मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय या राज्य स्तर के राजनीतिक दलों के नाम का अनुवाद कर या उनसे मिलते-जुलते नाम से अब नए राजनीतिक दलों का पंजीकरण नहीं होगा। निर्वाचन आयोग की तरफ से कहा गया है कि अब पंजीकरण कराने के इच्छुक राजनीतिक दलों को नए नामों का इस्तेमाल करना होगा।
निर्वाचन आयोग ने यह कदम उस शिकायत पर उठाया है, जिसमें यह कहा गया था कि मिलते-जुलते नाम वाली अथवा नाम के अनुवाद वाले नाम के दलों का पंजीकरण होने से मूल राजनीतिक दलों के हितों पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। इतना ही नहीं उनकी साख व लोकप्रियता का ऐसे नए दल अनुचित लाभ उठा रहे हैं।
इसी के तहत आयोग ने लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत यह निर्देश दिए हैं कि पंजीकरण चाहने वाले दलों का नाम किसी धार्मिक गुणार्थ नाम वाला नहीं होना चाहिए। यह भी कहा गया है कि वर्तमान में मौजूद राजनीतिक दलों के नाम से मिलता-जुलता नाम भी नहीं होना चाहिए, ताकि किसी तरह की भ्रम की स्थिति न बने।

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