पेछा में लोगों को दी कानूनी जानकारियां
कुल्लू 19 मई (विजयेन्दर शर्मा)। उपमंडलीय विधिक सेवाएं समिति कुल्लू की ओर से खराहल घाटी की ग्राम पंचायत चंसारी के गांव पेछा में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर की अध्यक्षता करते हुए समिति के अध्यक्ष एवं कुल्लू के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी वरिंद्र ठाकुर ने बताया कि अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति वर्ग के लोगों, महिलाओं और एक लाख रूपये से कम सालाना आय वाले लोगों के लिए मुफ्त कानूनी सहायता का प्रावधान है। जरूरत पडऩे पर इन वर्गों के लोग इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। इसके लिए आवेदन प्रक्रिया भी बहुत ही सरल है। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ने बताया कि आम लोगों की सुविधा के लिए पंचायत स्तर पर पैरा लीगल वालंटियर नियुक्त किए जा रहे हैं। इससे आम लोगों को घरद्वार पर ही कई महत्वपूर्ण कानूनी जानकारियां मिलेंगी। इससे पहले पंचायत उपप्रधान खेम चंद ने मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी का स्वागत किया तथा शिविर के आयोजन के लिए धन्यवाद किया। अधिवक्ता तेज सिंह ठाकुर ने आम नागरिक के अधिकारों तथा कर्तव्यों की जानकारी दी। वरिष्ठ अधिवक्ता महेंद्र सिंह ठाकुर ने शिक्षा के अधिकार तथा भोजन के अधिकार के बारे में बताया। नग्गर ब्लॉक के एसबीपीओ ने मनरेगा और सब इंस्पैक्टर अंकुर शर्मा ने पुलिस अधिनियम व अन्य अधिनियमों की जानकारी दी। इस अवसर पर पंचायत प्रधान शशि शर्मा, पैरा लीगल वालंटियर अमित शर्मा और अन्य गणमान्य लोग भी उपस्थित थे।
जिला परिषद कुल्लू को राष्ट्रीय स्तर पर तीसरी बार विशेष एवं सर्वश्रेष्ठ जिला पंचायत के रूप में राजीव गांधी भारत रत्न अवार्ड के लिए चयनित किया
कुल्लू 19 मई (विजयेन्दर शर्मा)। जिला परिषद कुल्लू को राष्ट्रीय स्तर पर तीसरी बार विशेष एवं सर्वश्रेष्ठ जिला पंचायत के रूप में राजीव गांधी भारत रत्न अवार्ड के लिए चयनित किया गया है। यह जानकारी आज यहां एक प्रैस विज्ञप्ति जारी करते हुए जिला पंचायत अधिकारी गिरिश शर्मा ने दी। जिला पंचायत अधिकारी ने बताया कि जिला परिषद कुल्लू को पंचायत सशक्तिकरण जवाबदेह प्रोत्साहन येाजना के अंतर्गत लगातार दो बार पहले भी राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। उन्होंने बताया कि जिला परिषद कुल्लू हिमाचल प्रदेश में एकमात्र जिला परिषद है, जिसको पंचायती राज के कार्यक्रमों को निष्ठापूर्वक पारदर्शी तथा जवाबदेही तरीके से लागू करने पर भारत सरकार की पंचायती मंत्रालय (च्म्।प्ै) के पंचायत सशक्तिकरण जवाबदेह प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत राष्ट्ीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। उन्होंने बताया कि इस बार जिला परिषद कुल्लू को 50 लाख रूपये की राशि प्रथम व विशेष पुरस्कार के रूप में प्रदान की गई है। उन्होंने बताया कि इस पुरस्कार के मुल्यांकन के लिए राज्य सरकार द्वारा एक कमेटी गठित की जाती है और इस कमेटी द्वारा जिला परिषद की गतिविधियों व रिकॉर्ड का भी अवलोकन किया जाता है। इसके बाद केंद्र सरकार द्वारा गठित कमेटी द्वारा भी जिला परिषद की गतिविधियों व रिकॉर्ड का अवलोकन किया जाता है। उस कमेटी की रिपोर्ट के उपरांत जिला परिषद को उत्कृष्ठ कार्य के पुरस्कार से सम्मानित किया जाता है। इसके अतिरिक्त विभिन्न विभागों द्वारा चलाई गई कल्याणकारी योजनाओं के बारे में जिला परिषद सदस्य लोगों के बीच जाकर तथा ग्राम सभा में उपस्थिति दर्ज करके सरकारी योजनाओं के बारे में जानकारी प्रदान करते हैं। उन्होंने बताया कि जिला परिषद कुल्लू में जिला में पर्यावरण सरंक्षण, संपूर्ण स्वच्छता अभियान, पौधारोपण, सामाजिक न्याय के प्रति लोगों को जागरूक करवाना तथा शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्यान अन्य जन समुदायों की समस्याओं से सम्बन्धित विभागों के ध्यान में लाकर लोगों को सरकारी योजनाओं की सुविधाओं से जोड़ा और इन्हीं उपलब्धियों को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय स्तर पुरस्कार प्राप्त करने में सफलता हासिल की है। जब इस पुरस्कार के विषय में जिला परिषद अध्यक्ष कुल्लू हरिचंद शर्मा से चर्चा की गई तो उन्होंने कुल्लू जिला की जनता के साथ-साथ हिमाचल प्रदेश की जनता, जिला परिषद की उपाध्यक्ष, समस्त जिला परिषद के सदस्य तथा सचिव जिला परिषद एवं समस्त कर्मचारी जिला परिषद कुल्लू तथा पंचायती राज के समस्त पदाधिकारियों एवं अधिकारियों तथा मीडिया कर्मियों को तीसरी बार पंचायती राज सशक्तिकरण एवं जवाबदेह प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत परस्कार मिलने पर इसका श्रेय सभी के अथक प्रयासों को दिया जाता है। सभी के अथक प्रयासों से जिला परिषद कुल्लू को यह गौरव प्राप्त हुआ है कि जो देश के 15 राज्यों की 15 जिला परिषदों को प्राप्त हुआ है, जिसमें जिला परिषद कुल्लू भी शामिल है। जिला परिषद कुल्लू को इससे पूर्व 2012-13 में प्रथम पुरस्कार के रूप में 25 लाख रूपये तथा 2013-14 में 40 लाख तथा 2014-15 में 50 लाख रूपये की राशि प्रथम एवं विशेष पुरस्कार के रूप में प्राप्त हुई है। यह पुरस्कार दिल्ली के विज्ञान भवन में दिया जाएगा।
कुल्लू वैली टूरिस्ट एवं स्पोर्टस क्लब की बैठक का आयोजन
कुल्लू 19 मई (विजयेन्दर शर्मा)। जिला कुल्लू में पर्यटन को बढ़ावा देने एवं संस्कृति सरंक्षण तथा पर्यटन से जुड़े खेलों को प्रोत्साहित करने के विषय में आज कुल्लू वैली टूरिस्ट एवं स्पोर्टस क्लब की बैठक का आयोजन पर्यटन निगम के होटल सिल्वर मून में सम्पन्न हुई। इस बैठक की अध्यक्षता डॉ. एस के कॉल ने की, जिसमें क्लब का चुनाव करवाया गया। इसमें इंद्र मलिक को क्लब का प्रधान, बीके कपूर को महासचिव, गगन मल्होत्रा को संयुक्त सचिव, हमेंद्र सिंह बावा को कोषाध्यक्ष, एसके कॉल को सलाहकार, राजेंद्र ठाकुर को कानूनी सलाहकार नियुक्त किया गया है। उपायुक्त कुल्लू इस क्लब के चेयरमेन होंगे।
52वीं राष्ट्रीय शतरंज प्रतियोगिता सम्पन्न
धर्मशाला 19 मई (विजयेन्दर शर्मा)। प्रदेश सरकार विभिन्न खेलों को बढ़ावा दे रही है ताकि प्रदेश के दूरदराज क्षेत्रों में छिपी खेल प्रतिभाओं को सामने लाया जा सके। यह जानकारी खाद्य आपूर्ति एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री जीएस वाली ने आज यहां 52वीं राष्ट्रीय शतरंज प्रतियोगिता के समापन अवसर पर प्रतिभागियों को सम्मानित करते हुए दी। श्री बाली ने बताया कि प्रदेश में क्रिकेट के साथ-साथ अन्य खेलों को बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रदेश के होनहार खिलाडिय़ों को प्रोत्साहित किया जा रहा है तथा इनके लिए सरकारी नौकरियों में आरक्षण प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश को दूसरी बार इस चैंपियनशिप को करवाने का अवसर प्राप्त हुआ है। उन्होंने बताया कि इस तरह के आयोजनों से प्रदेश के पर्यटन व्यवसाय को बल मिलता है। देश के अन्य राज्यों के प्रतिभागियों के यहां आने से दूसरे राज्यों में भी प्रदेश की समृद्ध संस्कृति पहुंचती है। इस प्रतियोगिता में देश के विभिन्न राज्यों के 222 प्रतिभागियों ने भाग लिया। 11 दिन तक चली इस प्रतियोगिता के मुख्य विजेता गुजरात के ग्रैंड मास्टर विदित संतोष रहे जिन्हें मुख्यअतिथि के हाथों ट्राफी एवं 60,000 रुपये का नकद पुरस्कार प्रदान किया गया । प्रतियोगिता के दूसरे तथा तीसरे स्थान पर दिल्ली के ग्रोबर सहज व तमिलनाडु के श्याम निकिल पी रहे। जिन्हें क्रमश: 35 व 25 हजार रुपये के नगद पुरस्कार ट्राफी के साथ दिये गए। प्रतियोगिता में कुल 2 लाख रुपये के नकद पुरस्कार वितरित किये गए। इस अवसर पर एसडीएम धर्मशाला डॉ0 हरीश गज्जु, उपनिदेशक खेल सुबोध रूमोल, जिला कांग्र्रेस कमेटी अध्यक्षा सुमन वर्मा, प्रदेश शतरंज संघ के अध्यक्ष अजय वर्मा व सुदर्शन शर्मा, प्रतियोगिता के मुख्य आयोजक श्री चौहान, मनोज मैहता, प्रताप चौधरी, मान सिंह सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित थे। परिवहन मंत्री ने प्रतियोगिता के आयोजन के लिए 31,000 रुपये देने की भी घोषणा की।
