बिहार में जनता दल (युनाइटेड) की सरकार को राष्ट्रीय जनता दल (राजद) द्वारा समर्थन दिए जाने पर बिहार के मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने जहां राजद को धन्यवाद दिया है, वहीं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इसकी कटु आलोचना करते हुए इसे अवसरवादिता की राजनीति कहा है। राजद विधायक दल के नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी के जद (यु) सरकार को समर्थन देने की बात पर मुख्यमंत्री मांझी ने कहा कि ऐसे सभी दलों को बिना किसी आलोचना के समर्थन देना चाहिए जो गरीबों, महादलितों और पिछड़ों की बात करते हैं। उन्होंने कहा कि समर्थन के लिए वह राजद को धन्यवाद देते हैं।
इधर, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मंगल पांडेय ने राजद के समर्थन देने की बात पर कहा कि यह कोई आश्चर्य की बात नहीं है। इसकी संभावना पहले से ही थी। उन्होंने कहा कि इस समर्थन के बाद नीतीश का असली चेहरा सामने आ गया है। जिस कांग्रेस और राजद के खिलाफ उन्हें जनादेश मिला है और जिसके खिलाफ लोकसभा चुनाव लड़ा हो, उसके समर्थन से वह सत्ता में बने रहना चाह रहे हैं।
जद (यू) के प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह ने इस समर्थन का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि उन्होंने समर्थन नहीं मांगा है, अगर कोई राजनीतिक दल समर्थन देता है तो यह उस दल की स्वतंत्रता है। उन्होंने कहा कि सरकार को विधानसभा में बहुमत प्राप्त है। अगले चुनाव में राजद के साथ गठबंधन के तहत चुनाव लड़ने की संभावना को खारिज करते हुए सिंह ने कहा कि जद (यू) अकेले ही विधानसभा चुनाव लड़ेगी और काम के दम पर जीतेगी।
उल्लेखनीय है कि बिहार में जद (यू) के 117 विधायक हैं, जबकि दो निर्दलीय और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के विधायकों का समर्थन उसे प्राप्त है। कांग्रेस ने भी सरकार को बाहर से समर्थन देने की घोषणा की है। बिहार विधानसभा का विशेष सत्र शुक्रवार को बुलाया गया है जिसमें जीतन राम मांझी सरकार बहुमत साबित करेगी।

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