प्रदेश भाजपा में तूफान से पहले की शांति,संगठन में बदलाव की चर्चा
देहरादून,27 जुलाई (राजेन्द्र जोशी) । लोकसभा चुनावों में भाजपा की ऐतिहासिक जीत की खुमारी उतरी भी नहीं थी कि प्रदेश की तीन विधानसभा सीटों के उपचुनाव में मिली करारी हार ने पार्टी की चूले हिला दी है। पार्टी ने हार के बाद कोई तार्किक बयान नहीं दिया जबकि हार का मुंह देखने वाले पार्टी के राष्ट्रीय सचिव त्रिवेन्द्र सिंह रावत की ओर से हार का कारण आपसी गुटबाजी को बता आने वाले तूफान का संकेत दिया जा चुका है। पार्टी की आन्तरिक राजनीति के जानकारो का कहना है कि जल्द ही भाजपा प्रदेश संगठन में आपसी गुटबाजी तेज हो सकती है और इससे प्रदेश संगठन में बदलाव किया जा सकता है। उधर सत्ताधारी कांग्रेस ने जहां इन सीटों को जीतकर लोकसभा चुनाव में मिली करारी हार का दर्द कुछ कम कर लिया है वहीं इस जीत ने हरीश रावत सरकार को बहुमत के जादुई आकड़े तक पहुंचा कर उन्हें मजबूत फैसले लेने की स्वतंत्रता प्रदान कर दी है और सहयोगी पीडीएफ के दबाव से पूरी तरह से मुक्त कर दिया है। बताते चले कि लोकसभा चुनाव में डोईवाला विधानसभा के एमएलए डा. रमेश पोखरियाल निशंक और सोमेश्वर के अजय टम्टा भाजपा के टिकट पर लोकसभा के लिए निर्वाचित हो गए थे जबकि धारचूला सीट को सीएम ने अपने करीबी हरीश धामी से अपने लिए खाली कराया था। तीनो सीटों पर हुए उपचुनाव में भाजपा अपनी दो सीटें भी नहीं बचा सकी। कांग्रेस ने तीनो सीटो पर अच्छे अंतरो से विजय प्राप्त की। डोईवाला सीट पर भाजपा के राष्ट्रीय सचिव त्रिवेन्द्र सिंह रावत कांग्रेस के पूर्व मंत्री हीरा सिंह बिष्ट से चुनाव हार गए। त्रिवेन्द्र रावत को राज्य में डा. रमेश पोखरियाल निशंक का विरोधी माना जाता है। जबकि डोईवाला सीट डा. निशंक के संसदीय क्षेत्र का हिस्सा है। इसलिए त्रिवेन्द्र की हार का कारण उनके समर्थक डा. निशंक को मान रहे है। त्रिवेन्द्र समर्थको ने डा. निशंक को हार का जिम्मेदार मानते हुए डोईवाला क्षेत्र में उनका पुतला फूंका और उनके खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की।त्रिवेन्द्र समर्थको ने पार्टी कार्यालय में भी तोड़फोड़ की और अपना गुसा जाहिर किया। त्रिवेन्द्र समर्थको के निशाने पर प्रदेश अध्यक्ष तीरथ सिंह रावत भी है। क्योंकि तीरथ और त्रिवेन्द्र भी एक दूसरे के धुर विरोधी माने जाते है। प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव में त्रिवेन्द्र और तीरथ आमने सामने आ कर लड़ चुके है। उस समय त्रिवेन्द्र को जहां पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी का समर्थन हासिल था वहीं तीरथ के साथ पूर्व मुख्यमंत्री बीसी खंडूड़ी और डा. रमेश पोखरियाल निशंक का वरद्हस्त था। उस समय तीरथ त्रिवेन्द्र पर भारी पड़े थे और अन्त समय में त्रिवेन्द्र को अपने पांव पीछे खीचने पड़े थे। पार्टी में इस समय एक बात की काफी चर्चा है कि त्रिवेन्द्र को तीरथ और डा. निशंक ने मिलकर निपटाया है। क्योंकि इन नेताओं को डर था कि त्रिवेन्द्र के चुनाव जीतने से उनका गुट एक बार फिर संगठन पर अपनी पकड़ मजबूत बना सकता है इसके चलते त्रिवेन्द्र को चुनाव में निपटा दिया गया। उधर त्रिवेन्द्र ने भी चुनाव हारते ही गुटबाजी और आपसी कलह को लेकर संगठन पर हमला बोल दिया है। उन्होंने कहा कि पार्टी ने उन्हें टिकट देने में देरी की जिससे पर्याप्त समय नहीं मिल पाया इसके साथ ही विधानसभा क्षेत्र में कुछ वरिष्ठ नेताओं का सहयोग भी अपेक्षित रूप से नहीं मिल पाया। पार्टी के करीबी सूत्रों की माने तो लोकसभा के बाद देश में हुए इस पहले चुनाव में पार्टी की करारी हार से पूरे देश में गलत संदेश गया है। इससे जहां मोदी इफेक्ट के कमजोर होने का मैसेज गया वहीं पार्टी कार्यकर्ताओं के मनोबल पर भी बुरा असर पड़ने का अदंेशा है। पार्टी आलाकमान भी हार को प्रदेश स्तर पर जड़ जमाए गुटबाजी