गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) सीपीआईएल ने गुरुवार को उस व्हिसल ब्लोअर का नाम बताने से इंकार कर दिया, जिसके खुलासे के बाद केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) निदेशक रंजीत सिन्हा पर 2जी और कोयला ब्लॉक आवंटन घोटाले में आरोपियों को बचाने का कथित तौर पर आरोप लगाया गया है। सीपीआईएल ने गुरुवार को दाखिल अपने हलफनामे में कहा कि बीते 17 सितंबर को हुई बैठक के दौरान प्रबंधक मंडल ने तय किया है कि वह उस व्हिसल ब्लोअर के नाम का खुलासा नहीं करेगा, जिसने 2जी और कोयला ब्लॉक आवंटन घोटाला मामले की जांच में सीबीआई निदेशक के कथित हस्तक्षेप पर से पर्दा उठाया।
सर्वोच्च न्यायालय ने 15 सितंबर को एनजीओ को आदेश दिया था कि वह अदालत को उस व्हिसल ब्लोअर का नाम बताए, जिसने उसे सीबीआई निदेशक के घर का आगंतुक रजिस्टर उपलब्ध कराया था, जिसके आधार पर उसने सीबीआई निदेशक पर घोटाले के आरोपियों को बचाने का आरोप लगाया है।

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