आज श्री मोहनखेड़ा तीर्थ में प्रथम महामांगलिक सम्पन्न
- महामांगलिक में अरिहंत वाणी का सार है : आचार्य रवीन्द्रसूरि
झाबूआ---राजगढ़ मोहन खेडा सामूहिक गुरूवंदन के पश्चात् 70 वर्षो बाद आये रवि पुष्य नक्षत्र के अवसर पर अर्हत ध्यानयोगी शासनप्रभावक सप्तम पटधर वर्तमान प.पू. गच्छााधिपति आचार्यदेवेश श्रीमद्विजय रवीन्द्रसूरीश्वरजी म.सा. नें समस्त आराधको को ध्यान साधना करवाई और मांगलिक का अर्थ बताते हुऐ कहां कि महामांगलिक गुरु की सदभावना से गुरु के ह्रदय से निकले हुऐ वो महान चमत्कारी शब्दों का संग्रह है जिसमें अरिहंत परमात्मा एवं गुरु की स्तुतियां अपने कंठ से निकालकर मानव जाति के कल्याणार्थ इसका श्रवण कराया जाता है इस अवसर पर आचार्यश्री ने आचार्य श्री मानतुंगसूरीश्वर जी म.सा. द्वारा अपने ह्रदय से उच्चारित श्री भक्तामर पाठ का इतिहास बताया । आचार्यश्री ने कहा कि आचार्य श्री मानतुंगसूरीश्वर जी म.सा. कवि ह्रदय थे उनके हर श्लोक के उच्चारण से एक - एक बेडीया टूटती चली गई । कवि का सम्पर्क अज्ञात लोक से होता है वह अन्र्तमुखी होकर अपनी रचना का निर्माण करता है । प.पू. ज्योतिषसम्राट मुनिप्रवर श्री ऋषभचन्द्रविजयजी म.सा. ने जानकारी देते हुऐ बताया कि अधिकांश लोग जन्म पत्रिका घटित कालसर्प दोष कि पीडा से ग्रसित होकर परेशान होते है उनके समाधान के लिये लोग तरह - तरह के उपाय करते है । श्री मोहनखेड़ा तीर्थ पर इस वर्ष श्रावण सुदी 5, दिनांक 1 अगस्त 2014 को कालसर्प दोष निवारण महापूजन जैन विधि अनुसार आयोजित गया है । कालसर्प दोष की पीडा से पीडित इस महापूजन में शामिल होकर इससे राहत प्राप्त कर सकते है । आगामी 2 अगस्त से श्री मोहनखेड़ा तीर्थ पर नमस्कार महामंत्र आराधना का भव्य आयोजन किया जायेगा । दिनांक 3 अगस्त 2014 को द्वितीय महामांगलिक का आयोजन किया गया है । आज रविवार को सण्डे स्पेशल में ’’18 पाप स्थानक संवेदना’’ में मुनिराज श्री रजतचन्द्रविजयजी म.सा. ने प्रणातिपात, मृषावाद, अदत्तादान, मैथुन, परिग्रह, क्रोध, मान, माया, लोभ, द्वेष, राग, कलह, अभ्याख्यान, पैशून्य, रति - अरति, परपरिवाद, माया मृषावाद, मित्यात्व शल्य 18 पाप स्थानकों पर सभी आराधकों से संवेदना कराते हुऐ इन सभी पाप स्थानकों में होने वाले पापों से सामुहिक क्षमा याचना करवाई गई । प्रथम महामांगलिक में मध्यप्रदेश वित्त निगम आयोग के अध्यक्ष श्री हिम्मतजी कोठारी मुख्य अतिथि, विधायक सरदारपुर श्री वेलसिंह भूरिया विशेष अतिथि थे । अतिथियों ने महामांगलिक से पूर्व प्रभु श्री पाश्र्वनाथ भगवान एवं दादा गुरुदेव श्री राजेन्द्रसूरीश्वर जी म.