निशंक ने उत्तराखण्ड की सडक़ों की खस्ता हालत पर गडकरी से की भेंट
देहरादून,19 सितम्बर (निस)। केन्द्रीय सडक़ एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि उत्तराखंड में सडक़ों की हालत को सुधारने केे लिए युद्व स्तर पर कार्य किया जाएगा। केन्द्रीय मंत्री ने यह आश्वासन हरिद्वार के सांसद डा. रमेश पोखरियाल निशंक को राज्य में सडक़ों की स्थिति को सुधारने केे लिए की गयी भेंट वार्ता के दौरान दिया। डा. निशंक ने केन्द्रीय परिवहन मंत्री को अवगत कराया कि हरिद्वार संसदीय क्षेत्र के अन्तर्गत एनएच 72 क मिी. 33 से 34 में डाट देवी मंदिर के समीप 2-लेन (टनल) के निर्माण की डी.पी.आर मुख्य अभियंता राष्ट्रीय राजमार्ग, लोनिवि.द्वारा 18 सितंबर भेजी गयी है। सडक़ परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की वार्षिक योजना 2014-15 में इस कार्य का प्राविधान है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 72 उत्तरप्रदेश एवं उत्तराखंड की राजधानी देहरादून को जोड़ता है, जो 1 से 2 लेन तक चैड़ा है। इस राष्ट्रीय राजमार्ग के कि.मी. 33 में डाट की देवी मंदिर के समीप पुरानी ब्रिटिश काल की एक लेन चैड़ी घुमावदार टनल है। उत्तराखंड राज्य की मूलभूत आवश्यकताओं की आपूर्ति एवं विकास की दृष्टि से बड़-बड़ मल्टी एक्सल वाहनों का भी आवागमन इस मार्ग पर टनल से होता है। बड़-बड़े वाहनों के आवागमन एवं वाहनों की संख्या अधिक होने पर इस सिंगल लेन घुमावदार टनल पर यातायात अवरूद्ध हो जाता है। कभी-कभी पूरे 24 घंटे तक भी यातायात व्यवस्थित नहीं हो पाता है। ऐसी स्थिति में उत्तराखंड के विकास हेतु इस स्थान पर 2-लेन चैड़ी टनल सीधे संरेखण में निर्मित होना आवश्यक है। उन्होंने सुरंग के निर्माण हेतु प्रेषित डी.पी.आर. पर स्वीकृति देने की मांग की। डा. निशंक ने कहा कि केन्द्रीय मंत्री ने सडक़ों की स्थिति को गंभीरता से लिया और कहा कि राज्य में सडक़ों की हालत को सुधारने के लिए शीघ्र युद्व स्तर पर कार्य शुरू किया जाएगा।
केदार आपदा में मरने वालों को श्रद्धांजलि दी, केदारनाथ मंदिर में एक विशाल आकृति वाला त्रिशूल भेंट
देहरादून,19 सितम्बर (निस)। विगत वर्ष 16-17 जून को केदारनाथ में आई आपदा के दौरान मारे गये लोगों की आत्मा की शांति और बाबा केदार के पुराने स्वरूप में आने के मन्नत को लेकर रतलाम मध्य प्रदेश से आया छह श्रद्धालुओं का दल केदारनाथ मंदिर में एक विशाल आकृति वाला त्रिशूल भेंट करेगा। श्रद्धालुओं ने बाबा केदारनाथ मंदिर के इस त्रिशूल को परम्परागत रूप से बनवाया है। त्रिशूल की खास पहचान यह है कि इस पर शेषनाग विराजमान हैं और त्रिशूल के ऊपरी हिस्से में तीन ओम बने हुए हैं। इसके साथ ही त्रिशूल पर महाकाल की प्रतिमा भी विद्यामान है। त्रिशूल पर बने ओमों और महाकाल की प्रतिमा के जरिये ही आपदा में मृत आत्माओं की शांति के लिये प्रार्थना की जाएगी। शुक्रवार प्रात: जिला मुख्यालय से केदारनाथ के लिये रवाना हुआ रतलाम मध्य प्रदेश से आया श्रद्धालुओं का दल शनिवार प्रात: बाबा केदारनाथ के दरबार में त्रिशूल को भेंट करेगा। शिव भक्त बलवीर सिंह पंवार ने विशेष आकृति वाले इस त्रिशूल का निर्माण करवाया है। इससे पूपर्व त्रिशूल की उज्जैन के महाकाल में पूजा-अर्चना की