लोकसभा चुनाव में करारी हार से कांग्रेस में हाहाकार मचा हुआ है। पार्टी के नेता अब खुलकर राहुल गांधी के सलाहकारों के खिलाफ मैदान में उतर आए हैं। इसी क्रम में एक अंग्रेजी अखबार को दिए इंटरव्यू में दक्षिण मुंबई सीट गंवा चुके मिलिंद देवड़ा ने राहुल के करीबियों पर हमला बोला।
देवड़ा ने कहा कि राहुल के सलाहकार गलत हैं। ये सलाहकार न तो जमीनी हकीकत समझते हैं और न ही उन्हें चुनावों का अनुभव है फिर भी वो फैसले ले रहे हैं। साथ ही ऐसे गैरअनुभवी लोग बड़े पदों पर बैठे हुए हैं और वो पार्टी के जमीनी कार्यकर्ताओं और सांसदों की आवाज बिल्कुल नहीं सुनते। ऐसे लोग विरोधी आवाज को दबाने में लगे रहते हैं।
मुरली देवड़ा ने कहा कि हममें से कई लोगों ने ये महसूस किया है कि हमारी आवाज कभी नहीं सुनी जाती। अब ये रवैया बदलने का वक्त आ गया है। गौरतलब है कि राहुल गांधी के प्रमुख सलाहकारों में सचिन राव, कनिष्क सिंह, मधुसूदन मिस्त्री, मोहन गोपाल और जयराम रमेश प्रमुख हैं। मिलिंद के बाद पार्टी के एक अन्य वरिष्ठ नेता सत्यव्रत चतुर्वेदी ने भी राहुल के सलाहकारों पर सवाल उठाया। सत्यव्रत ने कहा कि जो लोग राजनीतिक अनुभव नहीं रखते अगर वो निर्णय लेने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने लगें तो निर्णय सही नहीं होते। निश्चित रूप से कुछ लोगों को जो सलाहकार की भूमिका निभा रहे थे, उन्हें अनुभव नहीं था, इसलिए हार हुई।
राहुल की निर्णय क्षमता पर सवाल उठाते हुए सत्यव्रत चतुर्वेदी ने कहा कि जब तक सोनिया निर्णय करती रहीं पार्टी में उन्होंने अपने-पराये के आधार पर नहीं बल्कि टैलेंट के आधार पर फैसला किया। सत्यव्रत ने कहा कि संगठन में जवाबदेही जरूरी है। बहुत से लोग बिना जवाबदेही के, पार्टी को नुकसान के बाद नुकसान पहुंचाते रहे और पार्टी के पद पर बैठे रहे। ऐसे लोगों से मुक्ति पानी होगी। चतुर्वेदी ने कहा कि चुनावों के दौरान पार्टी में कई सीनियर लोग गैर जिम्मेदार बयान देते रहे और सरकार में भी बहुत से लोग जो महत्वपूर्ण पदों पर बैठे हैं। चेतावनी के बाद भी अपनी जिम्मेदारी पर खरे नहीं उतरे। हमसे चूक हुई है इसलिए इतने खराब परिणाम आए हैं।
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