निर्वाचक नामावली पुनरीक्षण के संबंध में प्रषिक्षण आयोजित
छतरपुर/18 सितम्बर/भारत निर्वाचन आयोग के निर्देषानुसार निर्वाचक नामावली के संक्षिप्त पुनरीक्षण का कार्य किया जाना है। इस संबंध में कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डाॅ. मसूद अख्तर की अध्यक्षता में आज कलेक्टर कार्यालय के सभागार में निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों, सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों एवं मास्टर ट्रेनर्स का प्रषिक्षण आयोजित किया गया। इस अवसर पर अपर कलेक्टर एस सी गंगवानी, सहायक कलेक्टर गिरीष कुमार मिश्रा, जिला षिक्षा अधिकारी एस एन तिवारी सहित समस्त एसडीएम एवं तहसीलदार उपस्थित थे। कलेक्टर डाॅ. मसूद अख्तर ने प्रषिक्षण सह कार्यषाला में जानकारी दी कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देषानुसार अब निर्वाचक नामावली पुनरीक्षण का कार्य निरंतर चलेगा। इसी क्रम में 15 अक्टूबर से मतदाता सूची के रिवीजन का कार्य षुरू किया जायेगा। उन्होंने कहा कि आरओ एवं एआरओ षीघ्र ही बीएलओ की बैठक आयोजित कर उन्हें आवष्यक दिषा-निर्देष दें। कार्य के प्रति लापरवाही बरतने वाले बूथ लेवल अधिकारी को बदलने की कार्यवाही करें। कलेक्टर डाॅ. अख्तर ने कहा कि 1 जनवरी 2015 की स्थिति में 18 वर्श की आयु पूर्ण करने वाले नये मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में आवष्यक रूप से जोड़े जायें, साथ ही किन्हीं कारणोंवष अन्य स्थानों में गये व्यक्तियों तथा मृत मतदाताओं के नाम काटने की कार्यवाही भी सुनिष्चित् करें। उन्होंने कहा कि निर्वाचक नामावली पुनरीक्षण का कार्य भी चुनाव की तरह जरूरी है। अतः सावधानीपूर्वक त्रुटिरहित मतदाता सूची बनाने का कार्य किया जाये। अनंतिम मतदाता सूची का प्रकाषन 15 अक्टूबर को करने के पष्चात् संबंधित मतदान केंद्रों पर 10 नवंबर 2014 तक दावा-आपत्तियां आमंत्रित की जायेंगी। 20 नवंबर तक दावा-आपत्तियों का निराकरण कर 5 जनवरी 2015 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाषन कर दिया जायेगा। प्रषिक्षण के दौरान पावर प्वाइंट प्रेजेंटेषन के माध्यम से निर्वाचक नामावली पुनरीक्षण प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी गई। महाराजा महाविद्यालय के प्राध्यापक एवं प्रषिक्षण अधिकारी डाॅ. माणिक चंद्र अवस्थी ने रोल रिवीजन प्रक्रिया, सर्विस व ओवरसीज इलेक्टर्स एवं मतदाता सूची के कम्प्यूटरीकरण के बारे में जानकारी दी। इसी तरह डाॅ. बहादुर सिंह परमार ने कैसकेडिड ट्रेनिंग की अवधारणा के बारे में एवं मतदाता सूची कार्य का प्रषिक्षण, तैयारी, प्रकाषन व पुनरीक्षण की सामान्य प्रक्रिया के बारे में बताया। डाॅ. बीपीएस गौर ने निर्वाचक पंजीकरण एवं मतदाता सूची विष्लेशण की प्रक्रिया को विस्तार से बताया। प्रषिक्षण उपरांत प्रषिक्षणार्थियों की स्वमूल्यांकन परीक्षा का भी आयोजन किया गया।
अध्यापन कार्य हेतु आवेदन आमंत्रित
छतरपुर/18 सितम्बर/समाज में महिलाओं की सामाजिक व आर्थिक रूप से समान साझेदारी सुनिष्चित् करने के उद्देष्य से महिला एवं बाल विकास विभाग तथा म0प्र0 भोज मुक्त विष्वविद्यालय द्वारा संयुक्त रूप से एप्लाइड कार्यक्रम प्रारंभ किया जा रहा है। इसके तहत सत्र 2014-15 में बैचलर आॅफ सोषल वर्क पाठ्यक्रम की षुरूआत की जा रही हैं। अतः सोषल वर्क के पाठ्यक्रम को पढ़ाने के इच्छुक व्यक्ति 30 सितम्बर 2014 तक जिला कार्यक्रम अधिकारी, एकीकृत बाल विकास सेवा के कार्यालय में अपना आवेदन जमा कर सकते हैं।
