निर्वाचन व्यय प्रस्तुत करने हेतु समयावधि निर्धारित
सीधी 23 मई 2014 प्रभारी कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री अनिल खरे द्वारा पत्र के माध्यम से लोकसभा निर्वाचन 2014 हेतु चुनाव लड़ने वाले सभी प्रत्याशियों को सूचित किया गया है कि वे निर्वाचन परिणाम घोषित होने के दिनांक से 30 दिन के अंदर जिला निर्वाचन अधिकारी के पास निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत करें। निर्वाचन व्ययों के लेखे निर्धारित प्रपत्रों में समय सीमा में प्रस्तुत करना अनिवार्य होता है। यदि कोई प्रत्याशी उपरोक्तानुसार व्यय-लेखा प्रस्तुत करने में असफल रहता है तो उसे भारत निर्वाचन आयोग द्वारा लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 10 क के अधीन निरर्हित घोषित किया जा सकता है। सभी प्रत्याशी अपना-अपना निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित प्रपत्र में तैयार कर मूलतः व्हाउचर सहित जिला निर्वाचन अधिकारी सीधी के कार्यालय में स्वयं अथवा निर्वाचन व्यय अभिकर्ता उपस्थित होकर प्रस्तुत कर सकते हैं।
स्थापना शाखा का दायित्व डिप्टी कलेक्टर श्री रावत को सौंपा
सीधी 23 मई 2014 प्रभारी कलेक्टर श्री अनिल खरे द्वारा प्रशासकीय कार्य सुविधा को दृष्टिगत रखते हुए आगामी आदेश पर्यन्त तक श्री लालजी रावत डिप्टी कलेक्टर को अपने कार्यों के साथ-साथ स्थापना शाखा के कार्यों का भी दायित्व सौंपा गया है।
मलेरिया नियंत्रण जांच व उपचार हेतु प्रशिक्षण
सीधी 23 मई 2014 कलेक्टर द्वारा निर्देशानुसार मलेरिया/डेंगू के प्रभावी नियंत्रण हेतु जिले के समस्त मैदानी कार्यकर्ताओ, आशा/आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को विकासखण्ड स्तर पर मलेरिया/डेंगू का प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। मानस भवन में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सेमरिया के अंतर्गत समस्त मैदानी स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को मलेरिया नियंत्रण, जांच एवं उपचार हेतु विस्तृत प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण में डाॅ0 के0के0 शुक्ला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, डाॅ0 एल.सी.गुप्ता जिला स्वास्थ्य अधिकारी, श्री अखिलेश दुबे जिला मलेरिया अधिकारी, डाॅ0 आर.कुमार खण्ड चिकित्सा अधिकारी सेमरिया एवं श्री पी.एलीकोण्डा रेड्डी व्ही.बी.डी.कन्सल्टंेट उपस्थित थे। इस अवसर पर डाॅ0 शुक्ला ने प्रशिक्षणार्थियों से कहा कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित रूप से उपस्थित रहकर जनसमुदाय को जागरूक करें एवं घर-घर जाकर रोगियों का स्वास्थ्य परीक्षण कर मौलिक उपचार प्रदान करें। जिला मलेरिया अधिकारी द्वारा समस्त प्रशिक्षणार्थियों से अपील की गई कि वे लोगों को जागरूक करें एवं बुखार आने पर तुरंत अपने नजदीकी ग्राम आरोग्य केन्द्र अथवा स्वास्थ्य केन्द्र में जाकर निःशुल्क जांच करायें एवं पूर्ण मौलिक उपचार प्राप्त करें। शाम के समय नीम की पत्तियों का धुआं करें एवं अपने घर के आसपास अनुपयोगी जल को नष्ट करें जिससे मच्छर पैदा न हों।
संविदा शाला शिक्षकों के रिक्त पदों की पूर्ति हेतु निर्देश