गई। जिसके बाद त्रिशूल का हरिद्वार में गंगा स्नान करवाया गया। साथ ही त्रिशूल की बद्रीनाथ धाम में भी पूजा-अर्चना की गई। त्रिशूल का निर्माण विशेष तौर पर केदारनाथ के पुराने स्वरूप में आने और केदारनाथ में आई आपदा के दौरान मारे-गये देश विदेश के श्रद्धालुओं की आत्मा की शांति के लिये किया गया है। परम्परागत रूप से बनाया गये इस त्रिशूल के ऊपरी हिस्से में तीन ओम बनाये गये हैं। जबकि त्रिशूल पर शेषनाग के साथ ही महाकाल की प्रतिमा विराजमान है। पीतल से बने इस त्रिशूल को देखने के लिये जगह-जगह लोगों की भीड़ भी जुट रही है। दल का नेतृत्व कर रहे शिवभक्त बलवीर सिंह पंवार का कहना है कि त्रिशूल को बाबा केदारनाथ को भेंट करके केदारपुरी के पुराने स्वरूप में आने और केदारनाथ आपदा में मारे गये लोगों की आत्मा की शांति के लिये बाबा केदारनाथ से प्रार्थना की जाएगी। उन्होंने कहा कि आपदा के दौरान केदारनाथ यात्रा पर आये देश-विदेश के हजारों श्रद्धालुओं की मृत्यु हो गई थी। मृतक श्रद्धालुओं की आत्मा को शांति देने के लिये बाबा केदारनाथ के मंदिर के लिये इस विशेष आकृति वाले त्रिशूल का निर्माण किया गया है। शनिवार प्रात: बाबा के दरबार में त्रिशूल भेंट किया जाएगा और केदारनाथ में मृतक आत्माओं की शांति के लिये विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी।
जैव विविधता हा्रस से आयेगी कीट परागण में कमी
देहरादून,19 सितम्बर (निस)। हिमालय के वनों की पर्यावरणीय सेंवाये, जैव विविधता एवं कीट परागण की कृषि तंत्र के सत्त विकास हेतु महत्व पर शोध परियोजना की समीक्षा हेतु पाॅडिचेरी विवि की प्रोफेसर प्रिया दाविदार एवं अर्थवाच संस्थान के डा. प्रदीप मेहता ने इस परियोजना के मुख्य अंवेषक डा. पीताम्बर ध्यानी व परियोजना के सहायक अन्वेषकों की चार सदस्यीय दल के साथ गोविंद वल्लभ पंत हिमालयन पर्यावरण संस्थान अल्मोड़ा में दो दिवसीय समीक्षा की। प्रथम दिवस में विभिन्न शोधकर्ता वैज्ञानिकों द्वारा इस परियोजना के अन्र्तगत कुल्लू हिमाचल के व्यास नदी घाटी, अल्मोड़ा के खुलगाड़ शीतलाखेत जलागम एवं सिक्किम के मामले जलागम में किये गये शोधकार्य की प्रस्तुति की गयी। इन प्रस्तुतियों में वनों पर मानव जनित जैविक दबाव से उत्पन्न हो रहे जैव विविधता हा्रस एवं पुष्प धारण करने वाले पौधों की संख्या में कमी को परागण कीटों एवं मधुमक्खियों हेतु हानिकारक बताया गया। वैज्ञानिकों के शोध कार्य से स्पष्ट हुआ कि इसका प्रत्यक्ष असर कुल्लू हिमाचल में सेब एवं सिक्किम में बड़ी ईलायची के उत्पादन पर पड़ता है। अतः इस समीक्षा बैठक से यह निष्कर्ष निकला कि वनों एवं कृषि भूमि के आस पास यदि पुष्प धारण करने वाले वृक्षों एवं अन्य प्रजातियों में कमी आती है तो इसका निष्चित रूप से असर कीट परागण एवं कृषि फसलों एवं फलों की पैदावार पर पड़ता है। अतः वनों में पुष्प धारण करने वाले वृक्षों एवं पौधों के साथ ही खेतो के आस-पास बंजर भूमि में पुष्प धारण करने वाले वृक्षों का रोपण करना आवष्यक है। समीक्षा कार्यक्रम के द्वितीय दिन अर्थवाच संस्थान के विषेषज्ञों ने अल्मोड़ा के खुलगाड़ जलागम में शीतलाखेत, स्याहीदेवी, सल्ला रौतेला, धारी इत्यादि स्थलों का भ्रमण किया जहाॅ उक्त परियोजना के अन्र्तगत पर्यावरण संस्थान द्वारा विभिन्न अध्ययन किये जा रहें है।
