भारत में आयात शुल्क में बढ़ोतरी और सरकार द्वारा आपूर्ति पर नियंत्रण लगाने के कारण सोने की मांग जनवरी-मार्च की तिमाही में 26 प्रतिशत घटकर 190.3 टन रह गई। यह बात विश्व स्वर्ण परिषद (डब्ल्यूजीसी) ने कही। डब्ल्यूजीसी की रिपोर्ट के मुताबिक 2013 की पहली तिमाही में देश में सोने की मांग 257.5 टन थी।
मूल्य के लिहाज से 2014 की पहली तिमाही के दौरान सोने की मांग 33 प्रतिशत घटकर 48,853 करोड़ रुपये रह गई जो 2013 की पहली तिमाही में 73,183.6 करोड़ रुपये थी। डब्ल्यूजीसी की भारतीय इकाई के प्रबंध निदेशक सोमसुंदरम पीआर ने कहा, '2014 की पहली तिमाही के दौरान मांग 26 प्रतिशत घटी है। इससे जाहिर होता है कि हाजिर बाजार में सोने की कीमत अधिक होने, चालू खाते का घाटा कम करने के लिए सरकार द्वारा सोने पर आयात शुल्क बढ़ाने और इसकी आपूर्ति पर अंकुश लगाने का असर बरकरार रहा।'
उन्होंने कहा कि गैरकानूनी तरीके से देश में सोने का आना जारी रहा हालांकि सोने के काले बाजार का आकलन अलग-अलग है। उन्होंने कहा, 'संयुक्त अरब अमीरत में सोने की मांग 13 प्रतिशत बढ़ी जिससे स्पष्ट है कि कई भारतीय वहां सोना खरीद रहे हैं और देश में ला रहे हैं।'
समीक्षाधीन अवधि में जेवरात की मांग 9 प्रतिशत घटकर 145.6 टन रह गई जो 2013 की पहली तिमाही में 159.5 टन थी। मूल्य के लिहाज से जेवरात की मांग 18 प्रतिशत घटकर 37,377.8 करोड़ रुपये रह गई जो 2013 की पहली तिमाही में 45,331.2 करोड़ रुपये थी।
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