उत्तराखंड में हुए एनआरएचएम घोटाले की सीबीआई जांच से भाजपा बढ़ी मुश्किलें
देहरादून, 24 अपै्रल। उत्तरप्रदेश की तरह उत्तराखंड में हुए एन आर एच एम घोटाले की सीबीआई जांच की सिफारिश के बाद भाजपा की मुश्किले बढ़ती नजर आ रही हैं वहीं इस मामले पर भाजपा ने इसे कांग्रेस का राजनैतिक कदम करार दिया और कहा कि कांग्रेस लोकसभा चुनाव की हार से पहले अपनी झटपटाहट दिखा रही है उत्तराखंड के साथ साथ देश के कई राज्यो में केंद्र सरकार से नेशनल रूरल हैल्थ मिशन के तहत करोड़ो रूपए की धनराशि दी गयी थी जिस पर घोटाला होने की जानकारी उजागार हुई। उल्लेखनीय है कि इस मामले में राज्य सूचना आयोग के सदस्य अनिल शर्मा को कई बार जान से मारने की धमकी दी जा चुकी है क्योंकि उन्होने इस मामले पर राज्य सूचना आयोग में हरिद्वार निवासी रमेेश चन्द्र शर्मा द्वारा की गयी शिकायत के बाद लम्बी सुनवायी कर प्रदेश सरकार कोे इस समूचे प्रकरण की 21 नवम्बर 2011 को सीबीआइ जांच की अनुशंसा की थी जांच के दौरान कोर्ट ने पाया कि एनआरएचएम के तहत 2008 मे 14,70 करोड़ की निःशुल्क वितरण के लिए खरीदी गयी दवाओं में करोड़ो रूपये का घोटाला हुआ है यहीं नहीं खरीदी गयी दवाआंे से जुड़े दस्तावेज भी गायब हैं। स्वास्थ्य महानिदेशक ने कोर्ट मे खुद आ कर विभागीय जांच और दस्तावेजों को उपलब्ध कराने में आयोग के समक्ष असमर्थता जाहिर की थी। महानिदेशक के असमर्थता के बाद राज्य सूचना आयुक्त अनिल कुमार शर्मा की कोर्ट ने मुख्य सचिव को पूरे प्रकरण पर सीबीआई जांच की संस्तुति की थी । तब से लेकर अब तक यह फाइल सचिवालय में जांच की अन्य फाइलों की तरह धूल फांक रही थी। जिसपर मुख्यमंत्री हरीश रावत ने धूल हटाने की कोशिश की है। अब देखना होगा कि राज्य निर्माण से लेकर आज तक की जांच का मुंह ताक रही तमाम वो फाइलों भी बाहर निकल कर आती भी हैं अथवा ऐसे ही पड़ी रहती है। गौरतलब हो कि उत्तर प्रदेश के अंदर इस घोटाले को लेकर एक सीएमओ का मर्डर तक कर दिया गया था और कई कर्मचारी अभी भी जेल की हवा ले रहे है ंजिस के बाद इस मामले का खुलासा अन्य राज्यों में भी हुआ था जिस में कई अधिकारी दोषी पाये गए है और अब उत्तराखंड में इस घोटले की जांच राज्य सरकार ने सीबीआइ से करवाने की संस्तुति कर दी है जिस ने उन राजनैतिक लोगांे के साथ साथ अधिकारियांे की भी नींद उड़ा कर रख दी है जिन के हाथ इस घोटले की खान में काले हो रखे है उत्तराखंड में स्वास्थ्य महकमे के अंदर हुए इस घोटाले में भाजपा सरकार के स्वास्थ्य मंत्री रहे रमेश पोखरियाल निशंक सहित के एनआरएचएम के तत्कालीन अध्य्ाक्ष अजय भट्ट पर भी जांच की आंच जा सकती है। वहीं इस घोटाले को अंजाम देने वाला एक प्रदेश प्रशासनिक सेवा का एक चर्चित अधिकारी वर्तमान में उत्तराखंड से अपने मूल कैडर उत्तरप्रदेश जा चुका है। वहीं भाजपा के एक वर्तमान विधायक पर भी कार्रवाही हो सकती है कुल मिलकर इस घोटाले की जांच के बाद कई लोगों के ऊपर से नकाब उतर सकता है जो उनकी राजनैतिक जमीं के लिए ठीक नहीं इस मामले को कांग्रेस के कुछ विधयाकों द्वारा भी पूर्व में विधानसभा में उठाया जा चुका है अब इस मामले पर भाजपा किस तरह खुद का बचाव करती है ये देखने वाली बात होगी क्योंकि कांग्रेस इस मामले को जनता के बीच ले जाने में जुट गयी है माना जा रहा है कांग्रेस भाजपा शासनकाल में हुए कई दूसरे मामलांे को भी जल्द जांच के बाद सीबीआई को देने पर मंथन करती हुई देखी जा रही है।
हरिद्वार लोकसभा सीट पर नाम वापसी के बाद 24 उम्मीदवार चुनाव मैदान में
देहरादून, 24 अप्रैल (निस)। भारत में 16वीं लोकसभा के लिए हो रहे चुनाव के मद्देनजर उत्तराखण्ड की हरिद्वार लोकसभा सीट महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। जहां राज्य के धूरंधर पूर्व मुख्यमंत्री भाजपा प्रत्याशी डा. रमेश पोखरियाल निशंक व केन्द्रीय मंत्री के रूप में भूमिका निभा चुके वर्तमान मुख्यमंत्री व हरिद्वार के निवर्तमान सांसद हरीश रावत की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है। क्योंकि उनकी पत्नी रेणूका रावत भी चुनाव मैदान में है। जिनके भाग्य का फैसला हरिद्वार संसदीय सीट पर 1553307 मतदाता करेंगे। जिसमें महिला मतदाताओं की संख्या 709666 व पुरूष मतदाता 843641 है। तीन लोगों द्वारा नामाकंन वापसी के बाद अब वैसे तो 24 उम्मीदवार चुनाव मैदान में रह गये हैं परन्तु कांटे की टक्कर भाजपा व कांग्रेस प्रत्याशी के बीच ही होगी। जिसमें भाजपा जहां केन्द्र सरकार के भ्रष्टाचार, महंगाई, बेरोजगारी व विकास के मुद्दों को उठा रही है वहीं कांग्रेस राज्य में विकास का ढोल पिटकर लोगों के बीच घुसपैठ करने की कोशिश कर रही है। जिसका मानना है कि भाजपा लोगों को गुजरात का माडल दिखाकर गुमराह कर रही है, जबकि वास्तविकता जमीनी हकीकत से कोसों दूर है। यहां यह भी बताते चलें कि हरिद्वार लोकसभा सीट के अन्तर्गत जहां हरिद्वार को हिन्दू मुस्लिम लोगों की धर्मनगरी के रूप मंे देखा जाता है, वहीं इसी लोकसभा में आने वाले अन्तर्राष्ट्रीय नक्शे पर अपना स्थान बनाये योग, तीर्थ व पर्यटन नगरी ऋषिकेश भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। वैसे तो अभी तक ऋषिकेश टिहरी लोकसभा क्षेत्र के अन्तर्गत आता रहा लेकिन राजनीतिक दृष्टिकोण से 15वी लोकसभा में ऋषिकेश को टिहरी से काटकर हरिद्वार लोकसभा में जोडा जाना राज नीतिक दृष्टिकोण से मैदान व पहाड़ की राजनीति को प्रभावित करता है। नामांकन वापसी के बाद अब सभी दलों की स्थिति स्पष्ट हो गई है। इस सीट की खासियत यह है कि यहां कोई भी दल अपने वर्चस्व का दावा नहीं कर सकता। हरिद्वार ने सबको जिताया है सबको हराया है। यहां की समर भूमि में सभी को संघर्ष करना पड़ता है। इस बार यहां मोदी की लहर को भूनाने के लिए जहां राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक व वर्तमान मुख्यमंत्री हरीश सरकार के बीच जंग तय है। हरीश रावत के प्रतिनिधित्व वाली सीट से उनकी पत्नी रेणुका रावत की उम्मीदवारी के चलते यहां मुख्यमंत्री की अग्नि परीक्षा भी होगीं । भाजपा की ओर से यहां पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक उम्मीदवार हैं। वैसे तो और भी कई प्रत्याशी यहां से दम भर रहे हैं लेकिन मुख्यमंत्री की पत्नी का मुकाबला मुख्य रूप से निशंक से ही माना जा रहा है। जिले की खराब कानून व्यवस्था गन्ना