कृत्रिम उपकरण वितरित करने हेतु षिविर लगेंगे
छतरपुर/18 सितम्बर/सर्व शिक्षा अभियान के तहत चिकित्सीय मूल्यांकन शिविर में चिन्हित विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को विकासखण्ड स्तर पर चिकित्सीय उपकरणों का वितरण किया जायेगा। उपकरणों के वितरण के लिये 19 से 27 सितम्बर तक जनपद षिक्षा केंद्रों में प्रातः 11 बजे से शिविरों का आयोजन किया जायेगा। जिसके तहत बक्स्वाहा में 19 सितम्बर को, बिजावर में 20 सितम्बर को, राजनगर में 22 सितम्बर को, छतरपुर में 23 सितम्बर को, नौगांव में 24 सितम्बर को, बारीगढ़ में 25 सितम्बर को, बड़ामलहरा में 26 सितम्बर को एवं लवकुषनगर में 27 सितम्बर को षिविर का आयोजन होगा।
रामलीला को आधुनिक बनाने के लिए मंचन से पहले मंथन जरूरी: पज्जन भैया
छतरपुर। 64 वर्षों से सफलतापूर्वक चलती आ रही मां अन्नपूर्णा रामलीला समिति का बुधवार को मुकुट पूजन एवं नारद मोह की लीला से शुभारंभ हुआ। जिसमें क्षेत्रीय विधायक श्रीमती ललिता यादव मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं एवं समाजसेवी एवं कांग्रेस नेता आलोक चतुर्वेदी पज्जन भैया ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की।इस मौके पर रामलीला समिति के पदाधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। मीडिया प्रभारी सोनू तिवारी ने बताया कि बुधवार को शुरू हुई लीला में सर्वप्रथम मुकुट पूजन के साथ लीला का शुभारंभ किया गया। जिसमें विधायक श्रीमती ललिता यादव एवं आलोक चतुर्वेदी पज्जन भैया ने विधि-विधान से मुकुट पूजन किया। इस मौके पर नगर के समाजसेवी श्री चतुर्वेदी ने कहा कि आज के आधुनिक युग में रामलीला का मंचन करने से पूर्व मंथन करने की आवश्यकता है जिससे कि हम आज के युवाजनों को फिर से रामलीला की ओर आकर्षित कर श्रीराम के आदर्शों पर चलकर अपनी सनातन परंपरा को अक्षुण्य बनाए रखें। उन्होंने कहा कि जब वह बचपन में रामलीला देखने आते थे तो मां अन्नपूर्णा का मैदान लोगों से खचाखच भरा रहता था लेकिन अब ऐसा दृश्य लीला के प्रारंभ में कम ही दिखाई देता है। उन्होंने समिति से आग्रह किया कि वह ऐसी तकनीकी का उपयोग करें जिससे कि लीला का मंचन और आधुनिक हो सके एवं युवाजन इस कार्यक्रम को देखने के लिए भारी संख्या में उपस्थित रहें। उन्होंने मां अन्नपूर्णा रामलीला समिति को हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया एवं समिति के पदाधिकारियों से भी सहयोग की अपेक्षा की। इस मौके पर मुख्य अतिथि श्रीमती ललिता यादव ने कहा कि वे जनता की सेवक हैं और सेवक के रूप में समिति की प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से मदद करने के लिए हमेशा तैयार हैं। इस मौके समिति के संरक्षक जयनारायण अग्रवाल ने अतिथियों का स्वागत किया। समिति के अध्यक्ष दृगेंद्र देव सिंह ने सभी अतिथियों का आभार प्रदर्शन कर कहा कि वे हर वर्ष रामलीला के मंचन में नई तकनीक का प्रयोग करते हैं जैसे हनुमान जी को आकाश मार्ग में उड़ाने का दृश्य, रावण-जटायु युद्ध को भी वह आकर्षक रूप से प्रस्तुत करने का सार्थक प्रयास करते हैं। उन्होंने कहा कि इस वर्ष भी नई तकनीकी का उपयोग रामलीला के मंचन में किया जाएगा। उन्होंने उपस्थित अतिथियों से कहा कि उनका आर्शीवाद और सहयोग रहा तो यह रामलीला अपने पुराने रंग-रूप में आकर लोगों को आकर्षक मंचन को दिखाने में भी सफल रहेगी। कार्यक्रम का संचालन रामलीला के वरिष्ठ कलाकार और जनक का जीवंत अभिनय करने वाले संतोष ताम्रकार ने किया। नारद मोह की लीला में नारद का जीवंत अभिनय जय कुमार गुप्ता ने किया। नारद मोह की लीला ने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