देसंविवि में चतुर्थ अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव 2 से, कई देशों के योग प्रशिक्षु होंगे सम्मिलित
देहरादून,19 सितम्बर (निस)। देवभूमि उत्तराखंड स्थित देवसंस्कृति विवि, हरिद्वार ने अपनी अल्प आयु में योग के क्षेत्र में उल्लेखनीय ख्याति अर्जित की है। प्राचीन गुरुकुल परंपरा का निर्वहन करते हुए देसंविवि ने अब तक तीन अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव को आशातीत सफलता के साथ संपन्न कराया है। देवभूमि उत्तराखंड में आगामी 2 अक्टूबर से आयोजित होने वाले इस महोत्सव में प्रतिभागी, ऋषि, संस्कृति व अध्यात्म को लेकर एक समग्र आयोजन के साक्षी बनेंगे। देवसंस्कृति विवि के प्रतिकुलपति डॉ0 चिन्मय पण्ड्या के अनुसार 2 से 6 अक्टूबर तक होने वाले चतुर्थ अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव में करीब बीस देशों के प्रतिनिधियों के अलावा देश भर से योग के अनेक प्रशिक्षु व जिज्ञासु भाग लेने आ रहे हैं। डॉ चिन्मय के अनुसार 02 अक्टू को देसंविवि के कुलाधिपति डॉ प्रणव पण्ड्या की गरिमामयी उपस्थिति में इस योग महोत्सव का शुभारंभ होगा। इसके अतिरिक्त इस समारोह में लाटविया एवं चेक रिपब्लिक के राजदूतों, अमेरिका के प्रसिद्ध पैट्रिक मैक्कुलम डॉ. बॉब राइट व पूर्व सीबीआई निदेशक कार्तिकेयन भी उपस्थित रहेंगे। उन्होंने कहा कि इस योग महोत्सव की विशेषता यह है कि आज योग महोत्सवों में केवल योग को ही महत्त्व दिया जाता रहा है, किन्तु देसंविवि ने एक नये आयाम प्रस्तुत किया है, जिसमें योग, अध्यात्म, संस्कृति का अद्भुत समन्वय देखने को मिलता है। प्रतिकुलपति के अनुसार इस फेस्टिवल में एक ओर जहाँ योग गुरु व आध्यात्मिक मार्गदर्शक प्रतिभागियों का मार्गदर्शन करेंगे, वहीं विविध देशों से आये कलाकार अपनी सांस्कृतिक छटाएँ बिखरेंगे। डॉ चिन्मय ने बताया कि इस वर्ष दो अक्टूबर को जहाँ एक ओर शक्ति की उपासना का पर्व चल रहा होगा, वहीं विश्व भर के योग जिज्ञासु कुलपिता पं0 श्रीराम शर्मा आचार्य जी की साधना, उपासना व आराधना की विचारधाराओं से रुबरू होंगे। इस आयोजन में इटली के भाई हरिसिंह खालसा, लाटविया से प्रो0 सिग्मा एवं प्रो0 पिराग, नार्वे से प्रो0 मोस्ताद के अलावा अनेक देशों के गणमान्यों ने आयोजन में सम्मिलित होने की अनुशंसा कर दी है।
दमुंआढूगा क्षेत्र नगर निगम हल्द्वानी काठगोदाम में शामिल
देहरादून,19 सितम्बर (निस)। वित्तमंत्री डा0 श्रीमती इन्दिरा हृदयेश के प्रयासो से दमुंआढूगा क्षेत्र को नगर निगम हल्द्वानी काठगोदाम में शामिल किये जाने का शासनादेश सचिव शहरीय विकास डीएस गब्र्याल के स्तर से जारी कर दिया गया है। इस शासनादेश के निर्गत होने से दमुआंढूगा क्षेत्र वासियो में खुशी की लहर है। इस बावत क्षेत्र वासियो ने डा0. हृदयेश का आभार व्यक्त किया है। गौरतलब है कि इससे पूर्व दमुआंढूगा क्षेत्र विकास खण्ड हल्द्वानी में शामिल था। वित्तमंत्री डा0 हृदयेश ने कहा है कि इस पिछडे इलाके के नगर निगम क्षेत्र मंे शामिल हो जाने से विकास तेजी से होगा। दमुआंढूगा क्षेत्र के साथ ही जवाहर ज्योति वार्ड मंे राशन कार्डो, आधार कार्डो को बनाने, जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र, वृद्धावस्था, विकलांग, विधवा