थाई सेना ने मंगलवार को थाईलैंड में सैनिक शासन की घोषणा करते हुए स्थानीय रेडियो और टेलीविजन चैनलों को जरूरत पर सेना संबंधी प्रसारण के लिए अपना सामान्य कार्यक्रम रोकने के लिए कहा है। सेना के एक आदेश में कहा गया है कि यह कदम 'उन सूचनाओं को तोड़मरोड़ कर या भ्रम जिससे विवाद गहरा सकता है, पर रोक लगाने के लिए' उठाया गया है। सेना ने मीडिया को ऐसे समाचार या फोटो प्रकाशित, प्रसारित करने से रोक दिया है जिससे देश की सुरक्षा को नुकसान पहुंच सकता है। सरकार विरोधी समूहों से संबद्ध चैनल ब्लू स्काई का मंगलवार को आदेश जारी होने के बाद से प्रसारण बंद कर दिया गया है। तीन सरकारी संबद्धता वाले सहित नौ अन्य चैनलों को भी ऐसा ही आदेश थमाया गया है।
बैंकाक पोस्ट के मुताबिक, करीब 100 सैनिकों ने थाकोम प्लेस कार्यालय के समीप एक जांच चौकी स्थापित की है। यही देश के अधिकांश टीवी चैनलों के दफ्तर मौजूद हैं। पीबीएस और चैनल 3 के स्थानीय टीवी स्टूडियो में सैनिक मौजूद हैं। थाईलैंड के सेना प्रमुख प्रयुथ चान ओछा ने देश में 'कानून एवं व्यवस्था' बनाए रखने के लिए मंगलवार को सैनिक शासन की घोषणा की। पिछले छह माह से जारी सरकार विरोधी प्रदर्शनों में 28 जानें जा चुकी हैं।
अल सुबह टीवी संबोधन में प्रयुथ ने जोर देकर कहा कि यह 'सैनिक विद्रोह' नहीं है और इसका लक्ष्य प्रदर्शनकारियों के बीच खूनी टकराव रोकना है। सुरक्षा बनाए रखने पर संपूर्ण नियंत्रण रखने वाले सेना प्रमुख ने शांति एवं व्यवस्था बनाए रखने के लिए सृजित केंद्र को भंग करने का आदेश दिया है। थाईलैंड में 2006 में सेना ने तत्कालीन थाकसिन शिनावात्रा की सरकार का तख्ता पलट कर दिया था।

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