सुप्रीम कोर्ट का श्रीनिवासन की याचिका पर सुनवाई से इंकार - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

गुरुवार, 22 मई 2014

सुप्रीम कोर्ट का श्रीनिवासन की याचिका पर सुनवाई से इंकार

 बीसीसीआई के पूर्व अध्‍यक्ष श्रीनिवासन को सुप्रीम कोर्ट ने एक बार फिर से लताड़ा है। श्रीनिवासन ने कोर्ट में गुहार लगाते हुए एक याचिका दायर की थी जिस पर सुनवाई किए जाने से सुप्रीम कोर्ट ने इंकार कर दिया है। बता दें कि श्रीनिवासन वापस बीसीसीआई के अध्‍यक्ष पद पर आने के लिए बेताब हैं। सुप्रीम कोर्ट ने गुरूवार को एन श्रीनिवासन की उस अर्जी पर सुनवाई करने से इंकार कर दिया जिसमें श्रीनि ने बीसीसीआई में बतौर अध्यक्ष वापसी करने की इजाजत की अपील की थी। कोर्ट ने श्रीनिवासन के वकील से उसी बैंच से अर्जी करने को कहा है जिसने श्रीनिवासन को पद से हटाया था और सुनील गावस्कर को अंतरिम अध्यक्ष चुना था। 

गौरतलब है कि श्रीनिवासन ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में अर्जी लगाई थी कि उन्हें बोर्ड के चीफ के तौर पर बोर्ड में वापसी करने दी जाए। वे नॉन-आईपीएल मामलों पर काम करना चाहते थे। कोर्ट पहले ही आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग मामले की जांच के लिए पैनल अपॉइंट कर चुका है। जस्टिस बीसी चौहान की बैंच ने श्रीनिवासन के वकील से कहा, "आप उसी बैंच को अर्जी दें जिसने श्रीनिवासन को बीसीसीआई के चीफ के पद से हटाया था। हम उस ऑर्डर को मॉडिफाय नहीं कर सकते।"

कोई टिप्पणी नहीं: