शिवसेना ने बुधवार को कहा 13 सिंतबर को हुए उपचुनाव के नतीजे 'अनपेक्षित झटका और चकित' करने वाला है। शिव सेना ने कहा कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से पहले इससे सीखने की आवश्यकता है। शिवसेना ने अपने मुखपत्र 'सामना' के संपादकीय में सहयोगी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की तरफ इशारा करते हुए कहा, "मतदाताओं को हल्के में न लें। वे बहुत समझदार हैं। पांव जमीन पर रखें और हवा में तलवारबाजी न करें। वरना, वे खाल उधेड़ देंगे।" संपादकीय में ये बातें भाजपा को उत्तर प्रदेश और राजस्थान उपचुनाव में मिले झटके के बाद कही गई हैं।
संपादकीय में कहा गया है, "यह हर किसी के लिए पूरी तरह अनपेक्षित, एक झटका और चकित करने वाला था।" पार्टी ने कहा है कि दो महीने में दूसरी बार, बिहार के बाद उत्तर प्रदेश, गुजरात और राजस्थान में भाजपा को हार मिली है और कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (सपा) को आश्चर्यजनक लाभ मिला है। उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के बहुचर्चित 'लव जिहाद' मुद्दे का कोई असर नहीं हुआ, बल्कि इसने सपा को लोकसभा चुनाव की हार से उबरने का मौका दिया। हालांकि, शिवसेना ने अपने संपादकीय में यह माना है कि उपचुनाव की हार से 'मोदी लहर' बेअसर नहीं हुई है।
इसके मुताबिक, "आम तौर पर हर चुनाव के बाद हवा बदलती है.. लोकसभा चुनाव के नतीजे विधानसभा चुनाव के परिणाम को प्रभावित नहीं कर सकते या विधानसभा चुनाव के परिणाम नगरनिगम चुनाव के परिणाम पर असर नहीं डाल सकते, क्योंकि मुद्दे हर वक्त बदलते रहते हैं।"
शिवसेना ने संपादकीय में राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर तथा राष्ट्रीय सुरक्षा और विश्व में देश की छवि सुधारने में मोदी के बेहतरीन काम की तारीफ की है। संपादकीय में कहा गया है, "वह जापान, भूटान, नेपाल गए, जापानी बच्चों के साथ ड्रम व बांसुरी बजाई। बुलेट ट्रेन और अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी के विकास के लिए समझौता किया और अब वे अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा से मिलने की तैयारी कर रहे हैं।"

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