दो राज्यों के विधानसभा चुनाव का मतदान बुधवार को है। महाराष्ट्र एसेंबली के लिए वोटिंग होने में कुछ ही घंटे बचे हैं। ऎसे में बौखलाई शिवसेना ने प्रधानमंत्री व भाजपा के मुख्य प्रचारक नरेंद्र मोदी पर सबसे बडा हमला बोला है। भाजपा व मोदी पर ऎसा हमला करने की जुर्रत शिवसेना ही कर सकती है। मंगलवार को शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना के एक लेख के जरिए मोदी पर व्यक्तिगत हमला बोला है। सामना के इस लेख में कहा गया है कि लोकसभा चुनाव में शिवसेना के समर्थन के बिना मोदी के पिता दामोदरदास भी बहुमत नहीं दिला पाते।
शिवसेना नेता प्रेम शुक्ला ने सामना में लिखी इस टिप्पणी को सही ठहराते हुए कहा कि बीजेपी शिवसेना पर लगातार हमले करती रही है, ऎसे में हमने अगर एक छोटी सी कहावत कह दी तो इस पर हल्ला मचाने की क्या जरूरत है। सामना में लिखा है कि लोकसभा चुनाव में बीजेपी को अकेले दम पर जनादेश नहीं मिला। बीजेपी पर ताना मारते हुए लिखा गया है,अब मतलब निकल गया तो पहचानते भी नहीं, इसलिए बीजेपी का ढोंग सामने लाना हमारा कर्तव्य है। मोदी को निशाना बनाते हुए सामना में लिखा गया है, "जो मोदी प्रधानमंत्री पद की उम्मीदवारी घोषित होने पर आडवाणी के विरोध के चलते शिवसेना के समर्थन के संकेत में पुष्प गुच्छ लिए घंटे भर इंतजार करते रहे थे,वही मोदी मतलब निकल गया तो पहचानते नहीं मोड में आ गए। जिन शिवसेना प्रमुख की नकल के बलबूते नमो का सियासी उदय हुआ,उसी शिवसेना के खात्मे की योजना बनाने लगे।
पहला संकेत मंत्रिमंडल के गठन में दे दिया गया।" आगे लिखा गया है,"अकेले बीजेपी के नाम पर जनादेश तो मिला नहीं था बीजेपी को। यदि शिवसेना ने बीजेपी स्टाइल में ही लोकसभा चुनावों के पहले दांव मारा होता तो मोदी के पिता दामोदरदास भी बीजेपी को 2014 में पूर्ण बहुमत नहीं दिला पाते।" इस लेख में बीजेपी को दुश्मन नंबर वन बताया गया है। इसमें कहा गया है कि कांग्रेस और एनसीपी तो मरे हुए सांप हैं। यदि कोई इस मैदान में उनका दुश्मन है तो वह है बीजेपी।
उन्होंने सत्ता के लोभ में 25 साल का गंठबंधन तोड दिया। सत्ता के लोभ में बीजेपी बह गई है। सामना में लिखा है कि बीजेपी ने महाराष्ट्र चुनाव में शिवसेना को हराने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनका पूरा मंत्रिमंडल इस काम में लग गया है। लेख में शिवसेना की ओर से मराठी अस्मितता का मुद्दा उठाकर भाजपा को घेरने की कोशिश की गई है। शिवसेना ने कहा है कि मराठी हित की दुहाई देकर वोट मांग रही भाजपा येदियुरप्पा और मनोहर पर्रिकर जैसे नेता से चुनाव प्रचार करवा रहे थे। कर्नाटक के मराठी भाषियों पर अत्याचार करने वाले येदियुरप्पा को प्रचार में उतारा है। संपादकीय में कहा गया है कि मनोहर पर्रिकर ने गोवा में मराठी भाषा को राजभाषा का दर्जा देने का वादा किया था, लेकिन उससे मुकर गए। अब ये लोग किस मुंह से महाराष्ट्र में मराठी हित की बात कर रहे हैं। महाराष्ट्र में रह रहे गुजराती भाइयों को बहकाया जा रहा है, लेकिन महाराष्ट्र के गुजराती भाइयों की निष्ठा महाराष्ट्र और बाला साहेब ठाकरे पर है। लेख में यह भी लिखा है कि भाजपा मुलायम-लालू की तरह जातिवाद और प्रांतवाद की राजनीति कर रही है।
शिवसेना ने कहा है कि बाला साहेब ठाकरे का महाराष्ट्र कभी भी गलत कदम नहीं उठाएगा। सामना में लिखा है कि भाजपा को पाकिस्तान को हराने के लिए केंद्र में बिठाया गया था लेकिन वह खुद पाक विरोधियों की जड खोदने में लग गई है। राज्यों के भाजपा सांसदों और मंत्रियों को भाजपा ने चुनाव मैदान में उतारा है। खुद देश के प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और केंद्रीय मंत्रीमंडल की फौज महाराष्ट्र में उतरी है और शिवसेना को हराने का बीडा उठाया है। गौरतलब है कि जबसे शिवसेना और भाजपा का गठबंधन टूटा है तबसे सामना में लगातार बीजेपी और पीएम मोदी पर हमला किया जा रहा है।

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