टी के विधायक दल की बैठक जारी है। 13 में से नौ बागी विधायक पार्टी की बुलाई बैठक के लिए पहुंच गए हैं। इससे पूर्व आरजेडी की टूट के लिए पार्टी अध्यक्ष लालू यादव ने मुख्यमंत्री नीतिश कुमार को जिम्मेदार ठहराया। लालू ने आज नीतीश के साथ-साथ विधानसभा स्पीकर पर भी जालसाजी का आरोप लगाया। वैसे, लालू प्रसाद यादव आज विधायक दल की बैठक कर रहे हैं, जिसके बाद माना जा रहा है कि वह टूट को नकारते हुए अपने विधायकों की परेड करा सकते हैं, बैठक में नौ बागी विधायक पहुंच चुके हैं। जो चार विधायक नहीं लौटे हैं, उनके नाम सम्राट चौधरी, जावेद इकबाल अंसारी, राघवेंद्र प्रताप सिंह और अख़्तार उल इस्लाम हैं।
नीतीश ने इस पूरे मामले पर कहा कि आरजेडी को तोड़ने के आरोप झूठे हैं। नीतीश बोले कि आरजेडी में मतभेद हैं और इससे इनकार नहीं किया जा सकता कि वहां टूट जैसी स्थिति उत्पन्न हुई। साथ ही उन्होंने यह भी साफ किया कि जो विधायक आरजेडी छोड़कर आएंगे, उनका जेडीयू में स्वागत है। सोमवार को लालू की पार्टी में 13 विधायकों ने अलग गुट बनाने का दावा किया, जिसे स्पीकर ने अलग मान्यता भी दे दी हालांकि नाटकीय घटनाक्रम में इनमें से छह विधायकों ने वापसी करते हुए खुद को पार्टी के साथ घोषित किया हालांकि आरजेडी विधायक दल के नेता अब्दुल बारी सिद्दिकी ने दावा किया है कि 13 में से 10 विधायक वापस लौट आए हैं।
इस बगावत के बाद अब सबकी नजर लालू यादव के अगले कदम पर है। हालांकि इस बीच लालू डैमेज कंट्रोल में जुट गए हैं और उनकी पूरी कोशिश इस फूट का ठीकरा नीतीश कुमार के सिर फोड़ने की है। इसमें संदेह नहीं कि नीतीश ने न सिर्फ उन्हें विधानसभा में नुकसान पहुंचाया है बल्कि लोकसभा चुनाव में उनकी संभावनाओं पर चोट की है। अब लालू इस कोशिश में जुटे हैं कि इस टूट-फूट के लिए जेडीयू को खलनायक साबित किया जाए।

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