भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को बिहार के सहरसा, मधुबनी और दरभंगा में चुनावी सभा को संबोधित करते हुए जहां कोसी की बाढ़ की चर्चा की, वहीं रेल मंत्री रहे बिहार के नेताओं के जरिए विरोधियों पर तीखा प्रहार किया। सहरसा मधेपुरा संसदीय क्षेत्र में है। उन्होंने चुनावी सभाओं को संबोधित करते हुए मिथिलांचल और कोसी क्षेत्र के मतदाताओं से कहा कि प्राकृतिक आपदा में कोसी और मिथिलांचल तबाह हो गया था परंतु आज तक इन दोनों क्षेत्रों को जोड़ने का प्रयास नहीं किया गया। यहां के लोगों को अब तक न्याय नहीं मिला है।
उन्होंने किसी का नाम लिए बिना कहा कि यहां के कई रेल मंत्री हुए, लेकिन उन्हें कोसी की याद नहीं आई। उन्होंने लोगों से वादा किया था कि इस क्षेत्र में रेल का विस्तार किया जाएगा। किसानों की समस्या की चर्चा करते हुए कहा कि आज किसान कई तरह की समस्याओं से परेशान हैं। उनकी समस्याएं कई हैं, परंतु समाधान कुछ नहीं हो रहा है। मोदी ने किसानों से कहा कि किसानों को खेती में आने वाले खर्च पर 50 प्रतिशत मुनाफा जोड़कर कृषि उत्पाद का न्यूनतम समर्थन मूल्य तय किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने जो सपना देखा था वह आज तक पूरा नहीं हुआ है। उन्होंने कोसी नदी से आने वाली बाढ़ की विभीषिका की चर्चा करते हुए कहा कि जब तक जल प्रबंधन की उचित व्यवस्था नहीं होगी, तब तक यह संकट दूर नहीं हो सकता। सहरसा में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी ने नदियों को जोड़ने का सपना देखा था, परंतु आज तक उसे पूरा नहीं किया जा सका है। उन्होंने कहा कि अगर नदियों को जोड़ दिया जाए तो न केवल सूखा रहने वाले क्षेत्र में सूखा नहीं होगा, बल्कि बाढ़ से घिरे रहने वाले क्षेत्रों में बाढ़ भी नहीं आएगी।
उन्होंने कोसी में प्रतिवर्ष आने वाले बाढ़ की चर्चा करते हुए कहा कि गांव के गांव बाढ़ के कारण तबाह हो जाते हैं, गांव नदियों में समा जाते हैं। ऐसे में जरूरी है कि उचित जलप्रबंधन किया जाए। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के उम्मीदवारों को विजयी बनाने की अपील करते हुए कहा कि केंद्र में मजबूत सरकार बनने से ही देश का विकास हो सकता है।
मधेपुरा से भाजपा से विजय कुमार कुशवाहा जबकि मधुबनी से हुकुमदेव नारायण यादव और दरभंगा से कीर्ति आजाद भाजपा के उम्मीदवार हैं। इन सभी क्षेत्रों में 30 अप्रैल को मतदान होना है। इसके पूर्व मोदी 27 मार्च को बिहार में गया और सासाराम, दो अप्रैल को नवादा और बक्सर, 10 अप्रैल को जहानाबाद, पटना और आरा में तथा 19 अप्रैल को कटिहार और सुपौल में चुनावी सभा को संबोधित कर चुके हैं।

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