हरोली में कांग्रेस की जीत से तिलमिला कर जनता को गुमराह करने की कोशिश न करें सत्ती: मुकेश अग्निहोत्री
ऊना, 19 मई (विजयेन्दर शर्मा)। उद्योग मंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सतपाल सत्ती को साफ शब्दों में चेताया है कि वह हरोली विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस को मिली बढ़त से तिलमिलाने की बजाए हरोली की जनता का फतवा स्वीकार करें और भ्रामक बयानबाजी करके जनता को गुमराह करने की कोशिशों से बाज आएं। आज यहां जारी बयान में मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि सतपाल सत्ती को अपने हलके में मिली जीत पर इतराने और झूमने का पूरा हक है लेकिन दूसरे हलके की जनता अगर कांग्रेस को बढ़त देती है तो सत्ती को वहां की जनता का फतवा भी शालीनता और खुले दिल से स्वीकार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश भाजपा अध्यक्ष को यह नहीं भूलना चाहिए कि उन्हें मोदी लहर की वजह से जीत मिली है लेकिन हरोली की विकास पसंद जनता ने मोदी लहर को हरोली हलके की दीवारों से नहीं टकराने दिया है और हरोली में पिछले सवा साल के दौरान विकास का जो अध्याय रचा गया था, उस पर अपने विश्वास की मोहर लगाई है। मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि हरोली विधानसभा क्षेत्र में गांव व गरीब की सेवा का उनका एजेंड़ा पूरी मजबूती के साथ जारी रहेगा और सतपाल सत्ती को यह सच्चाई भी कबूल करनी चाहिए कि प्रदेश में वीरभद्र सरकार चटटान की तरह मजबूत है और भाजपा नेताओं के ख्याली पुलाव पकाने से यह सरकार गिरने वाली नहीं है। मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि पिछले विधानसभा चुनावों के मुकाबले हरोली में कांग्रेस की जीत का मार्जिन बढऩे और भाजपा नेताओं के साम-दाम-दंड-भेद व छलपूर्ण गतिविधियां यहां कामयाब न होने से सतपाल सत्ती बौखला गए हैं और इसी बौखलाहट व सकपकाहट में वह ट्रिपल आईटी और स्वां तटीयकरण योजना बारे गुमराहपूर्ण बातें कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश भाजपा अध्यक्ष को अपना सामान्य ज्ञान अपडेट करके यह जान लेना चाहिए कि वीरभद्र सरकार ने ट्रिपल आईटी के लिए 20 करोड़ की गारंटी दी, तब ट्रिपल आईटी मिली और जिला में स्वां की सभी 73 सहायक खडडों के तटीयकरण के लिए केन्द्र से मंजूर करवाई गई 922 करोड़ की तटीयकरण योजना के लिए प्रदेश सरकार ने अपना 300 करोड़ का शेयर दिया , तब जाकर यह प्रोजेक्ट मंजूर हुआ। उन्होंने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार तो अपने कार्यकाल में ट्रिपल आईटी के लिए 20 करोड़ की गारंटी नहीं दे सकी और भाजपाई पांच सालों तक सिर्फ बयानों के गोले दागकर ही चलते बने। इसी तरह 922 करोड़ के स्वां प्रोजेक्ट को धरातल पर उतारने में धूमल सरकार ने कोई राजनीतिक इच्छाशक्ति नहीं दिखाई और आधे - अधूरे कागजात दिल्ली भेजकर अपने कर्तव्य से इतिश्री कर ली और वे कागज भी रिजेक्ट हो गए। मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की दृढ़ इच्छाशक्ति व प्रयासों की बदौलत ही जिला को केन्द्र से देश का सबसे बड़ा तटीयकरण प्रोजेक्ट मिल पाया। उन्होंने कहा कि एक- एक दस्तावेज इस बात का गवाह है कि ट्रिपल आईटी और स्वां तटीयकरण योजना का सपना कांग्रेस सरकार ने साकार किया है। मुकेश अग्निहोत्री ने सतपाल सत्ती को स्मरण दिलाया कि पूर्व धूमल सरकार ने तो हरोली हलके के लिए