उत्कृष्ट सड़क का कार्य तेजी से पूर्ण कराने के निर्देश
कलेक्टर श्री व्ही. किरण गोपाल ने नगर पालिका बालाघाट के मुख्य नगर पालिका अधिकारी को निर्देशित किया है कि वे बालाघाट नगर में बनायी जा रही उत्कृष्ट सड़क के निर्माण कार्य में तेजी लायें और और उसका निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण करायें। आज सोमवार को आयोजित टी.एल. बैठक में कलेक्टर ने उत्कृष्ट सड़क के अधूरे निर्माण कार्य एवं कार्य की सुस्त गति से आम जनता को हो रही परेशानी पर नाराजगी व्यक्त की । उन्होंने आम्बेडकर चौक पर नाली निर्माण के बाद अब तक सड़क का समतलीकरण नहीं किये जाने पर नगर पालिका अधिकारी को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि नगर पालिका की लापरवाही के कारण जनता का जीवन खतरे में नहीं डाला जा सकता है। उन्होंने सी.एम.ओ. श्री परिहार से सख्त लहजे में कहा कि उत्कृष्ट सड़क निर्माण का कार्य तेजी से पूर्ण करायें। ठेकदार को राशि देने के बाद भी उसके द्वारा कार्य नहीं किया जा रहा है तो उसके विरूध्द तत्काल कार्यवाही करें।
धान खरीदी के लिए पंजीयन कराने वाले किसानों का 17 अक्टूबर तक सत्यापन करने के निर्देश
कलेक्टर श्री व्ही. किरण गोपाल ने बालाघाट, वारासिवनी, बैहर, कटंगी एवं लांजी के एस.डी.एम. को निर्देशित किया है कि वे अपने क्षेत्र के समर्थन मूल्य पर धान की बिक्री के लिए पंजीयन कराने वाले किसानों का पटवारियों के द्वारा 17 अक्टूबर तक सत्यापन करायें। पंजीकृत किसानों की सूची सहकारी समितियों से प्राप्त कर पटवारियों से उनके धान के रकबे का सत्यापन कराने कहा गया है। समर्थन मूल्य पर धान की विक्री के लिए जिले के एक लाख 20 हजार किसानों का पंजीयन किया गया है। जिन किसानों द्वारा पंजीयन कराया गया है उनके द्वारा लगाये गये धान के रकबे का संबंधित हल्के के पटवारी द्वारा 17 अक्टूबर 2014 तक सत्यापन किया जाना है। उल्लेखनीय है कि जिले के 154 केन्द्रों पर आगामी 03 नवम्बर से केवल पंजीकृत किसानों से ही समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी की जायेगी।
18 से 20 अक्टूबर तक हाथकरघा वस्त्रों की प्रदर्शनी का आयोजन
बुनकरों को रोजगार के नये अवसर उपलब्ध कराने तथा उनके द्वारा तैयार वस्त्रों के लिए बाजार उपलब्ध कराने के मकसद से हाथकरघा विभाग के तत्वावधान में आगामी 18 से 20 अक्टूबर 2014 तक बालाघाट में हाथकरघा वस्त्रों की प्रदर्शनी दीपोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। सहायक संचालक हाथकरघा श्री आर.के. बासल ने इस संबंध में बताया कि बुनकरों को बाजार की मांग से परिचित कराने एवं उनके द्वारा तैयार वस्त्रों के लिए बाजार उपलब्ध कराने हाथकरघा विभाग द्वारा समय समय पर बनुकरों द्वारा वस्त्रों की प्रदर्शनी लगाई जाती है। इसी कड़ी में आगामी 18 से 20 अक्टबूर 2014 तक भटेरा रोड बालाघाट स्थित होटल शीतल पैलेस में हाथकरघा वस्त्रों की प्रदर्शनी दीपोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। तीन दिन की यह प्रदर्शनी दोपहर 12 बजे से रात्री 8 बजे तक खुली रहेगी। इस प्रदर्शनी में टसर साड़िया, मलबरी व बाघ प्रिंट की साड़ियां, काटन की साड़ियां, काटन एवं टसर ड्रेस मटेरियल, टावेल, रूमाल, चादर, होम फर्नीशिंग के वस्त्र आदि विक्रय के लिए उपलब्ध रहेंगें। आम जनता से अपील की गई है कि वे बालाघाट शहर में लगने वाली इस प्रदर्शनी का अधिक से अधिक संख्या में आकर लाभ उठायें।
आंगनवाड़ी कार्र्यकत्ता की अनंतिम चयन सूची जारी
