आगरा विश्वविद्यालय ने 55 से डॉक्टरेट उपाधि छीनी - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

रविवार, 21 सितंबर 2014

आगरा विश्वविद्यालय ने 55 से डॉक्टरेट उपाधि छीनी


agra university
आगरा विश्वविद्यालय से अनुसंधान कर डॉक्टर बने 55 लोगों की उपाधि निरस्त करते हुए अपने नाम से पहले डॉ. लिखने से प्रतिबंधित कर दिया गया है। संस्थान ने विशेषज्ञों से जांच कराने पर पाया कि अध्येताओं द्वारा सौंपा गया अनुसंधान कार्य मौलिक रूप से उनका नहीं था। ये अध्येता तीन वर्षो से अपने नाम के पहले 'डॉक्टर' लिख रहे थे। उपाधि निरस्त करने का यह फैसला विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद ने लिया है।

विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी मनोज श्रीवास्तव ने कहा कि 36 पीएच.डी, 17 डि.लिट् और दो डी.एससी के शोधपत्रों को पुनर्मूल्यांकन के लिए विशेषज्ञों के पास भेजा गया था। विशेषज्ञों के पैनल ने उन्हें खारिज कर दिया कहा है कि ये दोष से भरे हैं और 'घटिया' हैं। निरस्त की गई उपाधि की सूचना विवि की वेबसाइट पर चस्पां कर दी गई है।

कोई टिप्पणी नहीं: