बिहार में 50 विधायकों के संपर्क में होने का दावा करने वाली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के दो बागी नेताओं ने मंगलवार को विधानसभा से इस्तीफा दे दिया। दोनों ने राज्य में सत्तारूढ़ जनता दल (युनाइटेड) के साथ एकजुटता दिखाई है। दोनों के इस्तीफा देने के बाद विधानसभा में भाजपा के सदस्यों की संख्या 88 रह गई है। इस्तीफा देने वाले विजय कुमार मिश्र दरभंगा के जाले से और राणा गंगेश्वर सिंह समस्तीपुर के मोहिउद्दीनगर से विधानसभा सदस्य थे। दोनों पिछले 11 महीने से लगातार भाजपा नेता और भावी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुकाबले निर्वतमान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सराहना करते रहे थे।
बिहार विधानसभा के प्रभारी सचिव फूल झा ने बताया कि भाजपा के दो विधायकों राणा गंगेश्वर सिंह और विजय कुमार मिश्र ने मंगलवार को विधानसभा अध्यक्ष उदय नारायण चौधरी से उनके कक्ष में मुलाकात की और उन्हें इस्तीफा सौंप दिया। उनके इस्तीफे स्वीकार कर लिए गए हैं। उन्होंने बताया कि बिहार विधानसभा में अब सदस्यों की कुल संख्या 237 रह गई है। गौरतलब है कि लोकसभा के चुनाव परिणाम आने के बाद आक्रामक हुई प्रदेश भाजपा लगातार दावा करती रही कि जद(यू) के 50 विधायक उसके संपर्क में हैं और नीतीश कुमार की सरकार का पतन हो जाएगा।
नीतीश कुमार ने लोकसभा चुनाव में पार्टी के खराब प्रदर्शन की जिम्मेवारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया और 48 घंटे बाद जद(यू) ने ही नए नेता जीतन राम मांझी के नेतृत्व में सरकार बनाने का दावा पेश किया। इस्तीफा देने के बाद विजय कुमार मिश्र ने कहा कि वे लोग लगातार नीतीश कुमार में आस्था व्यक्त करते हुए जनता दल (युनाठेड) के लिए काम कर रहे थे ऐसे में नैतिकता के आधार पर विधायक बना रहना उचित नहीं था।
राणा गंगेश्वर सिंह ने कहा कि बिहार की आज जो परिस्थिति है उसमें नीतीश ने इसे उम्मीद से अधिक सजाने और संवारने का काम किया है उसके लिए कोई भी कुबार्नी छोटी है। उन्होंने कहा कि उनके प्रभाव में आकर उन्होंने त्यागपत्र दिया है। नीतीश कुमार की सराहना करने के लिए मिश्र व सिंह को फरवरी में भाजपा से निलंबित कर दिया गया था। दो दिन पहले राष्ट्रीय जनता दल के तीन बागी विधायकों सम्राट चौधरी, जावेद इकबाल अंसारी और राम लखन राम रमण ने भी जद(यू) में शामिल होने के लिए विधानसभा से इस्तीफा दे दिया।

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