तेज हवाओं के साथ जारी है बारिश, सैकड़ों पेड़ धरासाई, टिन शेड व झुग्गी-झोपडि़या उखड़े। बिजली आपूर्ति ठप, धान की फसल को भारी क्षति, खेतों में ही लोट गई तैयार फसल, स्कूल-कालेज बंद, गंगा में उठ रही उंची-उंची लहरें। अधिकतम तापमान 20 डिग्री पर, 50 किमी घंटे की रफ्तार से चल रही हवाएं, मौसम विभाग के मुताबिक तापमान में गिरावट व बारिश जारी रहेगी
काशी, भदोही, मिर्जापुर, जौनपुर, आजमगढ़, गाजीपुर, बलिया व चंदौली समेत पूरा पूर्वांचल हुदहुद की चपेट में आ गया है। तगड़ी तो नहीं है लेकिन 50 किमी घंटे की रफतार से चल रही तेज हवाओं के बीच बारिश ने लोगों की होश उड़ा दी है। तेज हवाओं ने जहां सैकड़ों पेड़ धरासाई, टिन शेड व झुग्गी-झोपडि़या उखाड़ दी है वहीं बिजली आपूर्ति ठप है। धान की फसल को भारी क्षति हुआ है। तैयार फसल खेतों में ही लोट गई है। स्कूल-कालेज बंद हो गए है। गंगा में तीन-चार फुट तक उठ रही उंची-उंची लहरों ने लोगों में कौतूहल पैदा कर दी है। मौसम विभाग के मुताबिक तापमान में गिरावट व बारिश अगले 24 घंटे तक जारी रहने के आसार है। तापमान में गिरावट ने लोगों को सर्दी का एहसास कराया। बुजुर्ग तो शाल या कंबल में लिपटे दिखे। दुकानदारों के सामने दीवाली की बिक्री को लेकर संकट पैदा हो गया है। हालांकि बारिश और खुशनुमा मौसम में लोगों ने दोस्तों के साथ मिलकर खूब मस्ती की। हुदहुद के चलते नेपाल में भारी बारिश की आशंका बनी हुई है।
इसके चलते वहां से पानी घाघरा और राप्ती में बाढ़ में आ सकती है। इसको देखते हुए सीतापुर, लखीमपुर, बहराइच, श्रावस्ती, गोंडा, महराजगंज और गोरखपुर हाई एलर्ट जारी किया गया है। मौसम में बदलाव का असर खेती के लिए नुकसान और नफा दोनों ही बनकर आया है। दो दिनों तक ईस्ट यूपी के कुछ जिलों में भारी बारिश की भविष्यवाणी मौसम विभाग ने की है। पकने की स्थिति में पहुंच चुकी धान की फसल पर इसका नुकसान दिख सकता है। धान की महक बढ़ाने में मौसम कारगर भी हो सकता है। कृषि विशेषज्ञ डॉ. पद्माकर के मुताबिक जो अर्ली वरायटी के धान पहले रोपे गए थे वह बारिश और हवा के चलते खेत में फसल गिर सकती है। हालांकि लेट व कमजोर मानसून के चलते इस बार धान की रोपाई भी देर से हुई। बारिश से नमी का फायदा मिल सकता है। सरसों, आलू, गन्ना, मटर,चना जैसी फसलों की अब बुवाई शुरू होनी है। नमी होने के चलते खेत तैयार करना आसान होगा।
(सुरेश गांधी )

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