रामलीला को आधुनिक बनाने के लिए मंचन से पहले मंथन जरूरी: पज्जन भैया
- मुकुट पूजन से से शुरू हुई रामलीला, नारद मोह ने दर्शकों का मन मोहा
छतरपुर। 64 वर्षों से सफलतापूर्वक चलती आ रही मां अन्नपूर्णा रामलीला समिति का बुधवार को मुकुट पूजन एवं नारद मोह की लीला से शुभारंभ हुआ। जिसमें क्षेत्रीय विधायक श्रीमती ललिता यादव मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं एवं समाजसेवी एवं कांग्रेस नेता आलोक चतुर्वेदी पज्जन भैया ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की।इस मौके पर रामलीला समिति के पदाधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। मीडिया प्रभारी सोनू तिवारी ने बताया कि बुधवार को शुरू हुई लीला में सर्वप्रथम मुकुट पूजन के साथ लीला का शुभारंभ किया गया। जिसमें विधायक श्रीमती ललिता यादव एवं आलोक चतुर्वेदी पज्जन भैया ने विधि-विधान से मुकुट पूजन किया। इस मौके पर नगर के समाजसेवी श्री चतुर्वेदी ने कहा कि आज के आधुनिक युग में रामलीला का मंचन करने से पूर्व मंथन करने की आवश्यकता है जिससे कि हम आज के युवाजनों को फिर से रामलीला की ओर आकर्षित कर श्रीराम के आदर्शों पर चलकर अपनी सनातन परंपरा को अक्षुण्य बनाए रखें। उन्होंने कहा कि जब वह बचपन में रामलीला देखने आते थे तो मां अन्नपूर्णा का मैदान लोगों से खचाखच भरा रहता था लेकिन अब ऐसा दृश्य लीला के प्रारंभ में कम ही दिखाई देता है। उन्होंने समिति से आग्रह किया कि वह ऐसी तकनीकी का उपयोग करें जिससे कि लीला का मंचन और आधुनिक हो सके एवं युवाजन इस कार्यक्रम को देखने के लिए भारी संख्या में उपस्थित रहें। उन्होंने मां अन्नपूर्णा रामलीला समिति को हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया एवं समिति के पदाधिकारियों से भी सहयोग की अपेक्षा की। इस मौके पर मुख्य अतिथि श्रीमती ललिता यादव ने कहा कि वे जनता की सेवक हैं और सेवक के रूप में समिति की प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से मदद करने के लिए हमेशा तैयार हैं। इस मौके समिति के संरक्षक जयनारायण अग्रवाल ने अतिथियों का स्वागत किया। समिति के अध्यक्ष दृगेंद्र देव सिंह ने सभी अतिथियों का आभार प्रदर्शन कर कहा कि वे हर वर्ष रामलीला के मंचन में नई तकनीक का प्रयोग करते हैं जैसे हनुमान जी को आकाश मार्ग में उड़ाने का दृश्य, रावण-जटायु युद्ध को भी वह आकर्षक रूप से प्रस्तुत करने का सार्थक प्रयास करते हैं। उन्होंने कहा कि इस वर्ष भी नई तकनीकी का उपयोग रामलीला के मंचन में किया जाएगा। उन्होंने उपस्थित अतिथियों से कहा कि उनका आर्शीवाद और सहयोग रहा तो यह रामलीला अपने पुराने रंग-रूप में आकर लोगों को आकर्षक मंचन को दिखाने में भी सफल रहेगी। कार्यक्रम का संचालन रामलीला के वरिष्ठ कलाकार और जनक का जीवंत अभिनय करने वाले संतोष ताम्रकार ने किया। नारद मोह की लीला में नारद का जीवंत अभिनय जय कुमार गुप्ता ने किया। नारद मोह की लीला ने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

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