पेंशन व अन्य जनकल्याणकारी योजनाओ के विशेष शिविर आयोजित किये जायेगे। उन्होने कहा कि दमुआंढूगा क्षेत्र मंे पेयजल की समस्या को दूर करने के लिए नलकूपो का निर्माण किया जा रहा है साथ ही क्षतिग्रस्त पेयजल लाईनो के बदलने के साथ ही विद्युत व्यवस्था में वोल्टेज सुधार किये जाने के लिए आधिकारियो को आदेशित किया जा चुका है। उन्होने बताया कि मुख्य नगर अधिकारी नगर निगम को क्षेंत्र के विकास के लिए आदेश दे दिये गये है। दमुआंढूगा क्षेत्र सडको के मरम्मत निर्माण एवं अनुरक्षण के लिए लगभग 10 करोड की धनराशि निर्गत की जा चुकी है।
बैंकिंग लोकपाल से करें बैंकों की शिकायत, शिकायत मिलने के दो माह में निस्तारित करेगा बैंकिंग लोकपाल
देहरादून,19 सितम्बर (निस)। यदि किसी ग्राहक को बैंक से कोई शिकायत है और शिकायत करने की तिथि से एक माह की अवधि के भीतर कोई उत्तर बैंक से नहीं मिलता है या प्राप्त उत्तर से शिकायतकर्ता संतुष्ट नहीं है तो वह अपनी शिकायत बैंकिंग लोकपाल कार्यालय को कर सकता है। बैंकिंग लोकपाल कार्यालय द्वारा दो महीने के भीतर शिकायत का निस्तारण किया जाएगा। राजपुर रोड स्थित एक होटल में आयोजित पत्रकार वार्ता बैंकिंग लोकपाल एके नस्कर ने कहा कि यदि बैंकिंग लोकपाल योजना वाणिज्यिक बैंकों, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों और अनुसूचित प्राथमिक सहकारी बैंकों द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं में कमी से पीडि़त ग्राहकों की समस्याओं का निवारण कर एक दु्रत एवं खर्चरहित उपयोगी सेवा प्रदान कर रही है। बैंकिंग लोकपाल के तहत ग्राहकों की शिकायतों को हल करने की प्राथमिक जिम्मेदारी बैंक की होती है, इसलिए शिकायतकर्ताओं को सबसे पहले संबंधित बैंक को एक लिखित शिकायत करना चाहिए। शिकायतकर्ता को संबंधित बैंक से शिकायत करने की तिथि से एक माह की अवधि के भीतर यदि कोई उत्तर नहीं मिलता या प्राप्त उत्तर से शिकायतकर्ता संतुष्ट नहीं है तो वह अपनी शिकायत बैंकिंग लोकपाल कार्यालय को कर सकता है। उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड का बैंकिंग लोकपाल कार्यालय कानपुर में है। बैंकिंग लोकपाल कार्यालय द्वारा दो महीने के भीतर शिकायत का निस्तारण किया जाएगा। बैंकिंग लोकपाल योजना के तहत बैंकिंग लोकपाल के प्रत्येक कार्यालय को एक विशिष्ट क्षेत्र आमंत्रित किया गया है। बैंकिंग लोकपाल कार्यालय कानपुर को एक विशिष्ट क्षेत्र आवंटित किया गया है। बैंकिंग लोकपाल कार्यालय कानपुर के क्षेत्राधिकार में यूपी और उत्तराखंड शामिल हैं। बैंकिंग लोकपाल एके नस्कर ने बताया कि बैंकिंग लोकपाल कार्यालय कानपुर को जुलाई 2013 से जून 2014 तक 8389 शिकायतें यूपी और उत्तराखंड से प्राप्त हुईं, इनमें उत्तराखंड से 626 शिकायतें शामिल हैं। उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2012-13 में 469 शिकायतें प्राप्त हुईं और उनका निस्तारण किया गया। इस वर्ष विगत वर्ष की अपेक्षा 33.47 प्रतिशत प्रतिशत अधिक शिकायतें प्राप्त हुईं। ज्यादातर शिकायतें पेंशन भुगतान, कार्ड, जमा खातों, प्रेषण, बिना किसी पूर्व सूचना के खातों में प्रभार का लगाया जाना, मृतकों के मामलों के भुगतान और ऋण व अग्रिम आदि दावों के