बिहार में रविवार को हजारों लोग कोशी नदी में 2008 में आई बाढ़ की पुनरावृत्ति से भयग्रस्त हो गए। कोशी के जलस्तर में तीव्र वृद्धि देखी जा रही है। नेपाल में शनिवार को भूस्खलन होने से कोशी नदी की एक धारा सुनकोशी का मार्ग अवरुद्ध हो गया। भूस्खलन में आठ लोग मारे गए और चट्टानें एवं गाद भर जाने से नदी का पानी ठहर गया है। बिहार सरकार ने कोशी क्षेत्र के सुपौल, सहरसा, मधुबनी, पुर्णिया, खगड़िया और मधेपुरा जिलों में बाढ़ की चेतावनी जारी की जिसके बाद वहां से हजारों लोग अपने घरों को छोड़ अन्यत्र पलायन करने लगे हैं।
राज्य के जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा, "सुपौल में सैकड़ों लोगों ने सड़कों और बांधों पर शरण ले रखी है।" राज्य सरकार ने भी रविवार सुबह तक करीब 20,000 लोगों को खाली करा लिया था। आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव व्यासजी ने कहा कि जिन लोगों को निकाला जा रहा है उन्हें राहत शिविरों में रखा जा रहा है। रविवार शाम तक खाली कराए गए लोगों की संख्या बढ़ जाएगी।
उन्होंने स्वीकार किया कि सरकारी एजेंसियां बेहद खराब स्थिति को ध्यान में रखते हुए तैयारी कर रही हैं। व्यासजी ने कहा, "शनिवार को नेपाल द्वारा राज्य सरकार को चेतावनी देने के बाद हम किसी भी स्थिति का सामना करने के लिए तैयार हैं।" चौधरी ने कहा, "सरकार की अपील पर काम हो रहा है और लोगों को खतरे वाले जगहों से हटाया जा रहा है।" राष्ट्रीय आपदा कार्रवाई बल की आठ टीमें और प्रदेश आपदा कार्रवाई बल की तीन टीमें आपात स्थिति के लिए कमर कस चुकी हैं।

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