एकीकृत बाल विकास परियोजना खैरलांजी द्वारा ग्राम डोंगरिया के आंगनवाड़ी केन्द्र में रिक्त कार्र्यकत्ता के पद की पूर्ति के लिए आवेदक महिलाओं की वरियता क्रम के अनुसार अनंतिम चयन सूची जारी कर दी गई है। ग्राम डोंगरिया के इस आंगनवाड़ी केन्द्र में कार्र्यकत्ता के लिए श्रीमती अनिता ढोमने को प्रथम, कुमारी प्रतिभा राणा को द्वितीय तथा कुमारी रीना शेंडे को तृतीय वरियता प्रदान की गई है। इस अनंतिम चयन सूची पर यदि किसी व्यक्ति को आपत्ति हो तो वह प्रमाण के साथ अपने दावे आपत्ति आगामी 16 अक्टूबर 2014 तक बाल विकास परियोजना कार्यालय खैरलांजी में प्रस्तुत कर सकता है। समय सीमा में प्राप्त होने वाले दावे आपत्तियों का निराकरण करने के बाद अंतिम चयन सूची जारी कर दी जायेगी।
जैविक खेती सीखने एवं देखने बगड़मारा पहुंच रहें है किसान, जियालाल रहांगडाले सीखा रहें है जैविक खेती के तरीके
म.प्र. शासन की महत्वाकांक्षी योजना कृषि महोत्सव के अंतर्गत जिले में 25 सितम्बर से कृषि जागरूकता कार्यक्रम चलाया जा रहा है। 20 अक्टूबर तक चलने वाले इस कृषि महोत्सव के अंतर्गत किसानों को प्रगतिशील किसानों के खेतों पर प्रशिक्षण के लिए भेजा रहा है। इसी कड़ी में जैविक खेती के तरीके सीखने एवं जैविक खेती को दखने के लिए हर दिन किसानों का दल ग्राम बगड़मारा के प्रगतिशील कृषक जियालाल रहांगडाले के खेतों पर पहुंच रहा है। जैविक कृषि को देखने एवं समझने के लिए गत दिवस रामपायली, करनूटोला, डोंगरगांव, चंदोरी, सिंगोड़ी, लालपुर, सिकन्द्रा, कोस्ते, मुरझड़ के किसानों का दल बगड़मारा में जियालाल रहांगडाले के खेत पर पहुंचा था। इसके पूर्व ग्राम नक्शी, मुंडसरा, परसवाड़ा, वारा, सारद, पानगांव, कोस्ते, बम्हनवाड़ा, मुर्री, मोहगांवखुर्द, खपराझरी के 40 किसानों का दल एवं बिरसा व बैहर विकासखंड के किसानों का दल कृषक जियालाल रहांगडाले की जैविक खेती को देख चुका है। जियालाल के खेत पर केवल बालाघाट जिले के ही किसान नहीं बल्कि पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ एवं उड़ीसा के किसान भी जैविक खेती देखने आते रहते है। भ्रमण के लिए आये किसानों को जियालाल रहांगडाले द्वारा जैविक खाद, केंचुआ खाद तैयार करना, जैविक कीटनाशक तैयार करने के बारे में बताया जाता है। जैविक खेती के लिए किसान को धैर्य रखना होता है। जैविक खेती से लाभ धीरे-धीरे मिलता है। धान की बजाय सब्जियों की खेती की जाये तो कम समय में अधिक मुनाफा कमाया जा सकता है। जियालाल स्वयं इस बात का जीता जागता उदाहरण है।
ग्रामीण युवाओं के लिए 14 अक्टूबर से प्रारंभ हो रहा है टू-व्हीलर सर्विसिंग का प्रशिक्षण
सेन्ट्रल बैंक आफ इंडिया द्वारा प्रवर्तित ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान बालाघाट द्वारा जिले के ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को विभिन्न रोजगारमूलक व्यवसायों का प्रशिक्षण देने की व्यवस्था की गई है। इसी कड़ी में इस संस्थान द्वारा 14 अक्टूबर 2014 से एक माह का टू-व्हीलर सर्विसिंग प्रशिक्षण प्रारंभ किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण नि:शुल्क है और 16 नवम्बर 2014 तक चलेगा। ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान बालाघाट के निदेशक श्री अजय बग्गा ने इस संबंध में बताया कि भारत सरकार द्वारा अग्रणी बैंकों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को प्रशिक्षण के लिए स्थापित इस संस्थान में 18 से 45 वर्ष आयु वर्ग के युवक-युवतियों को नि:शुल्क प्रशिक्षण दिया जायेगा। ग्रामीण युवाओं को यह प्रशिक्षण नि:शुल्क दिया जायेगा। इस प्रशिक्षण में ग्रामीण क्षेत्र के युवा शामिल हो सकते है। यह प्रशिक्षण केवल ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं के लिए है और पूरी तरह से नि:शुल्क है। इस प्रशिक्षण के लिए जाति का कोई बंधन नहीं है। गरीबी रेखा से नीचे के शिक्षित बेरोजगार युवाओं को प्रशिक्षण के लिए प्राथमिकता दी जायेगी। इस संस्थान द्वारा ग्रामीण युवाओं को प्रशिक्षण देने के बाद स्वरोजगार लगाने के लिए बैंक से ऋण एवं अन्य सहायता भी उपलब्ध कराई जायेगी। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए संस्थान के दूरभाष नं. 07632-241803 पर या संस्थान के निदेशक अजय बग्गा से मोबाईल नम्बर 8226003803 पर भी सम्पर्क कर सकते है।
धान फसल को सावरदेही (फौजी कीट) से बचाने किसानों को सलाह
धान की फसल लगभग तैयार होने की कगार पर है। कम अवधि की धान काटने की स्थिति में आ चुकी है लेकिन अधिक दिनों की अर्थात भारी धान की बालियां अभी निकल रहीं है। ऐसी स्थिति में धान की फसल पर सावरदेही जिसे फौजी कीट कहा जाता है का प्रकोप होने की संभावना अधिक रहती है। किसानों को इस स्थिति से निपटने के लिए कृषि विभाग द्वारा सलाह दी गई है। उप संचालक कृषि श्री जे.एस. गुर्जर ने बताया कि इस समय में धान की फसल पर सावरदेही कीट जिसे फौजी कीट कहा जाता है के आक्रमण की संभावना रहती है। अत: किसान भाई अपने खेतों का सतत् रूप से भ्रमण कर सतर्क रहें। फौजी कीट हरे भुरे रंग की 3 से 4 सेंटीमीटर लम्बाई की इल्ली होती है इसके सिर पर अग्रेजी के अंक्षर वाय का उलटा निशान रहता है तथा शरीर का उदर भाग 8 भागों में विभक्त रहता है इसके शरीर में चार गाडे रंग के धब्बे रहते है इसकी इल्लीयां तैयार फसल में रात के समय आक्रमण करती है तथा हवा के माध्यम से एक खेत से दूसरे खेत में तेजी से फैलती है। ये धान की बालियों को खाती कम है काटकर गिराती ज्यादा है। जिससे ये खेत की पूरी फसल को हानि पहुंचाती है। किसानों को सलाह दी गई है कि यदि उनके खेत में फौजी कीट दिखाई दें तो इसके नियंत्रण के लिए डायक्लोरोवास 250 मिली. 600 से 700 लीटर पानी में घोलकर प्रति एकड की दर से छिडकाव शाम के समय करें या 2 प्रतिशत मिथाईल पैराथियान पाउडर का 8 किग्रा प्रति एकड की दर से भुरकाव करें। खेतों की पारों एवं दरारों में इसे अवश्य डाले। अधिक जानकारी के लिये अपने क्षेत्र के कृषि अधिकारियों से सम्पर्क करें।
वारासिवनी के किसानों ने किया कृषि विज्ञान केन्द्र बड़गांव का भ्रमण
25 सितम्बर से प्रारंभ होकर 20 अक्टूबर 2014 तक चलने वाले कृषि महोत्सव के अंतर्गत गत दिवस वारासिवनी विकासखंड के विभिन्न ग्रामों के किसानों का दल कृषि विज्ञान केन्द्र बड़गांव पहुंचा। केन्द्र के वैज्ञानिक डॉ. आर.एल. राउत ने किसानों को केन्द्र का भ्रमण कराया और सामयिक विषयों पर किसानों को उपयोगी जानकारी दी। उन्होंने किसानों को धान की फसल पर लगने वाले कीट भूरा माहो, तना छेदक, सावरदेही, धान में लाई का आना आदि के बारे में बताया और इससे बचाव के तरीके बताये। उन्होंने किसानों को रबी सीजन में लगाने के लिए गेहूं, चना, अलसी, सरसों की उन्नतशील किस्मों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने किसानों को वर्तमान सीजन में लगाई जाने वाली सब्जियों एवं फलों के रखरखाव व उत्पादन की विधि भी बताई।

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