निपटान से संबंधित होती हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड से बैंकिंग लोकपाल को कम शिकायतें प्राप्त होने के कारण बैंकिंग लोकपाल योजना के बारे में जागरूकता की कमी और लोगों का दूरस्थ स्थानों पर निवास है। अधिकतर शिकायतें देहरादून, नैनीताल, हल्द्वानी और रूद्रपुर से प्राप्त हुईं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के लोगों को बैंकिंग लोकपाल योजना के बारे में जागरूक करने के उद्देश्य से लैंसडाउन, हवलबाग और रामगढ़ तल्ला में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं, आगे भी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। पत्रकार वार्ता में एसके तिवारी, बैंकिंग लोकपाल कार्यालय के सहायक प्रबंधक सत्यदेव आर्य भी मौजूद रहे।
क्राईम कंट्रोल के लिए उठाये जायेंगे कड़े कदमः डीजीपी
देहरादून,19 सितम्बर (निस)। पुलिस महानिदेशक बीएस सिद्धू ने कहा कि उत्तराखंड पुलिस को अत्याध्ुनिक उपकरणों से लैस किया जायेगा। क्राईम कंट्रोल के लिए पुलिस महकमे में ठोस कदम उठाये जायेंगे। डीजीपी सिद्धू रूद्रपुर पुलिस लाईन में पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे। उन्होने कहा कि कहा कि जब कोई क्षेत्र विकास में अग्रसर होता है तो निश्चित रूप से अपराध के आंकड़े बढ़ते हैं लेकिन पुलिस इन अपराधों का खुलासा करने के लिए कटिबद्ध रहे। उन्होंने कहा कि गतवर्षों की तुलना में पूरे राज्य में इस वर्ष अपराधों में कमी आयी है। नानकमत्ता में हुए दोहरे हत्याकांड के सवाल पर डीजीपी सिद्धू ने कहा कि पुलिस के लिए शवों की शिनाख्त करना टेढ़ी खीर था क्योंकि हत्यारों ने जिस निर्ममता से युवक युवती की हत्या की थी उसके चलते शिनाख्त होना बेहद कठिन कार्य था। लेकिन पुलिस ने शवों की शिनाख्त कर ली है और इस मामले का जल्द पटाक्षेप हो जायेगा। उन्होंने कहा कि पुलिस को अत्याधुनिक बनाने के लिए साधन उपलब्ध कराये जायेंगे। थानों के उच्चीकरण को लेकर उन्होंने कहा कि इस मामले में मुख्यमंत्री से वार्ता हो चुकी है और जल्द ही कुछ चैकियों को थानों में तब्दील किया जायेगा और कुछ थानों का उच्चीकरण कराया जायेगा। उन्होंने कहा कि 4-5 माह के भीतर उधमसिंहनगर में सीपीओ फोर्स तैनात कर दी जायेगी। एक सवाल के जबाव में डीजीपी ने कहा कि पुलिस विभाग का यह प्रयास रहेगा कि जवानों से फायरिंग प्रैक्टिस हर साल करायी जाये ताकि हथियारों को जंग न लगे। उन्होंने कहा कि 3 साल में होने वाली फायरिंग प्रैक्टिस के चलते कई हथियार खराब हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस फोर्स को अत्याधुनिक बनाने के लिए एसपीजी के माध्यम से अत्याधुनिक ग्लाक पिस्टल मंगाई गई हैं। यह अत्याध्ुनिक पिस्टलें जनपद को भी उपलब्ध करायी गयी हैं। इस दौरान डीआईजी अनंतराम चैहान, एसएसपी रिद्धिम अग्रवाल, सीओ राजीव मोहन आदि मौजूद थे।
महाराज ने दी ब्रह्मलीन महंत अवैद्यनाथ को श्रद्धांजलि