किसानो का बकाया और बार-बार आने वाली बाढ़ से बचाने के लिए इंतजामात व महगांई, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी पलायन के साथ बहादराबाद से रूड़की तक खोदी गई नई नहर जिसमें किसानों की सैकड़ो बीघा भूमिबर्बाद हो गई है भी बडे़ मुददे हैं बरसों पहले अल्मोड़ा से लोकसभा चुनाव हारी हरीश रावत की पत्नी रेणुका रावत इस बार यहां मैदान में है। आपातकाल 1977 के बाद कांग्रेस इस सीट पर तीन बार ही जीत सकी, इसलिए हरिद्वार को कांग्रेस के लिए माकूल कहना भी ठीक नहीं होगा। पति हरीश रावत की सीट होने के साथ उनका मुख्यमंत्री होना उन्हे टिकट मिलने की सबसे बड़ी वजह मानी जा रही है। तो वहीं 15वीं लोकसभा सीट के दौरान हरिद्वार लोकसभा सीट पर हिन्दू मुस्लिम के बीच हुए वोटों के ध्रुवीकरण व भाजपा के कमजोर प्रत्याशी का लाभ उठाते हुए अपनी विजय हासिंल की थी। परन्तु इस बार काग्रेंस प्रत्याशी रेणूका रावत को राज्य सरकार को कार्यों से मायूस लोगांे की नाराजगी भी झेलनी पड़ेगी। तो वहीं पिछले वर्ष आई प्राकृति आपदा के दौरान बाढ़ में तबाह हुए कई गांवांे के लोग कांग्रेस से हिसाब मांग रहे हैं, तो जिले में हुई डकैती, लूट, हत्या, बलात्कार जैसे जघन्य अपराधों का खुलासा नहीं होने से भी नाराजगी है। लोग यहां आपसी भाईचारा एवं सुख शन्ति का माहौल चाहते हैं। भाजपा ने इस सीट पर आपातकाल के बाद चार बार जीत पाई है। यह सिलसिला रामलहर के बाद 1991 से शुरू तो हुआ लेकिन 1999 के बाद भाजपा यहां जीत के लिए तरस गई। भाजपा प्रत्याशी निशंक वैसे तो चतुर राजनीतिज्ञ माने जाते है, लेकिन यहां मुकाबला सीधे मुख्यमंत्री से है। निशंक सरकार में हुए कथित घोटालांे को हरीश रावत चुनावी मुद्दा बना रहे है। भाजपा संगठन मजबूत है जहां 14 में से 7 विधानसभा सीटों पर भाजपा का कब्जा है। वैसे भाजपा को यहां साधु संतो का भी भरोसा है। उसके बावजूद हरियाणा से जुडे़ तमाम साधु संतो से भी कांग्रेस का काफी मेलजोल है। जहां से कांग्रेस प्रत्याशी रेणूकारावत अपना चुनावी अभियान चला रही है। हालांकि देश में कांग्रेस के विरूद्ध भ्रष्टाचार व काले धन को लेकर अलग जगा रहे योगगुरू रामदेव की यह कर्मभूमि है। बाबा मोदी को पीएम बनवाने का संकल्प लेकर देश भर में घूम रहे हैं। बसपा ने यह सीट कभी नहीं जीती। 1999 व 2004 में दूसरे स्थान पर जरूर रही। पिछली बार एक मजबूत मुस्लिम प्रत्याशी मोहम्मद शहजाद तीसरे स्थान पर खिसक गए। शहजाद विधायक थे। लेकिन अब जिस हाजी इस्लाम को बसपा ने टिकट दिया उनकी सियासत का ककहरा तो पंचायत की राजनीति से ऊपर का नहीं है। इस पर भी संदेह है कि हाजी इस्लाम चुनाव मंे शहजाद जैसा प्रदर्शन कर पाएंगे। क्योंकि मोदी लहर में मुस्लिम मतों का धु्रवीकरण कांग्रेस के पक्ष में होने की संभावना जताई जा रही है। 