चक्रवाती तूफान हुदहुद से तबाह हुए विशाखापत्तनम(विजाग) में लगातार दूसरे दिन सोमवार को भी बिजली आपूर्ति और मोबाइल फोन सेवाएं ठप रही। हुदहुद के डर से रविवार को घरों में कैद रहे लोग इसके कमजोर पडने पर सोमवार को बाहर निकले। लेकिन यहां सामान्य जनजीवन पूरी तरह पटरी से उतर गया है। दूध, प्याज सहित सभी आवश्यक वस्तुओं के दाम आसमान पर हैं।
बंगाल की खाडी से उठा शक्तिशाली चक्रवाती तूफान हुदहुद रविवार को शहर के करीब तट पर पहुंचा था, जिसने बिजली और संचार नेटवर्क को क्षतिग्रस्त कर दिया। अधिकारियों ने शनिवार देर रात एहतियात के तौर पर बिजली आपूर्ति बंद कर दी थी, लेकिन 185 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चली हवा ने नेटवर्क को छिन्नभिन्न कर दिया है। इस वजह से बिजली आपूर्ति की पुन: बहाली मुश्किल हो गई है। हुदहुद से विशाखापत्तनम और श्रीकाकुलम जिलों में बिजली के सैकडों खंभे और टॉवर गिर गए। टेलीविजन, मोबाइल और इंटरनेट सेवाएं प्रभावित होने से करीब 18 लाख की आबादी वाले इस शहर का देश के बाकी हिस्से से संपर्क टूट गया है। लोग मौसम संबंधी जानकारी पाने के लिए रेडियो पर निर्भर हैं। इधर विजाग हवाईअड्डा भी फिलहाल बंद है। माना जा रहा है कि तूफान से करीब 10 हजार करोड रूपए की संपत्ति का नुकसान हुआ है।
आंध्र प्रदेश में रविवार को आए चक्रवाती तूफान हुदहुद के कारण राज्य में 21 लोगों की जान चली गई। अधिकारियों ने यह जानकारी सोमवार को दी। सर्वाधिक प्रभावित विशाखापत्तनम जिले में 15 लोगों की मौत हुई है। विजयनगरम जिले में पांच,जबकि श्रीकाकुलम जिले में एक व्यक्ति की मौत हुई है। राज्य सरकार के संचार सलाहकार प्रकाला प्रभाकर ने संवाददाताओं से सोमवार शाम कहा कि अधिकांश मौतें पेडों के गिरने की वजह से हुई है। उल्लेखनीय है कि रविवार को अधिकारियों ने मृतकों की संख्या पांच बताई थी।

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