देहरादून,19 सितम्बर (निस)। पूर्व केन्द्रीय मंत्री एवं भाजपा नेता सतपाल महाराज ने गोरखपुर पहुंच ब्रह्मलीन महंत अवैद्यनाथ जी को उनकी समाधि पर जा कर अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने बताया कि महंत अवैद्यनाथ जी पूर्व में सांसद भी रहे हैं और रामजन्म भूमि आंदोलन में अग्रणी रह कर हिन्दूओं को जागृत किया। भाजपा नेता श्री महाराज ने कहा कि अब गोरक्षपीठ के पीठाधीष्वर के रूप में योगी आदित्यनाथ जी का राजतिलक होने के बाद उनके महन्त बनने पर उन्होंने उन्हें षुभकामनाएं दी और आषा प्रकट की कि जो ब्रह्मलीन महन्त अवैद्यनाथ जी ने धर्म रक्षा, हिन्दू जागृति, मानवता, सद्भावना एवं राश्ट्रभक्ति की भावना बलवती करने के लिए जो कार्य किये महन्त आदित्यनाथ जी उसी मार्ग का अनुसरण करेंगे।
14 वर्षों में भी नहीं बन पाया मोटर मार्ग
देहरादून,19 सितम्बर (निस)। देहरादून जनपद अंतर्गत कोठा बैंड-धोइरालानी मोटर मार्ग का निर्माण कार्य पिछले चैदह वर्षों से अधर में लटका हुआ है। मोटर मार्ग का निर्माण कार्य पूर्ण न होने से क्षेत्र के लोगों को कई किमी की पैदल दूरी तय करनी पड़ रही है। मोटर मार्ग अधूरा पड़े होने से क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों में रोष व्याप्त है, जनप्रतिनिधियों ने पीएमजीएसवाई के अधिशासी अभियंता को पत्र भेजकर निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण कराए जाने की मांग की है। कोठा बैंड-धोइरालानी मोटर मार्ग का निर्माण कार्य सन 1998-99 में शुरू किया गया था। अट््ठारह किलोमीटर लंबा यह मोटर मार्ग आधी-अधूरी हालत में पड़ा हुआ है। कुछ हिस्से में अभी तक सड़क का कटिंग कार्य ही पूर्ण नहीं हो पाया है। पहले यह मार्ग लोक निर्माण विभाग साहिया खंड के अधीन था, जो कि अब प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के अधीन है। सड़क का निर्माण कार्य बंद पड़ा हुआ है। इस मार्ग से कोठा, तारली, कनबुआ, पंजिया, अलसी, सकनी, लुवांटा, कैनोटा, बनसार, थुरऊ, दुधोऊ, ककाड़ी, निछिया, सैरी आदि गांव जुड़े हुए हैं। सड़क का निर्माण कार्य अधूरा पड़ा होने से इन गांवों के लोगों को पांच से दस किमी की पैदल दूरी तय कर मुख्य मार्ग तक पहुंचना होता है। ग्रामीणों का काफी समय आने-जाने में ही बर्बाद हो जाता है, जिस कारण उनके अन्य कार्य प्रभावित होते हैं। नगदी फसलों को पीठ पर ढोकर सड़क तक पहुंचाना पड़ता है। बीमार लोगों को चारपाई पर उठाकर लाना पड़ता है, कई बार समय पर चिकित्सा सुविधा न मिलने पर मरीज की रास्ते में ही मौत भी हो जाती है। ग्रामीण विभाग से लंबे समय से सड़क का निर्माण कार्य पूर्ण करने की मांग कर रहे हैं लेकिन विभाग ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। विभाग की अनदेखी से ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता सूरत सिंह, स्वराज सिंह, मेहर सिंह आदि ने पीएमजीएसवाई के अधिशासी अभियंता को पत्र भेजकर सड़क का अधूरा पड़ा निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण कराए जाने की मांग की है। उन्होंने ने चेतावनी दी है कि यदि विभाग जागता नहीं है तो विभागीय अधिकारियों को क्षेत्र में घुसने नहीं दिया जाएगा।
सीएम अगले सप्ताह भी करेंगे समीक्षा
