नवाज शरीफ के निमंत्रण को लेकर तमिलनाडु के सभी दलों में नाराजगी - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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गुरुवार, 22 मई 2014

नवाज शरीफ के निमंत्रण को लेकर तमिलनाडु के सभी दलों में नाराजगी

कांग्रेस जहां नवाज शरीफ को निमंत्रण देने को मुद्दा बनाकर बीजेपी पर पाकिस्तान को लेकर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगा रही है, वहीं तमिलनाडु के राजनीतिक दलों को श्रीलंकाई राष्ट्रपति महिंदा रजपक्षे को लेकर आपत्ति है26 मई को भावी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ समेत सभी सार्क देशों के राष्ट्राध्यक्षों को न्योता भेजे जाने को लेकर बीजेपी पर विरोधी पार्टी कांग्रेस ने जोरदार हमला बोल दिया है, तो तमिलनाडु के सभी दलों ने भी नाराजगी जताई है।

कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने कहा, 'बीजेपी हमेशा कहती रही है कि पाकिस्तान से आतंकवाद और संवाद एक साथ संभव नहीं है। अब मैं बीजेपी से पूछना चाहता हूं कि क्या पाकिस्तान से बीजेपी को आतंकवाद और संवाद दोनों कबूल हैं?' कांग्रेस के प्रवक्ता मीम अफजल ने भी कहा कि बीजेपी पहले पाकिस्तान से रिश्तों पर मनमोहन सरकार की आलोचना करती थी कि जवानों के सिर काटे जा रहे हैं। अब मोदी क्या कर रहे हैं?

कांग्रेस के हमले के जवाब मे बीजेपी के प्रवक्ता प्रकाश जावेडकर ने कहा, 'अटलजी ने कहा था कि आप अपने दोस्तों का चुनाव पसंद के आधार कर सकते हैं, लेकिन पड़ोसी नहीं बदल सकते। मोदी अटलजी की नीतियों को ही आगे बढ़ा रहे हैं।' विवाद सिर्फ नवाज शरीफ को न्योते को लेकर नहीं है। मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में श्रीलंकाई राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे को आमंत्रित करने से तमिलनाडु की राजनीति भी गरमा गई है। डीएमके ने बीजेपी से कहा है कि वह तमिलों की भावना का सम्मान करे। बीजेपी की सहयोगी पार्टी एमडीएमके ने भी मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में श्रीलंकाई राष्ट्रपति के आने का विरोध किया। एआईएडीएमके ने इस मसले पर सार्वजनिक रूप से अभी कुछ कहा नहीं है लेकिन सूत्रों का कहना है कि पार्टी की सुप्रीमो जे जयललिता इस वजह से मोदी के शपथ ग्रहण समारोह से दूरी बना सकती हैं।

यह पहली बार है जब एक भारतीय प्रधानमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह में विदेशी सरकारों के प्रमुखों को आमंत्रित किया जा रहा है। मोदी के इस रुख से ऐसे संकेत मिलते हैं कि वह पड़ोसी देशों के साथ अच्छे संबंध चाहते हैं। बीजेपी अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने कहा था कि मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में लगभग 3,000 लोगों को आमंत्रित किया जाएगा। शपथ ग्रहण समारोह राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में आयोजित होगा।

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