2004 में हरिद्वार को यूपी मंे शामिल कराने के मुद्दे पर चुनाव जीती समाजवादी पार्टी अब यहां अपना वजूद बचाने के लिए जद्दोजहद कर रही है। पार्टी ने मजबूरी में पूर्व घोषित उम्मीदवार अजमल नवाज खान को यहां से बदला है। उनके स्थान पर पुरानी भाजपाई अनिता सैनी को प्रत्याशी बनाया है परन्तु उत्तराखण्ड आन्दोलन के चलते सत्ता के प्रमुख मुलायम सिंह व राजधानी में तत्कालीक युवा नेता के रूप मे पहचान बनाने वाले तथा वर्तमान मे कागं्रेस के महासचिव पद की जिम्मेदारी निभा रहेसूर्यकान्त धस्माना द्वारा आन्देालनकारियों पर चलाई गई गोली मे कारे गये युवाओं का दशं झेल रही सपा मंे ही स्थानीय स्तर पर काफी विरोध है जिसके कारण वह पहडी मतदाता होया मैदानी उनके बीच अपनी घुसपैठ बनाने मे पूरी तरह असफल रही है। हालांकि कि सपा के मुखिया मुलायम की वजह से यहां भी पार्टी का मुस्लिम मतो का आसरा तो है लेकिन पिछले चुनाव मे अम्बरीष जैसे कददावर भी इस खेल मे शिकस्त खा चुके है। अम्बरीश कांग्रेस का दामन थाम चुके है। आप ने यहां से पहली महिला आईपीएस व पूर्व डीजीपी कंचन चैधरी भट्टाचार्य को मैदान मे उतारा है। परन्तु वह अपने अधिकारी रहने का रोैब गालिब कर मतदाताओं से वोट देने की अपील कर रही है। उसके बावजूद पुलिस महकमे मे चैधरी का काफी विरोध भी सामने आ रहा है।
भाजपा प्रत्याशी निशंक को संतों ने दिया जीतने का आशीर्वाद
देहरादून, 24 अप्रैल (निस)। हरिद्वार लोकसभा सीट के भाजपा प्रत्याशी डा. रमेश पोखरियाल निशंक के ऋषिकेश में संतो ने जहां विजयी होने का आर्शीवाद दिया तो वहीं लोकजन शक्ति पार्टी ने सिक्कों से तौलकर उन्हे अपना समर्थन दिया। ज्ञात रहे कि भाजपा प्रत्याशी रमेश पोखरियाल निशंक ने अपने चुनावी अभियान के तहत ऋषिकेश में 6 स्थानों पर नुक्कड़ सभाओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि आज देश भारतीय जनता पार्टी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेन्द्र मोदी को प्रधानमंत्री बनाये जाने के लिए बेसब्री से इंतजार कर रहा है, जिसमें महत्वपूर्ण भूमिका युवा मतदाताओं की होगी। जिन्हें उम्मीद है कि देश में भ्रष्टाचार, महंगाई, बेरोजगारी जैसे मुद्दे मोदी के शासन काल में ही समाप्त हो सकते है। निशंक ने कहा कि आज पूरा देश विकास के मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी के साथ खड़ा है। हाल ही सम्पन्न हुए प्रांतो मंे चुनाव के दौरान भारी मतदान ने यह साबित कर दिया है कि प्रधानमंत्री मोदी बनने जा रहे हैं। निशंक ने कांग्रेस पर प्रहार करते हुए कहा कि विकास की बात करने वाली कांग्रेस सरकार अभी तक विगत वर्ष जून में आई प्राकृतिक आपदा के दौरान क्षति ग्रस्त सड़को व बेघर हुए लोगों को सर छिपाने के लिए छत तक उपलब्ध नहीं करा पाई है। जिससे लेागों मंे कांग्रेस के प्रति निराशा का माहौल उत्पन्न हो गया है। चुनावी सभा के दौरान क्षेत्रीय विधायक प्रेमचन्द अग्रवाल व लोक जनशक्ति पार्टी के वीरेन्द्र भारद्वाज भी उनके साथ मौजूद थे, जिन्होेन छिद्दरवाला, श्यामपुर, बीस बीघा ऋषिकेश सोमेश्वर नगर , बनखण्डी, मायाकुण्ड, चन्द्रभागा आशुतोषनगर मे चुनावी सभा को सम्बोधित किया।
पूर्व विधायक सहित सैकड़ों ने थामा भाजपा का दामन, साकेत को लगा तगड़ा झटका
देहरादून 24 अप्रैल(निस)। भारतीय जनता पार्टी, टिहरी लोकसभा क्षेत्र के चुनाव कार्यालय देहरादून में गुरूवार को पूर्व विधायक राजकुमार एवं जौनपुर संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष राजेश नौटियाल के नेतृत्व में सैकडों कार्यकर्ताओं ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण ली। इस अवसर पर भाजपा के टिहरी लोकसभा के समन्वयक बंसल ने कहा है कि भारत को शक्तिशाली राष्ट्र बनाने के लिए बहुत बडी जनशक्ति की आवश्यकता है इसी परिप्रेक्ष में आज बडी संख्या में कार्याकर्ताओं भाजपा में शामिल हुये। बंसल ने कहा है कि काग्रेंस एक ढुबता हुआ जहाज हैं आज काग्रेंस में जो लोग है वह भी किसी न किसी रूप से काग्रेंस को छोड़ने को तैयार है। उन्होंने कहा है कि टिहरी लोकसभा चुनाव में भाजपा में पूर्व विधायक राजकुुुुुुुुुुुुुुुुुमार एवं राजेश नौटियाल के शामिल होने से हाजारों वाटो का इजाफा होगा। इस अवसर पर भाजपा टिहरी लोकसभा के संयोजक ज्योति प्रसाद गैरोला, सह संयोजक खजानदास, महानगर अध्यक्षा नीलम सहगल, हरीश डोरा, आशीष नागरथ सुनील उनियाल गामा, गोविन्द मोहन, भारत चैहान, रमजान अली, आदि भाजपा कार्यकर्ताओं ने पार्टी में सम्मिलित होने पर सभी कार्यकर्ताओं को माला पहनाकर स्वागत किया। भाजपा में शामिल होने वालों में पूर्व विधायक राजकुमार , अध्यक्ष जौनपुर संघर्ष मोर्चा राजेश नौटियाल, ब्लाक प्रमुख नौगांव यशवन्त कुमार, क्षेत्र पंचायत सदस्य मदान लाल, प्रधान युद्धवीर सिंह, काग्रेंस कार्यकर्ता बलवीर सिंह ,अजब सिंह, मोहबत सिंह नेगी, मुकेश रावत नौगांव, क्षेत्र पंचायत सदस्य बंगासू मदन, मुकेश राज, नत्थी सिंह रावत (पूर्व प्रधान)आदि ने भाजपा की सदस्यता ली।
कांग्रेस ने किया रेणूका रावत का प्रचार
ऋषिकेश/ देहरादून, 24 अप्रैल (निस)। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस प्रत्याशी रेणूका रावत के लिए चुनाव प्रचार के दौरान नगर के कई वार्डो में जनसम्पर्क कर कांग्रेस प्रत्याशी को विजयी बनाने की अपील की । नगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष महन्त विनय सारस्वत के नेतृत्व में चलाये गये वार्ड नं 1 व 2 मंे जनसम्पर्क अभियान के दौरान घर-घर जाकर मतदाताआंे से कांगे्रस प्रत्याशी के पक्ष में मतदान करने की अपील की। जनसम्पर्क करने वालों में मनीष शर्मा, सावित्री देवी, विकास तेवतिया, पूनम उनियाल, पे्रम प्रकाश गौड़, अरविन्द भटट, राममूर्ति देवी, शैलेन्द्र रस्तोगी, नरेन्द्र शर्मा, मुकेश जाटव, सुरेन्द्र सक्सेना, देवेन्द्र प्रजापति, ओमप्रकाश, विकास जाटव, प्रोमिता देवी, सुरेन्द्र सक्सेना, अमित कुमार, सुजल पुनेठा, राहुल खैरवाल आदि उपस्थित थे।
जल पुलिस ने विदेशी को डूबने से बचाया
ऋषिकेश/ देहरादून, 24 अप्रैल (निस)। खतरा लेकर गंगा पार करने के प्रयास में एक विदेशी को लक्ष्मणझूला जल पुलिस और मोटर बोट दल ने रेस्क्यू कर बचा लिया। पर्यटक के साथ ही मौके पर मौजूद लोगांे ने टीम के प्रयासों को सराहा। नाव घाट से आस्टेªलिया निवासी एलेक्स निप्पर 32 वर्ष गंगा पार करने का प्रयास करने लगा। नदी के बीचांे बीच पहुंचकर थकान के कारण वह गंगा की तेज धारा मंे बहने लगा। इस बीच नाव घाट पर मौजूद बोट संचालक अंकुर कुकरेजा और जल पुलिस के जवानों की नजर उस पर पड़ी। जल पुलिस कर्मी नरेन्द्र नेगी और विपिन के नेतृत्व में बोट चालक अनिल बंसल टीम के साथ मौके पर पहुंचे। टीम ने रेस्क्यू कर उसे रैपिड से कुछ पहले सकुशल नदी से बाहर निकाल लिया। टीम में विशंबर,सूरज शर्मा आदि शामिल थे।