देहरादून,19 सितम्बर (निस)। मुख्यमंत्री के मीडिया प्रभारी सुरेन्द्र कुमार ने बताया है कि मुख्यमंत्री हरीश रावत द्वारा विभिन्न विधान सभा क्षेत्रों के विकास कार्यों की समीक्षा की जा रही है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री श्री रावत अगले सप्ताह भी अन्य विधान सभा क्षेत्रों के विकास कार्यों की समीक्षा करेंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री रावत के पूर्व निर्धारित कार्यक्रम निरस्त रहेंगे। जिनमें जनता मिलन कार्यक्रम सहित अन्य पूर्व निर्धारित कार्यक्रम भी शामिल है। मुख्यमंत्री श्री रावत विधान सभा क्षेत्रों के विकास कार्यों की समीक्षा के अलावा अन्य विकास योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा करेंगे।
बगड़ती कानून व्यवस्था पर घर पर घेरा गृहमंत्री को
- भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने कहा अपराध रोकने में नाकाम साबित हो रही पुलिस
देहरादून,19 सितम्बर (निस)। भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने राजधानी देहरादून और प्रदेश की बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर सूबे के गृहमंत्री प्रीतम सिंह के निवास पर प्रदर्शन कर उनका घेराव किया। प्रदर्शनकारी भाजयुमो कार्यकर्ताओं का कहना था कि लूट, डकैती, चोरी, बलात्कार व चेन स्नैचिंग की घटनायें लगातार बढ़ती जा रही हैं और पुलिस अपराधियों को पकड़ने में नाकाम साबित हो रही है। भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ता शुक्रवार को प्रदेश अध्यक्ष सौरभ थपलियाल के नेतृत्व में गांधी रोड स्थित प्रदेश के गृहमंत्री प्रीतम सिंह के निवास पर पहंुचे और बढ़ते अपराधों को लेकर प्रदर्शन करते हुए उनका घेराव किया। भाजयुमो कार्यकर्ताओं का कहना था कि प्रदेश में अपराधों का ग्राफ लगातार बढ़ता जा रहा है, पुलिस बढ़ते अपराधों पर अंकुश नहीं लगा पा रही है। राजधानी में लूट, डकैती, चोरी, बलात्कार व चेन स्नैचिंग की घटनायें बढ़ती जा रही हैं, पुलिस अपराधियों को पकड़ने में नाकाम साबित हो रही है। पुलिस की नाकामी के चलते अपराधियों के हौंसले बुलंद हैं। भाजयुमो कार्यकर्ताओं का कहना था कि बालावाला में सहायक कृषि अधिकारी के घर हुई डकैती व हत्या की वारदात का खुलासा 10 दिन बाद भी पुलिस नही कर सकी है। इस घटना में मुख्यमंत्री हरीश रावत ने भी पुलिस को 36 घंटे का समय दिया था, उसमें भी पुलिस असफल रही है। स्थानीय जनता द्वारा सात दिन की मोहलत दिये जाने के बावजूद आज तक घटना का एक भी आरोपी पुलिस के हाथ नहीं आया है। पुलिस की नाकामी से जनता में असुरक्षा की भावना भी बढ़ती जा रही है। कई घटनाओ के आरोपी अभी तक पुलिस की पकड़ में नही आ पाये है, जिससे जनता में असुरक्षा व भय का वातावरण बना हुआ है यही हालात पूरे प्रदेश के अन्य जिलो के भी बने हुए हैं। प्रदेश अध्यक्ष सौरभ थपलियाल ने कहा कि प्रदेश में अपराधियों के हौंसले इस कदर बुलंद हो रखें है कि वे पुलिस की नाक के नीचे एक के बाद एक बड़ी वारदातों को अंजाम देने से भी पीछे नही हट रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की कानून व्यवस्था को दुरूस्त करने के लिये ठोस कदम उठाये जायें अन्यथा संगठन सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेगा।
निडर होकर केदारनाथ यात्रा पर आएं श्रद्वालुः हंसदेवाचार्य
