भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को वाराणसी लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र के लिए अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। उन्होंने वाराणसी की 'गंगा जमुनी तहजीब' को भी नमन किया। अपने करीबी सहयोगी अमित शाह, पार्टी नेता रवि शंकर प्रसाद और मुख्तार अब्बास नकवी के साथ पहुंचे मोदी ने अपना नामांकन भरने से पूर्व शहर के मुस्लिम बुनकरों के उत्थान का वादा किया। मोदी के प्रस्तावकों में न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) गिरिधर मालविया, हिंदुस्तानी शास्त्रीय गायक पंडित छन्नू लाल मिश्रा, मल्लाह वीर भद्र निशद और अशोक शामिल हैं, जिन्होंने बुनकर समुदाय का प्रतिनिधित्व किया।
मोदी ने पवित्र हिंदू शहर की धर्मनिरपेक्ष प्रकृति को नमन करते हुए कहा कि वह वाराणसी को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर जानी जाने वाली आध्यात्मिक राजधानी बनता देखना चाहते हैं। मोदी ने उत्तर प्रदेश में लोकसभा सीट की लड़ाई के लिए अपना नामांकन भरने से ठीक पहले कहा, "किसी ने मुझसे यहां आने के लिए नहीं कहा, किसी ने मुझे वाराणसी नहीं भेजा।" उन्होंने कहा, "गंगा मैया ने मुझे आमंत्रित किया..शायद वह मुझे आशीर्वाद दें। भगवान मुझे वाराणसी की गंगा-जमुनी तहजीब की सेवा करने की शक्ति दें।"
उन्होंने इंगित किया कि कैसे उन्होंने गुजरात के मुस्लिम पतंग निर्माताओं की स्थिति सुधारने में मदद की थी। मोदी ने कहा कि वह आधुनिक तकनीक, ब्रांडिंग, डिजाइनिंग और विपणन के साथ वाराणसी के मुस्लिम बुनकरों के लिए भी ऐसा ही करेंगे। उन्होंने गुजरात की साबरमती नदी की तरह ही गंगा की सफाई कराने का भी वचन लिया। उन्होंने अपने रोड शो के अंत में कहा, "मेरे ख्याल से वाराणसी के लोग मुझे बहुत प्यार दे रहे हैं।" रोड शो ने शहर में हजारों लोगों को आकर्षित किया।
मोदी ने बाद में ट्विटर पर एक टिप्पणी में कहा कि वाराणसी आना अपनी मां के पास वापस आने जैसा था। उन्होंने ट्वीट किया, "मेरा वाराणसी आना एक बच्चे का अपनी मां के पास जाने जैसा है। मैं इस पवित्र भूमि पर गंगा मैया के बुलावे पर आया।"

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें