भदोही : क्या वर्दी की गरिमा बना पाएंगे नवागत एसपी - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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बुधवार, 20 अगस्त 2014

भदोही : क्या वर्दी की गरिमा बना पाएंगे नवागत एसपी

  • या फिर बाहुबलि विधायक विजय मिश्रा के इशारे पर नाचने की ही होगी विवशता 
  • भदोही में अबतक दर्ज हो चुके है सैकड़ों फर्जी मुकदमें सत्ता से करीबी लोग ही करते आ रहे है क्राइम 

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गलीचों का शहर भदोही वाले भले ही जनपद को गुंडाराज से छुटकारा दिलाने के लिए वीरेन्द्र सिंह को अपना सांसद चुना है, लेकिन तूती तो बाहुबलि विधायक विजय मिश्रा की ही बोलती है। जो भी प्रशासनिक अधिकारी उसके काले कारनामों व अवैध कामों में सरीक होकर साथ नहीं चला उसे वह टिकने नहीं दिया। ढाई साल के कार्यकाल में अब तक तो यही देखने को मिलता चला आ रहा है। इसकी बड़ी वजह यह है कि सत्ता के शिखर पर बैइे लोग उसके अकूत दौलत के आगे नतमस्तक है, चाहकर भी चुप रहने में अपना हित समझते है। ऐसे विषम परिस्थितियों में नवागत पुलिस अधीक्षक विक्रमादित्य सचान बाहुबलि विधायक के जंगलराज को बढ़ावा देंगे या फिर वर्दी की साख रखते हुए पीडि़त जनता के साथ न्याय कर पाएंगे, जैसा उनके नाम में ही न्यायप्रिय होना परिभाषित है। 

मूलतः कानपुर निवासी नवागत पुलिस अधीक्षक श्री सचान 1985 बैच पीपीएस अधिकारी है। वर्ष 2005 में प्रमोशन पाकर आईपीएस रहे श्री सचान की पहली तैनाती श्रावस्ती में रही। इस दौरान वह कई जनपदों में आईपीएस के रुप में ही विभिन्न प्रकोष्ठों में अपनी सेवा दे चुके है। इसके पूर्व वह एसपी क्षेत्रीय अभिसूचना गोरखपुर, बरेली के अलावा पीएसी कमांडेंट आजमगढ़ रह चुके हैं। सोमवार को उन्होंने स्थानांतरित पुलिस अधीक्षक सुभाष दुबे की जगह पर अपना पदभार ग्रहण किया है। पत्रकारों से रु-ब-रु होते हुए उन्होंने दो टूक में कह दिया है कि वह जनपद की कानून व्यवस्था बनाएं रखने के लिए संकल्पित है। अकारण ही किसी का उत्पीड़न नहीं होने देंगे। फर्जी मुकदमें किसी भी दशा में दर्ज नहीं होने देंगे। बगैर जांच व सत्यता जाने थानों में मुकदमें दर्ज नहीं होने देंगे। जनपद से माफियागिरी खत्म कराकर ही चैन से बैठेंगे। अपराधियों को उनके असल ठेकाने तक पहुंचाने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ेंगे। यहां के अमन-चैन को आंच नहीं देने देंगे। साम्प्रदायिक सद्भाव बनाएं रचाने की हरसंभव कोशिश करेंगे आदि कानूनी बाते तो की, लेकिन जैसे ही जनपद के बाहुबलि विधायक विजय मिश्रा के काले कारनामों व उनके द्वारा फर्जी मुकदमें दर्ज कराने जैसे सवाल एक पत्रकार द्वारा पूछे जाने पर उनके पैरों तले जमीन ही खिसक गयी। 

वह गोलमगोल जवाब देकर अपनी स्थिति साफ करने की कोशिश तो जरुर किया, लेकिन उनके बातों से तो साबित हो ही गया कि वह इसमें किस हद तक सफल हो पाएंगे। दरअसल इस जनपद में अपराध तो नाममात्र के ही होते है और जो पुलिसिया भाषा में हिनीयस क्राइम कहा जाता है, उसमें कहीं न कहीं से राजनीतिक साजिस की बू आती है। सूत्रों की मानें तो भदोही जनपद में ढाई सालों सैकड़ों फर्जी मुकदमें सत्ता का गुरुर दिखाकर बाहुबलि विधायक के ईशारे पर ही दर्ज है। किसी किसी मामले में तो इस माफिया विधायक के कहने पर पुलिस खुद गुंडागर्दी पर उतर आती है। इस हद तक कि न्यायालय के आदेश भी उसके ठेंगे पर होते है। अब देखना है कि नवागत पुलिस अधीक्षक बाहुबलि विधायक विजय मिश्रा के अवैध बालू खनन, उसके इशारे पर दर्ज होने वाले फर्जी मुकदमों, लूटपाट, फिरौती, रंगदारी आदि पर लगाम लगा पाते है या उसी के सुर में सुर मिलाकर अपनी वर्दी की साख पर बट्टा लगा गुलामी करना पसंद करते है। हालांकि बाहुबलि विधायक के खिलाफ वर्तमान में भले ही कुछ न हो, लेकिन ढाई साल तक उसके साधु वेश व मुर्गी के दबड़े में धंसा रहना लोगों को याद है। इंतजार है तो उसके फिर से अंदर जाने की। जनता ने बीते लोकसभा चुनाव में उसकी बिटिया को हराकर शुरुवात कर दी है, अब विधानसभा चुनाव का इंतजार है। तबतक चुपचाप लोगों को उसके आतंक का शिकार तो होना ही पड़ेगा। बता दें इसके पहले के कप्तान सुभाष दुबे बाहुबलि विधायक विजय मिश्रा के द्वारा दर्ज कराई जा रही फर्जी मुकदमों पर रोक लगा दी गयी थी, दो-चार फर्जी मुकदमें जो दर्ज थे उसमें जांचोपरांत कार्रवाई की बात कही जा रही थी। 


सुरेश गांधी

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