शासन द्वारा जिले में हाईस्कूल एवं हायर सेकेण्ड्री शालाओं में संविदा शाला शिक्षक श्रेणी 1 के सीधी भर्ती अंतर्गत रिक्त पद एवं संविदा शाला शिक्षक श्रेणी-3 (प्रयोगशाला, व्यायाम) शिक्षक के पूर्व स्वीकृत पद तथा विभागीय आदेश अंतर्गत संविदा शाला शिक्षक श्रेणी-3 (संगीत) के पद स्वीकृत किए गए हैं। प्रभारी कलेक्टर श्री अनिल खरे द्वारा मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत एवं समस्त जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे हाईस्कूल/हायर सेकेण्ड्री शालाओं के लिए स्वीकृत पदों का वितरण विषयों के अनुसार कराया जाना सुनिश्चित करें। प्रकाशित अधिसूचना के अनुसार रिक्त होने वाले सीधी भर्ती के पदों का निकायवार/प्र्रवर्गवार/निःशक्तजनवार आरक्षण निर्धारण कर स्वीकृति किए गए पदों की प्रतिपूर्ति सीधी भर्ती के द्वारा केवल ग्रामीण क्षेत्र के जिला पंचायत/जनपद पंचायत अंतर्गत पदों का चिन्हांकन किया जाना है तथा सीधी भर्ती अंतर्गत जिलेार रिक्त पदो ंके विषयवार चिन्हांकन एवं आरक्षण की कार्यवाही जिला स्तर पर किया जाना प्रस्तावित है। तत्पश्चात एम.पी.आनलाईन के पोर्टल पर उपलब्ध कराये गए साफ्टवेयर पर वैकेन्सीइन्ट्री की जाना है।
सरकारी कामकाज में तेजी के लिए देश में पहली बार मध्यप्रदेश में ई-मेल पॉलिसी मंजूर
सीधी 23 मई 2014 सरकारी कामकाज और लोक सेवाओं के प्रदाय में तेजी के लिए मध्यप्रदेश में पहले से ही किये जा रहे सूचना प्रौद्योगिकी के श्रेष्ठ उपयोग की अगली कड़ी में मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चैहान की अध्यक्षता में सम्पन्न मंत्रि-परिषद् की बैठक में मध्यप्रदेश शासन की ई-मेल नीति-2014 को मंजूरी दी गई। इस तरह की नीति को मंजूरी देने वाला मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है। ई-मेल नीति का मुख्य उद्देश्य ई-मेल द्वारा किये गये पत्र-व्यवहार तथा आँकड़ों के सम्प्रेषण को वैधानिक स्वरूप प्रदान करना है। साथ ही मध्यप्रदेश शासन द्वारा प्रदत्त ई-मेल सुविधा तक उपयोगकर्ताओं की पहुँच ओर उपयोग सुनिश्चित करना भी इसका उद्देश्य है। ई-मेल के माध्यम से सभी सुविधाएँ हर विभाग, कार्यालयों, संवैधानिक संस्थाओं और स्वायत्तशासी संस्थाओं को, जो अपनी निधि मध्यप्रदेश की संचित निधि से प्राप्त करती हैं, निःशुल्क प्रदाय की जायेंगी। नीति द्वारा ई-मेल सुविधाओं को वैधानिक स्वरूप प्रदान करने तथा उनके उपयोग के संबंध में दिशा-निर्देश जारी किये जायेंगे। राज्य शासन के विभिन्न विभाग तथा उनके आनुषांगिक संगठन, निगम, मंडल आदि में कार्यरत उन सभी कर्मचारियों को ई-मेल नीति का पालन करना अनिवार्य होगा, जो इस सुविधा का उपयोग करते हैं। वर्तमान में ई-मेल के माध्यम से किए गये पत्र-व्यवहार एवं प्रेषित किये गए दस्तावेज का मैन्युअल एवं परम्परागत पत्र-व्यवहार की भाँति स्वीकार्यता किसी नीतिगत प्रक्रिया के माध्यम से प्राधिकृत न होने से ई-मेल का उपयोग कर किये गये कार्यों एवं लिये गये निर्णयों की वैधानिकता को प्रश्नगत किया जा सकता है। अब ई-मेल नीति लागू हो जाने से यह समस्या समाप्त हो जायेगी। अब ई-मेल आधारित संवाद को स्वीकृत एवं सर्वमान्य संवाद की श्रेणी में औपचारिक रूप से सम्मिलित किया जा सकेगा।

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