देहरादून,19 सितम्बर (निस)। केदारनाथ त्रासदी से उभरने में निश्चित रूप से लंबा समय लगेगा, लेकिन त्रासदी के बाद सरकार ने जिस तत्परता के साथ पुनः व्यवस्थाओं को पटरी पर लाने का कार्य किया है, वह निश्चित रूप से काबिलेतारीफ। अब यात्रा को सुरक्षित समझा जा सकता है और देश-विदेश के श्रद्वालुओं को आपदा के डरावनी तरस्वीर को अपने मन-मसतिस्क से पूरी तरह हटाकर वहीं पुराने उत्साह और आस्था के साथ बाबा के दरबार में पहुंच सकते हैं। यह बात आखिर भारतीय संत समिति के निर्देशक जगद्गुरू स्वामी हंसदेवाचार्य महाराज ने जिला मुख्यालय में पत्रकारों से मुखातिब होते हुए कही। भगवान बद्रीनाथ व केदारनाथ का हवाई दौरा करने के बाद पत्रकारों से वार्ता करते हुए जगद्गुरू स्वामी हंसदेवाचार्य महाराज ने कहा कि केदारनाथ की त्रासदी भयावह थी, जिसकी भरपाई कई वर्षों तक नहीं हो सकती है, लेकिन धीरे-धीरे जिस तरह धामों पुनः रौनक लौट रही है, वह सरकार बेहतर प्रयास है। उन्होंने कहा कि वह केदारनाथ में गए और भोले बाबा के दर्शन किए। धाम में अब खाने, रहने के साथ ही जो पैदल मार्ग है, वह सुगम हो गया है और यात्री अब पूरी तरह निर्भर होकर भोले बाबा के दरबार में जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि उनका मकसद भोले बाबा के दर्शन करने के साथ ही देश-विदेश के श्रद्वालुओं को यह संदेश देना है कि अब केदारनाथ की यात्रा सुगम हो चुकी है और पूरे उत्साह के साथ लोग बाबा के दर्शनों के लिए पहुंच सकते हैं। जगद्गुरू स्वामी हंसदेवाचार्य महाराज ने कहा कि प्रदेश की मौजूदा सरकार ने कम समय में बेहतर तरीके से व्यवस्थाओं को जुटाने का कार्य किया है, जो निश्चित रूप से काबिले तारीफ है। कहा कि पहाड़ी में स्थिति बेहद विकट होती हैं और यहां आसानी से कोई भी कार्य नहीं किया जा सकता है, लेकिन भयावह आपदा आने के बाद जिस तरह सड़कों, पुलों व खासकर केदारनाथ यात्रा को पुनः पटरी पर लाने के लिए सरकार ने प्रयास किया, उससे यह आस और उम्मीद जगी है कि जल्द ही यात्रा अपने पुराने ढर्रे पर लौटेगी। उन्होंने केंद्र सरकार की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री को राज्य की स्थिति के बारे में गंभीरता से सोचना चाहिए था, यदि केन्द्र से और अधिक बेहतर सहयोग मिलता तो, अब तक हालत और अधिक सुधरते, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। कहा कि केन्द्र सरकार से जो उपेक्षा थी, उसके अनुसार सहयोग नहीं मिल पाया है, जिससे कहीं न कहीं हालतों को सुधारने में समय लगा। इस अवसर पर महामण्डलेश्वर हरिचेतनानंद जी महाराज ने कहा कि आपदा से इतनी जन-धन की हानि हुई है, जिसको आने वाले एक दशक में भी पूरा नहीं किया जा सकता है, लेकिन बात एक साल की है और इस दौरान सरकार, एनजीओ द्वारा जिस सक्रियता से कार्य किया गया, वह प्रशंसनीय है और इसमें कदापि सरकार को दोष नहीं दिया जा सकता है। उन्होंने कहा कि मीडिया, सत्ता व सरकार के बीच बेहतर सामंजस्य से ही इतनी बड़ी आपदा से उभर जा सकता है। पहाड़ में चुनौतियां अधिक हैं और संसाधन कम इसके बाद भी आज केदारनाथ यात्रा धीरे-धीरे पटरी पर लौट रही है और श्रद्वालु पुनः बेहतर संख्या में बाबा के दर्शनों के लिए पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब श्रद्वालु यहां पहुंचेगे तभी यहां की अर्थ व्यवस्था पटरी पर लौटेगी और पुनः व्यवस्थाएं ढर्रे पर आएंगी। इस अवसर पर महामण्डलेश्वर धर्मदेव महाराज भी उपस्थित थे।

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