मंजूर हुआ केन्द्रीय विद्यालय भी यहां से उठाकर बंगाणा में खोल दिया था लेकिन हमने बंगाणा का केन्द्रीय विद्यालय भी वहीं रहने दिया और सलोह के लिए केन्द्र से दूसरा केन्द्रीय विद्यालय मंजूर करवाया। उन्होंने कहा कि सताल सत्ती जिन साईकलों को बांटे जाने पर छटपटा रहे हैं, उन बारे उन्हें पहले प्रदेश सरकार की योजनाओं को जान लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि सतपाल सत्ती को यह पता होना चाहिए कि हिमाचल प्रदेश श्रम विभाग में लेबर बोर्ड के तहत कामगारों को 3 हजार रूप्ए कीमत की साईकल देने का प्रावधान है ताकि वे साईकल पर अपने काम पर जा सकें। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जिन्हें सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी ही नहीं है, वे जनकल्याण व विकास क्या करवायेंगे। उद्योग मंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा है कि हरोली विधानसभा क्षेत्र के लोग विकास पसंद है और विकास के साथ चलते हैं। हरोली की जनता उन ताकतों को भी अच्छी तरह जानती है जिन्होंने अपने सत्ताकाल में हरोली में विकास नहीं करवाया और अब हरोली में हुए विकास और यहां कांग्रेस को मिली बढ़त को देखकर ऐसी ताकतें आंसू बहा रही हैं। मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि हरोली में विकास के एजेंड़े पर चुनाव लड़ा गया था । हरोली विधानसभा क्षेत्र ने सवा साल की छोटी सी अवधि में ही विकास की जो मंजिलें तय की हैं , उन पर आज हरोली की जनता फख्र महसूस कर रही है। उन्होंने कहा कि हरोली इस अवधि में विकास का मॉडल बना है। हरोली में विकास ही मुददा है। यहां साजिशों, षडय़ंत्रों की राजनीति चलने वाली नहीं है। पूरे विधानसभा क्षेत्र में गांव व गरीब की सेवा के एजेंड़े को उन्होंने अपनी पूरी ताकत से अमलीजामा पहनाया है और यह क्रम रूकने वाला नहीं है।
जन-शिकायतों के त्वरित समाधान के निर्देश
ऊना, 19 मई (विजयेन्दर शर्मा)। उपायुक्त ऊना अभिषेक ने जिला के विभिन्न विभागों के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा है कि कार्यालय में प्रतिदिन प्राप्त होने वाली जन-शिकायतों को प्राथमिकता देते हुए उनका शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने निर्देश दिये कि लोगों से मिलने वाली शिकायतों की कम से कम संभवत: सप्ताह में अथवा 15 दिनों में एक बार समीक्षा की जाए और शिकायत पर की गई कार्यवाही से शिकायतकर्ता को भी अवगत करवाया जाए। किन्हीं कारणवश समाधान न हो पाया हो, तो उस स्थिति में शिकायतकर्ता को कारणों सहित अवगत करवाया जाए। उन्होंने कार्यालय में शिकायत के प्राप्त होने की तिथि तथा समाधान प्रक्रिया की अवधि तक का समुचित रिकार्ड बनाया जाए। उन्होंने कहा कि यदि शिकायतें ई-मेल से प्राप्त हों तो उनकी जबाव ई-मेल से भी भेजे जाएं। उपायुक्त कहा कि इस प्रक्रिया को अपनाने से शिकायतों के शीघ्र व समयबद्ध निदान में सहायता मिलेगी।
विकलांगता शिविरों में बनेंगे विकलांगता प्रमाण-पत्र
ऊना, 19 मई (विजयेन्दर शर्मा)। जिला कल्याण अधिकारी, ऊना शशि बिजलवान ने बताया कि विकलांगों की विकलांगता जांच व उन्हें विकलांगता प्रमाण पत्र जारी करने के लिए जिला के विभिन्न क्षेत्रों में पांच जागरूकता शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि 21 मई को प्रेम आश्रम, ऊना, 23 मई को सामुदायिक चिकित्सा केन्द्र हरोली, 28 मई को प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र थानाकलां, 6 जून को बीडीओ कार्यालय अम्ब तथा 11 जून को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र गगरेट में इन शिविरों का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इन शिविरों में विकलांगों के कल्याणार्थ चलाई गई विभिन्न योजनाओं की भी जानकारी दी जाएगी।
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