सा. की प्रतिमा पर दीप प्रज्ज्वलन कर माल्यार्पण किया । अतिथियों द्वारा वासक्षेप के पश्चात् ’’श्री ऋषभ गुण गरिमा’’ पुस्तक का विमोचन कर प्रथम प्रति आचार्य श्री को प्रदान की गई । अतिथियों का बहुमान श्री आदिनाथ राजेन्द्र श्वे. पेढ़ी ट्रस्ट के मेनेजिंग ट्रस्टी श्री सुजानमल सेठ, ट्रस्टी श्री मेघराज जैन, ट्रस्टी श्री मांगीलाल पावेचा, चातुर्मास समिति के अध्यक्ष श्री बाबुलालजी वर्धन, सचिव श्री मांगीलाल रामाणी एवं बहुमान के लाभार्थी श्री दिलीपकुमार मनोहरलाल जी भण्डारी द्वारा किया गया । प्रथम महामांगलिक के अवसर पर झाबुआ नगर से श्रीमती रेखा देवी मनोहरलाल जी मोदी संघ लेकर आए । मांगलिक में धुलिया के श्रावक - श्राविका, उज्जैन से जैन श्वे. युवा मंच के पदाधिकारी आदि गणमान्य समाजजन उपस्थित थे । प्रथम महामांगलिक में आचार्यश्री का प्रथम गुरु पूजन का लाभ बड़नगर निवासी श्री सुजानमल जी मिश्रीमल जी व्होरा परिवार द्वारा लिया गया । प्रभु आरती का लाभ श्री नरेन्द्रकुमार जी मिश्रीमल जी व्होरा परिवार द्वारा लिया गया । दादा गुरुदेव की आरती का लाभ श्री भारतीय जैन युवामंच उज्जैन के पदाधिकारियों द्वारा लिया गया । कार्यक्रम का संचालन श्री मांगीलाल जी रामाणी द्वारा व संगीतमय प्रस्तुति श्री हेमन्त वेदमुथा, श्री देवेश जैन द्वारा दी गई । श्री मोहनखेडा तीर्थ पर दादा गुरूदेव श्रीमद्विजय राजेन्द्रसूरीश्वरजी म. सा. की पाट परम्परा के शासनप्रभावक सप्तम पटधर वर्तमान प.पू. गच्छााधिपति आचार्यदेवेश श्रीमद्विजय रवीन्द्रसूरीश्वरजी म.सा., ज्योतिषम्राट मुनिप्रवर श्री ऋषभचन्द्रविजयजी म. सा., मुनिराज श्री पीयूषचन्द्रविजयजी म.सा., मुनिराज श्री रजतचन्द्रविजयजी म. सा. शासन ज्योति साध्वी श्री महेन्द्रश्रीजी म. सा., सेवाभावी साध्वी श्री संघवणश्रीजी म.सा. आदि ठाणा की पावनतप निश्रा में धर्म बिन्दु एवं चन्द्रराजा चरित्र वांचन चल रहा है । श्री मोहनखेडा तीर्थ पर यशस्वी चातुर्मास के दौरान 45 दिन की सिद्वितप आराधना में 20 आराधक आराधना कर रहे है साथ ही तीर्थ पर सांकली अट्ठम तपाराधना निरन्तर गतिमान है । तीर्थ में कल से 36 दिवसीय श्री राजेन्द्रसूरि गुरुतप आराधना प्रारम्भ हुई इस आराधना में 313 आराधक शामिल हुऐ है । श्री भरतपूर नगर प्रवचन पाण्डाल में तपस्वी आराधकों एवं लाभार्थी परिवारों का बहुमान के लाभार्थी श्री दिलीपकुमार जी द्वारा बहुमान किया गया । आगामी 15 दिनों तक के तपस्वी, लाभार्थी, अतिथियों के बहुमान करने का लाभ श्रीमती शांतादेवी भंवरलालजी शाह जी परिवार भीनमाल द्वारा लिया गया
हत्या का ईनामी आरोपी सरपंच ज्योति गिरफ्तार
झाबूआ---वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एस0पी0सिंह ने बताया कि दिनांक 18/7/2014 को थांदला से पेटलावद जा रही गुर्जर बस की ग्राम सेमलपाड़ा में सरपंच ज्योति पिता देवला की बुलेरो कार से टक्कर हो गई थी। इस बात को लेकर आरोपी ज्योति पिता देवला, उम्र 45 वर्ष एवं उसके लड़के गोपाल एवं विजय ने गुर्जर बस को रोककर उसके ड्रायवर सुरेन्द्र सिंह पिता लालसिंह चैहान, उम्र 40 वर्ष, निवासी चन्द्रशेखर आजाद मार्ग पेटलावद को बंदी बनाया एवं आरोपी सरपंच ज्योति पिता देवला को घर पर ले जाकर उसके साथ मारपीट की। क्लीनर कमलेश के द्वारा बस ड्रायवर सुरेन्द्र को उसके पेटलावद स्थित घर पर दिनांक 19/7/14 को छोड़ा गया था। दिनांक 19/7/2014 की रात्रि लगभग 1ृ1ः30 बजे बस ड्रायवर सुरेन्द्र पिता लालसिंह की मृत्यु हो गई थी। प्रकरण में दिनांक 20/7/2014 को थाना थांदला में अपराध क्रमांक 330/2014, धारा 302,343,34 भादवि का पंजीबद्ध किया गया था। आरोपी ग्राम सेमलपाड़ा का सरपंच ज्योति पिता देवला घटना दिनांक से फरार चल रहा था। आरोपी सरपंच ज्योति के पुत्र गोपाल, उम्र 19 वर्ष एवं विजय, उम्र 26 वर्ष को दिनांक 22/7/14 को पुलिस टीम ने गिरफ्तार कर लिया था। आरोपी सरपंच को ढूंढने हेतु कई पुलिस पार्टियों को भेजाद गया था परंतु वह घर पर नहीं मिला, कहीं फरार हो गया था। मुखबिर की सूचना के आधार पर आज दिनांक 27/7/2014 को थाना प्रभारी थांदला उप निरीक्षक जनकसिंह रावत, प्र0आर0 जगदीश, आर0 राजेन्द्र एवं आनंद की पुलिस टीम ने दबिश देकर आरोपी सरपंच ज्योति पिता देवाला, निवासी सेमलपाड़ा को ग्राम शिवगढ़ महूडा से गिरफ्तार किया। उल्लेखनीय है कि आरोपी पर 3000/-रू0 के नगद ईनाम की उदघोषणा की गई थी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने उक्त सफलता पर पुलिस टीम को बधाई दी है।
वाहन दुर्घटना में एक की मृत्यु
झाबूआ--- फरियादी .मेतान पिता लिम्बा, उम्र 35 वर्ष, निवासी अगास्या ने बताया कि आरोपी मुकेश पिता जामु मेडा, निवासी जोसली ने अपनी मोसा. को तेज व लापरवाही पूर्वक चलाकर मो0सा0 को टक्कर मार दी, जिस पर बैठे मुकेश रेलम को चोट आई ईलाज हेतु सीएचसी थांदला ले गये ईलाज दौरान मुकेश की मृत्यु हो गयी। प्र्रकरण में थाना काकनवानी में अपराध क्र0 136/14, धारा 279,337,304-ए भादवि का पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
प्रतिबंधात्मक कार्यवाही मे बीस हजार रूप्ए कि वसूली की
झाबूआ--- संपूर्ण जिले में धारा 107,116 जाफौ के तहत् 11 प्रकरण में 18 व्यक्तियों, धारा 110 जाफौ में 1 प्रकरण में 1 व्यक्ति, धारा 151 जाफौ में 1 प्रकरण में 2 व्यक्तियों के विरूद्ध कार्यवाही की गई। मोटर व्हीकल एक्ट के तहत् 26 चालान बनाये जाकर 20200/-रू. का समन शुल्क वसूला गया।
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