भारत में फिलिस्तीन के राजदूत अदली शबनम हसन सादिक ने रविवार को भारत सरकार से अपील की कि वह गाजा में इजरायली आक्रमण पर अपना रुख स्पष्ट करे और फिलिस्तीनी आंदोलन का समर्थन करे। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की कि वह आगामी अमेरिका दौरे के समय इस मुद्दे को अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के समक्ष उठाएं।
यहां एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए फिलिस्तीनी राजदूत और अरब देशों के संघ के मिशन प्रभारी माजिन अल-मसौदी ने कहा कि वह चाहते हैं कि भारत अमेरिका पर दबाव बनाए जिससे वह इजरायली आक्रमण की निंदा करे और आगे इस तरह के आक्रमण को रोके।
दूतों ने संसद में फिलिस्तीन का मुद्दा उठाने और सद्भाव प्रदर्शित करने के लिए भारतीय राजनेताओं की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि भारत फिलिस्तीनी आंदोलन का समर्थन करता रहा है और उन्हें आशा है कि नई दिल्ली की यह नीति आगे भी बनी रहेगी।
राजदूत ने कहा कि गाजा में नृशंस इजरायली हमले में अब तक महिलाओं और बच्चों सहित 1800 फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं एवं 10 हजार घायल हुए हैं। सादिक ने कहा कि इस तरह के हमले में दो दिन पहले वह अपने पोते को गंवा चुके हैं।
उन्होंने कहा कि इजरायल आपराधिक युद्ध को खत्म करे। अगर इजरायल शांतिपूर्ण सहअस्तित्व के साथ जेरूसलम को फिलिस्तीन की राजधानी मान ले तो फिलिस्तीन इजरायल के साथ प्रगतिशील संबंध बनाने के लिए तैयार है। माजिन ने उन आरोपों का खंडन किया कि सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात हमास को खत्म करने के लिए इजरायल को कोष मुहैया करा रहे हैं।
भारत-अरब लीग के सैयद विकारूद्दीन ने गाजा में फिलिस्तीनियों को राहत सहायता पहुंचाने के लिए राजदूत को 25 लाख रुपये का चेक सौंपा। इस पैसे से कपड़े, दवाई, और अन्य बुनियादी जरूरत के सामान खरीदे जाएंगे। विकारूद्दीन ने जाति, राष्ट्रीयता से ऊपर उठकर फिलिस्तीनियों की मदद का आह्वान किया। भारत-अरब लीग की 1967 में स्थापना की गई थी। यह भारत का अरब देशों से संबंध मजबूत करने की दिशा में काम करता है।
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