का ही परिणाम माना है। सूत्रों से मिल रही जानकारी के अनुसार राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। उन्होंने पार्टी से इस बारे में रिपोर्ट मांगी है। कयास लगाया जा रहा है कि जल्द ही इस हार की गाज प्रदेश अध्यक्ष समेत संगठन मंत्री पर भी गिर सकती है। उधर पार्टी का एक प्रभावी गुट मानता है कि डोईवाला से त्रिवेन्द्र रावत को लड़ाने का फैसला ही गलत था। उनका मानना है कि त्रिवेन्द्र जब पहले डोईवाला से विधायक थे तो उन्होंने इस क्षेत्र की बहुत उपेक्षा की थी इसी के चलते उन्होंने वर्ष 2012 में हुए विधानसभा के आम चुनाव में डोईवाला की जगह रायपुर विधानसभा सीट पर चुनाव लड़ा था और मामूली अंतरो से चुनाव हार गए थे। कहा जा रहा है कि त्रिवेन्द्र के डोईवाला से चुनाव लड़ने पर उनसे नाराज लोगों को उनसे बदला लेने का मौका मिल गया। इसके अलावा पिछले साल हुए डिलिमिटेशन में डोईवाला सीट कई विधानसभा क्षेत्रों में बंट गई जिसमें भाजपा समर्थक मत भी बिखर गए जिसके चलते त्रिवेन्द्र को हार का मुंह देखना पड़ा। इसके साथ ही त्रिवेन्द्र की आम कार्यकर्ताओं के साथ संवादहीनता भी काफी अहम रोल अदा की। 26 साल से लगातार भाजपा के पास रही डोईवाला सीट के कांग्रेस के हाथ में जाने का सबसे बड़ा कारण त्रिवेन्द्र रावत के प्रति क्षेत्र में लोगों के गुस्से को माना जा रहा है। बहरहाल आज यहां पार्टी उपचुनाव में हार पर मंथन करने के लिए एक उच्चस्तरीय बैठक करने जा रही है जिसमें सभी पहलुओं पर चर्चा करने के बाद रिपोर्ट केन्द्र को भेजी जाएगी। हालांकि अपने उपर लग रहे आरोपो से परेशान प्रदेश अध्यक्ष तीरथ सिंह रावत ने एक बयान में स्पष्ट किया है कि यदि जीत का श्रेय सामूहिक लिया जाता है तो हार की जिम्मेदारी भी सामूहिक बनती है।
मुख्यमंत्री हरीश रावत सहित हीरा व रेखा सोमवार को लेंगे विधानसभा की शपथ
देहरादून 27 जुलाई(निस)। उत्तराखण्ड के तीन विधानसभा क्षेत्रों में हुए उपचुनाव में विजयी रहे कांग्रेस प्रत्याशी मुख्यमंत्री हरीश रावत, हीरा सिंह बिष्ट एवं रेखा आर्य सोमवार को उत्तराखण्ड विधानसभा की सदस्यता लेगे। इन तीनों को विधानसभा अध्यक्ष गोविन्द सिंह कुंजवाल विधायक पद की शपथ दिलवायेगे। इस आशय की जानकारी देते हुए कांग्रेस के मीडिया समन्वयक सुरेन्द्र सिंह आर्य ने बताया कि विधानसभा में इन तीन उपचुनावों में जीत के बाद कांग्रेस पार्टी एक नई शक्ति के रूप में उभरी है। इस जीत को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं में जो खुशी व उत्साह है उसको लेकर कल के शपथग्रहण समारोह जिसमें मुख्यमंत्री हरीश रावत प्रमुख रूप से समारोह के केन्द्र बिन्दु रहेंगे, वहीं इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं के भाग लेने की संभावना है।
कई षिक्षकों ने ली भाजपा की सदस्यता
देहरादून 27 जुलाई(निस)। भाजपा प्रदेषाध्यक्ष तीरथ सिंह रावत की मौजुदगी में सोमवार को दर्जनों षिक्षकों ने भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। षिक्षा प्रकोश्ठ के तत्वावधान में प्रदेष मुख्यालय पर हुए इस कार्यक्रम में सदस्यता लेने वालों में पष्चिमी उत्तर प्रदेष से भाजपा विधायक संगीत सोम के भाई दीपक सोम के साथ विभिन्न पार्टियों से जुड़े षिक्षक षामिल थे। देहरादून, बलबीर रोड स्थित भाजपा प्रदेष कार्यालय में आज षिक्षा प्रकोश्ठ द्वारा आयोजित कार्यक्रम में लगभग दो दर्ज षिक्षकों ने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। इस मौके पर पार्टी प्रदेषाध्यक्ष श्री तीरथ सिंह रावत ने नये सदस्यों का स्वागत करते हुए इसे अच्छे दिनों के साथ अच्छे षिक्षकों का पार्टी में आगमन बताया। साथ ही आहवान किया कि सभी को मिलजुल कर संगठन को प्रदेष में मजबूत करना है ताकि भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार मजबूती से विकास कार्य पूरे कर सके। इस अवसर पर प्रदेष उपाध्यक्ष नरेष बंसल, षिक्षा प्रकोश्ठ की संयोजिका श्रीमती इन्दुबाला, प्रदेष मीडिया प्रभारी उमेष अग्रवाल, गढ़वाल मंडल संयोजक राजेन्द्र नेगी, परवादून जिला संयोजक नीरज सिंहल,अमित सिंह, डा. हितेन्द्र चैधरी, अखिल चैधरी, सुनील सिंह, कैलाष सिंह, कमल पंत, उमेष सैनी, डा. अवनीष षर्मा, डाॅ कौषल कुमार, कबीर लाल, भारती तिवारी, मोहित गर्ग,, सानिध्य डोगरा, आषीश तिवारी, दयाराम, सीपी असवाल, समेत अनेक षिक्षा प्रकोश्ठ पदाधिकारियों ने नवीन सदस्यों का स्वागत किया। इस अवसर पर प्रदेष प्रकोश्ठ संयोजिका इन्दुबाला ने पार्टी के सिद्धान्तों, विचारों और षिक्षा प्रकोश्ठ की भूमि से नये सदस्यों को अवगत कराया।
ब्लाॅक प्रमुख चुनाव में बजा भाजपा का डंका,95 में से 48 पर किया कब्जा
देहरादून,27 जुलाई,(निस)। आज हुए प्रदेश के कुल 95 विकास खंडों में ब्लाॅक प्रमुखों के चुनाव में भाजपा ने बड़ी सफलता प्राप्त की। पार्टी के 62 अधिकृत उम्मीदवारों में से 42 ने ब्लाॅक प्रमुख की कुर्सी कब्जाने में सफलता पाई है। इसके साथ ही भाजपा समर्थित छह अन्य प्रत्याशी भी जीतने में कामयाब रहे। इस तरह पार्टी ने 95 में से 48 ब्लाॅकों पर कब्जा कर लिया है। पार्टी के प्रदेश महामंत्री नरेश बंसल ने बताया कि आज सम्पन्न हुए ब्लाॅक प्रमुखों के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी द्वारा अधिकृत किए गये ब्लाॅक प्रमुख के 62 उम्मीदवारों में से जिलों से प्राप्त सूचनाओं के अनुसार 42 ने विजय प्राप्त की है। भारतीय जनता पार्टी द्वारा समर्थित उम्मीदवारों सहित पार्टी ने 48 ब्लाॅक प्रमुख के पद जीते है। अधिकांश स्थानों पर जेष्ठ व कनिष्ठ प्रमुख भी भारतीय जनता पार्टी के जीते है। उल्लेखनीय है कि कुल 18 ब्लाॅक प्रमुख निर्विरोध निर्वाचित हुए थे जिसमंे से 8 भारतीय जनता पार्टी के थे। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष तीरथ सिंह रावत एवं प्रदेश महामंत्री (संगठन) संजय कुमार ने सभी विजयी प्रत्याशियों को बधाई दी है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष से मिले कार्यकर्ता,उपचुनाव जीत की दी बधाई
देहरादून,27 जुलाई,(निस)। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने पार्टी मुख्यालय में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आये प्रमुख नेताओं एवं हल्द्वानी जिला नैनीताल से आये महिला कांग्रेस प्रतिनिधिमण्डल से भेंट की। प्रदेश के तीन विधानसभा क्षेत्रों के उपचुनाव परिणाम कांगे्रस पार्टी के पक्ष में आने से कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह के चलते कांग्रेस अध्यक्ष को बधाई देने वालों का आज दिनभर तांता लगा रहा जिसमें प्रदेश के अनेक जनपदों से आये नौजवान, कांगे्रस के वरिष्ठ नेता व महिला कार्यकर्ताओं ने मुलाकात कर पूरी मेहनत से पार्टी को मजबूत करने का भरोसा दिलाया। कार्यकर्ताओं से मुखातिब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि ये जीत कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं की जीत है और हम सभी को मिलकर 2017 के चुनाव तक पार्टी को हर तरह से मजबूती प्रदान करने के लिए तैयार रहना होगा। उपचुनावों में जीत के बाद कांग्रेस पार्टी एक नई शक्ति के रूप में उभरी है, हमें कार्यकर्ताओं के जोश को बनाये रखना है। इस बीच नैनीताल हल्द्वानी के महिला प्रतिनिधिमण्डल ने जिला कंाग्रेस अध्यक्षा श्रीमती शशि वर्मा के नेतृत्व में मुलाकात की और महिला कंाग्रेस से सम्बन्धित गतिविधियों और समस्याओं की जानकारी दी। प्रतिनिधिमण्डल में श्रीमती शशि वर्मा के अलावा उपाध्यक्ष श्रीमती निर्मला जोशी, महामंत्री पुष्पा शर्मा, ब्लाक अध्यक्ष नीलू नेगी, निर्मला दरम्वाल, अनुराधा जोशी, पुष्पा नेगी, हंसी पाण्डे, बिमला सांगुडी सहित अनेक महिला नेत्रियां शामिल थी।

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