देश से कांग्रेस-भाजपा को खदेड़ने की अपील,
पिथौरागढ़/ देहरादून, 24 अप्रैल (निस)। भाकपा माले ने गुरूवार को जिला मुख्यालय पिथौरागढ़ में रैली आयोजित कर देष से भाजपा और कांग्रेस को खदेड़ने का आहवान किया। भाकपा माले नेताओं ने कहा कि भ्रश्टाचार, बेरोजगारी और महंगाई के लिए जिम्मेदार दोनों दलों को जनता सात मई को माले के पक्ष में वोट देकर सबक सिखाएं। भाकपा माले ने आहवान किया कि अब उत्तराखंड में कांग्रेस-भाजपा के खिलाफ केवल माले ही एकमात्र जनता का विकल्प है। इसे चुनकर देष और उत्तराखंड की तरक्की का रास्ता खोला जा सकता है। माले द्वारा आयोजित रैली रामलीला मैदान में आयोजित की गई। पिथौरागढ़ विधानसभा के प्रत्येक गाॅव से पहुंचे माले कार्यकार्ताओं और समर्थकों ने साफ षब्दों में कहा कि दोनों दलों को 15 बार देख चुके है। अब भाकपा माले को सोलहवीं लोकसभा के लिए चुनने हेतु पूरे लोकसभा क्षेत्र में माहौल तैयार किया जाएगा। माले के प्रत्याषी विजय कुमार ने कहा कि आजादी के 65 वर्शो में देष को भ्रश्टाचार का तमका पहनाने वाले कांग्रेस-भाजपा को नकारकर ही षहीदे आजम भगत सिंह के सपनों का राज्य बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि आज देष में महंगाई और बेरोजगारी से हर तबका परेषान है। नौजवानो ंके सपने मरने लगे है। उत्तराखंड में कांग्रेस-भाजपा ने लूट व खसोट का राज कायम किया है। माले केंद्रीय कमेटी सदस्य राजा बहुगुणा ने कहा कि इस देष को मोदी और राहुल के चेहरे की आवष्यकता नहीं है। देष को नीतियों की जरूरत है जो बेरोजगारी और महंगाई का समाधान कर सके। भ्रश्टाचार पर अंकुष लगा सके। उन्होने कहा कि उत्तराखंड में भाजपा ने 56 और कांग्रेस ने 65 घोटाले किए। एक के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज नहीं हुआ। उत्तराखंड को घोटाला प्रदेष बना दिया गया। कहा कि इस देष में मजदूरों, किसानों की ताकत ही नया बदलाव ला सकती है। भाकपा माले के उत्तराखंड राज्य कमेटी सदस्य पुरूशोत्तम षर्मा ने मोदी के गुजरात माॅडल को नकारा बताया। कहा कि गुजरात पर भरोसा न कर यूपी के वाराणसी से चुनाव लड़ने वाले मोदी ने स्वंय ही बता दिया कि वह अपने ही माॅडल पर विष्वास नहीं करते। दो स्थानों से चुनाव लड़ने वाले मोदी की लहर होती तो उन्हें एक ही जगह पर चुनाव लड़कर साबित करना था। उन्होंने कहा कि गुजरात में आषा, आंगनबाड़ी और भोजनमाताओं की दषा उत्तरखंड से भी खराब है। वहां पर किसानों और बेरोजगारों की स्थिति बेहद खराब है। गुजरात में आंदोलन और हड़ताल करने वालों को जेलों में ठूंस दिया जाता है। लोकतंत्र की जगह गुजरात में तानाषाही का राज चलता है। जिला सचिव जगत मर्तोलिया के संचालन और जिला प्रवक्ता गोविंद कफलिया की अध्यक्षता में हुई रैली में नगर सचिव सुषील खत्री, हेमलता सौन, रीता वल्दिया, विमलदीप फिलिप, ममता षर्मा, चंचल बोरा, गिरीष पंत, हेमंती, मंजू बोरा, रूबी चैहान, रेखा उप्रेती, रेखा वर्मा, सावित्री सामंत ने विचार रखे।

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें